
राज कुंद्रा (फाइल फोटो)
क्रिकेट से जुड़ी सभी तरह की गतिविधियों में हिस्सा लेने से निलंबित किए गए राजस्थान रॉयल्स के पूर्व को-ओनर राज कुंद्रा ने कहा कि उनके साथ गलत हुआ है। उन्होंने कहा, 'मेरे खिलाफ किसी तरह का सबूत नहीं होने के बावजूद मुझे दोषी ठहराया गया।'
उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति की हरकतों के लिए पूरी टीम के साथ 'कड़ा बर्ताव' किया जाना, अन्याय है। बता दें कि जस्टिस लोढ़ा पैनल ने मंगलवार को अपने फैसले में चेन्नई सुपरकिंग्स ओर राजस्थान रॉयल्स को 2013 के स्पॉट फिक्सिंग और सट्टेबाजी के मामले में दो साल के लिए IPL से निलंबित कर दिया था। कुंद्रा ने कहा कि जांच में सहयोग देने का उलटा असर हुआ।
कुंद्रा ने कहा, 'आज का दिन मेरे लिए काफी निराशाजनक और दुखद है क्योंकि मेरी निष्ठा पर सवाल उठाया गया है और लगता है कि इस जांच में मेरे सहयोग का उलटा असर पड़ा। ' चेन्नई टीम के पूर्व प्रिंसिपल और आईसीसी चेयरमैन एन श्रीनिवासन के दामाद गुरुनाथ मयप्पन और कुंद्रा को बीसीसीआई से जुड़ी किसी भी क्रिकेट गतिविधि से आजीवन प्रतिबंधित कर दिया गया है।
कुंद्रा ने कहा, 'माननीय उच्चतम न्यायालय और न्यायिक प्रक्रिया के प्रति मेरे दिल में बहुत सम्मान है। दुर्भाग्यवश, इस मामले में मुझे लगता है कि मेरे साथ गलत हुआ है ।' उन्होंने कहा, 'मैं उनसे उन सबूतों को साझा करने की गुजारिश करुंगा जो उन्होंने मेरे खिलाफ जुटाए ताकि मुझे कम से कम यह तो पता चले कि किस आधार पर मेरी कड़ी मेहनत से अर्जित ख्याति को नुकसान पहुंचाया गया। वैसे भी भारत में क्रिकेट से मैंने नाता तोड़ दिया है।'
कुंद्रा ने कहा,'यह ज्याददती है कि पूरी टीम, बाकी मालिकों, प्रबंधन टीम, खिलाड़ियों और राजस्थान रॉयल्स के समर्थकों के साथ किसी एक व्यक्ति की कथित हरकतों के कारण ऐसा बर्ताव किया गया। मेरा तो इसमें सिर्फ 11 . 7 प्रतिशत हिस्सा है।' उन्होंने कहा, 'मैंने पहले दिन से हमेशा मुदगल समिति के साथ सहयोग किया और मदद की। मुझे अभी तक उनकी अंतिम रिपोर्ट की प्रति नहीं मिली है जिसमें मेरे खिलाफ डीटेल्ड निष्कर्ष दर्ज किए गए हैं।'
उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति की हरकतों के लिए पूरी टीम के साथ 'कड़ा बर्ताव' किया जाना, अन्याय है। बता दें कि जस्टिस लोढ़ा पैनल ने मंगलवार को अपने फैसले में चेन्नई सुपरकिंग्स ओर राजस्थान रॉयल्स को 2013 के स्पॉट फिक्सिंग और सट्टेबाजी के मामले में दो साल के लिए IPL से निलंबित कर दिया था। कुंद्रा ने कहा कि जांच में सहयोग देने का उलटा असर हुआ।
कुंद्रा ने कहा, 'आज का दिन मेरे लिए काफी निराशाजनक और दुखद है क्योंकि मेरी निष्ठा पर सवाल उठाया गया है और लगता है कि इस जांच में मेरे सहयोग का उलटा असर पड़ा। ' चेन्नई टीम के पूर्व प्रिंसिपल और आईसीसी चेयरमैन एन श्रीनिवासन के दामाद गुरुनाथ मयप्पन और कुंद्रा को बीसीसीआई से जुड़ी किसी भी क्रिकेट गतिविधि से आजीवन प्रतिबंधित कर दिया गया है।
कुंद्रा ने कहा, 'माननीय उच्चतम न्यायालय और न्यायिक प्रक्रिया के प्रति मेरे दिल में बहुत सम्मान है। दुर्भाग्यवश, इस मामले में मुझे लगता है कि मेरे साथ गलत हुआ है ।' उन्होंने कहा, 'मैं उनसे उन सबूतों को साझा करने की गुजारिश करुंगा जो उन्होंने मेरे खिलाफ जुटाए ताकि मुझे कम से कम यह तो पता चले कि किस आधार पर मेरी कड़ी मेहनत से अर्जित ख्याति को नुकसान पहुंचाया गया। वैसे भी भारत में क्रिकेट से मैंने नाता तोड़ दिया है।'
कुंद्रा ने कहा,'यह ज्याददती है कि पूरी टीम, बाकी मालिकों, प्रबंधन टीम, खिलाड़ियों और राजस्थान रॉयल्स के समर्थकों के साथ किसी एक व्यक्ति की कथित हरकतों के कारण ऐसा बर्ताव किया गया। मेरा तो इसमें सिर्फ 11 . 7 प्रतिशत हिस्सा है।' उन्होंने कहा, 'मैंने पहले दिन से हमेशा मुदगल समिति के साथ सहयोग किया और मदद की। मुझे अभी तक उनकी अंतिम रिपोर्ट की प्रति नहीं मिली है जिसमें मेरे खिलाफ डीटेल्ड निष्कर्ष दर्ज किए गए हैं।'
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