खत्म हुई जिंबाब्वे टी20 सीरीज में जहां वैभव सूर्यवंशी ने अपनी जगह और पक्की करते हुए प्रबंधन को भरोसा दिया, तो प्रिंस यादव और यश ठाकुर ने भी मौकों का फायदा उठाते हुए दिखाया कि वे लंबी रेस के घोड़े हैं, लेकिन भारतीय टीम कुछ बड़ी चिंता के साथ भी वापस लौटी हैं. और इनमें सबसे ऊपर हैं लेफ्टी अभिषेक शर्मा, जिनकी नाकामी ने संजू सैमसन को भी चर्चा में ला दिया है. पूर्व बल्लेबाज हनुमान विहारी ने जिम्बाब्वे में खराब फॉर्म के बावजूद अभिषेक शर्मा को लगातार समर्थन देने के टीम इंडिया के फैसले पर सवाल उठाया है. पूर्व भारतीय बल्लेबाज का मानना है कि चयनकर्ताओं ने अभिषेक और संजू सैमसन के लिए अलग-अलग मानक अपनाए हैं. खासकर तब जब बड़े टूर्नामेंटों में अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद सैमसन को अपनी जगह गंवानी पड़ी थी.
'अभिषेक के 18 मैचों में 3 अर्द्धशतक'
अपने यूट्यूब चैनल विहारी ने कहा, 'टी20 विश्व कप से पहले संजू सैमसन ने लगातार पांच मैचों में खराब प्रदर्शन किया था और उन्हें शुरुआती एकादश (प्लेइंग इलेवन) से बाहर कर दिया गया था. इसके बाद उन्होंने जोरदार वापसी की और भारत के सबसे शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों में से एक बन गए. उन्होंने वापसी की और 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' बने। उसी टूर्नामेंट में अभिषेक शर्मा ने कितने रन बनाए?.' उन्होंने अभिषेक के हालिया आंकड़ों पर भी प्रकाश डालते हुए कहा, 'ब्रिटेन (UK) सीरीज में उनके एक अर्धशतक को छोड़कर कोई स्कोर नहीं था. 20 और 30 रन भी नहीं, कोई बड़ा स्कोर नहीं. पिछले आठ मैचों में सिर्फ एक अर्धशतक. अगर आप विश्व कप को भी शामिल कर लें, तो पिछले 18 मैचों में उनके तीन ही अर्धशतक हैं.'
विहारी ने तर्क दिया कि सैमसन ने भारत के टी20 विश्व कप विजेता अभियान के दौरान लगातार तीन अर्धशतक बनाकर तब खुद को साबित किया जब इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी, लेकिन इसके बावजूद युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी के विकल्प के रूप में उभरने के बाद उन्हें टीम में अपनी जगह गंवानी पड़ी.
सैमसन पर फिर क्यों गिरती है गाज?
चयन नीति पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, 'सैमसन ने विश्व कप में कितने मैच खेले? तीन. और तीनों में अर्धशतक लगाए, लेकिन पांच मैचों में अभिषेक का उच्चतम स्कोर 16 है. इस बारे में कोई बात क्यों नहीं कर रहा है? जब सैमसन की बात आती है, तो वे कहते हैं कि उनके प्रदर्शन में निरंतरता नहीं है, लेकिन वह अपने दिन पर दबाव वाले मैच जिता सकते हैं.' विहारी ने बात खत्म करते हुए कहा, 'अभिषेक एक ऐसे खिलाड़ी हैं जिनके बारे में बहुत चर्चा (हाइप) होती है, लेकिन सैमसन भी उनके बराबर ही हैं. उन्होंने आईपीएल में भी प्रदर्शन किया है। अलग-अलग खिलाड़ियों के लिए अलग-अलग नियम क्यों हैं?'
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