सिडनी:
ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान इयान चैपल का मानना है कि ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी का सूरज डूब गया है। चैपल ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में अगर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) ने घरेलू स्तर पर बल्लेबाजों को विकसित करने के मुद्दों पर चर्चा नहीं कि तो शायद ही रिकी पोंटिंग, माइकल हसी और माइकल क्लार्क जैसे बल्लेबाज पैदा होंगे।
क्रिकेट में हो रहे व्यापारिक बदलावों के कारण चैपल को लगता है कि ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों की मनोदशा भी बदल गई है।
वेबसाइट क्रिक इंफो डॉट कॉम ने चैपल के हवाले से लिखा है, "हम बल्लेबाजों की विकास प्रक्रिया में खोट से वाकिफ नहीं हैं। उदाहरण के लिए, मैंने कई अंडर-19 विश्वकप में कई बल्लेबाजों को देखा है। जो कुछ वर्तमान में हो रहा है उसमें कोई बदलाव नहीं है।"
"बल्लेबाजों को विकसित करने में हम जो तरीके अपना रहे हैं, वे काम नहीं कर रहे हैं। इसलिए मुझे लगता है कि उनमें बदलाव होना चाहिए।"
चैपल ने कहा कि कोच की नियुक्ति और चयनकर्ताओं को बदलने से इन समस्याओं पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। सीए को इस बात पर ध्यान देना होगा कि किस तरह से बल्लेबाज विकसित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा, "मैंने इस बारे में किसी को बात करते नहीं सुना। हर कोई कोच या मैनेजर को बदलने की बात करता है। इनके बदलने से चीजें नहीं बदलेंगी। हमें अपनी मुख्य समस्या दूर करनी होगी।"
"हमें कहीं से शुरुआत करनी होगी। मैंने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में कई बड़ी समस्याएं देखी है और मुझे लगता है कि उन पर कोई चर्चा नहीं हो रही है। सीए को जूनियर स्तर पर खेले जाने वाले क्रिकेट, पिचों और ट्वेंटी-20 मैचों हो रही वृद्धि जैसे मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए।"
क्रिकेट में हो रहे व्यापारिक बदलावों के कारण चैपल को लगता है कि ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों की मनोदशा भी बदल गई है।
वेबसाइट क्रिक इंफो डॉट कॉम ने चैपल के हवाले से लिखा है, "हम बल्लेबाजों की विकास प्रक्रिया में खोट से वाकिफ नहीं हैं। उदाहरण के लिए, मैंने कई अंडर-19 विश्वकप में कई बल्लेबाजों को देखा है। जो कुछ वर्तमान में हो रहा है उसमें कोई बदलाव नहीं है।"
"बल्लेबाजों को विकसित करने में हम जो तरीके अपना रहे हैं, वे काम नहीं कर रहे हैं। इसलिए मुझे लगता है कि उनमें बदलाव होना चाहिए।"
चैपल ने कहा कि कोच की नियुक्ति और चयनकर्ताओं को बदलने से इन समस्याओं पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। सीए को इस बात पर ध्यान देना होगा कि किस तरह से बल्लेबाज विकसित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा, "मैंने इस बारे में किसी को बात करते नहीं सुना। हर कोई कोच या मैनेजर को बदलने की बात करता है। इनके बदलने से चीजें नहीं बदलेंगी। हमें अपनी मुख्य समस्या दूर करनी होगी।"
"हमें कहीं से शुरुआत करनी होगी। मैंने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में कई बड़ी समस्याएं देखी है और मुझे लगता है कि उन पर कोई चर्चा नहीं हो रही है। सीए को जूनियर स्तर पर खेले जाने वाले क्रिकेट, पिचों और ट्वेंटी-20 मैचों हो रही वृद्धि जैसे मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए।"
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