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This Article is From Sep 04, 2013

संन्यास की घोषणा की मुझे कोई जल्दी नहीं : सचिन तेंदुलकर

संन्यास की घोषणा की मुझे कोई जल्दी नहीं : सचिन तेंदुलकर
सचिन तेंदुलकर का फाइल चित्र
नई दिल्ली: मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के 200 टेस्ट खेलने के बाद संन्यास लेने की अटकलों के बीच सीनियर भारतीय बल्लेबाज ने कहा है कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा करने की कोई जल्दी नहीं है।

संन्यास के बारे में पूछे जाने पर सचिन तेंदुलकर ने कहा, ''मुझे नहीं लगता कि फिलहाल मुझे ऐसा कुछ करने की जरूरत है...'' एक समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा, ''जल्दबाजी की क्या जरूरत है... मेरा एक ही फॉर्मूला रहा है, काफी आगे के बारे में मत सोचो... मैं अपने करियर में इसी तरह चला हूं...''

भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) ने दक्षिण अफ्रीका दौरे से पहले वेस्ट इंडीज़ के खिलाफ घरेलू टेस्ट शृंखला का इंतजाम किया है, जिससे अटकलें लगाई जाने लगी हैं कि ऐसा सचिन तेंदुलकर को घरेलू सरजमीन पर उपलब्धि हासिल करने का मौका देने और उन्हें भव्य विदाई देने के लिए किया गया है।

सचिन तेंदुलकर ने 24 साल के अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान विश्व क्रिकेट में सर्वाधिक 51 टेस्ट शतकों की मदद से 53.86 की औसत से सर्वाधिक 15,837 टेस्ट रन बनाए। इस स्टार बल्लेबाज ने पिछले साल ही एक-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की थी, जिसमें उन्होंने 463 मैच खेलकर 49 शतकों की मदद से 44.83 की औसत के साथ सर्वाधिक 18,426 रन बनाए।

खेल के सर्वकालिक महान बल्लेबाजों में शामिल किए जाने वाले सचिन तेंदुलकर को उनके लाखों प्रशंसकों ने 'क्रिकेट के भगवान' की उपमा दी है, लेकिन मुंबई के इस दिग्गज बल्लेबाज ने कहा कि वह सिर्फ एक क्रिकेटर हैं, जो गलतियां भी करता है, जबकि भगवान ऐसा नहीं करते। तेंदुलकर ने कहा, ''मैं भगवान नहीं हूं... मैं सिर्फ क्रिकेट खेलता हूं... ऊपर वाले की दुआ है... अब तक जो भी मेरे जीवन में आया, उसका शुक्रिया... हम सभी गलतियां करते हैं... अगर मैं गलतियां नहीं करता तो कभी आउट ही नहीं होता... मैं सिर्फ अपना खेल खेलता हूं...''

सचिन तेंदुलकर को वर्ष 1999 में मुश्किल दौर से गुजरना पड़ा था, जब उनके पिता रमेश तेंदुलकर का अचानक निधन हो गया था। यह बल्लेबाज उस समय इंग्लैंड में विश्वकप में खेल रहा था। यह दिग्गज बल्लेबाज अंतिम संस्कार के लिए स्वदेश आया और तीन दिन बाद इंग्लैंड लौटकर केन्या के खिलाफ 140 रन की पारी खेलकर भारत को जीत दिलाई।

सचिन तेंदुलकर ने पिता को याद करते हुए कहा, ''मुझे मेरे पिता की कमी खलती है... मैंने वर्ष 1999 में अपने पिता को गंवा दिया था... अब काफी समय बीत चुका है... और उसके बाद काफी चीजें हो चुकी हैं, लेकिन अब भी मुझे उनकी कमी खलती है...''

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