
दिल्ली के कप्तान गौतम गंभीर ने वीरेंद्र सहवाग का समर्थन करते हुए कहा कि रणजी ट्रॉफी के नॉकआउट राउंड से टीम के बाहर होने के लिए सिर्फ इस विस्फोटक बल्लेबाज की खराब फार्म को जिम्मेदार ठहराना अनुचित होगा।
सहवाग की खराब फार्म इस रणजी ट्रॉफी सत्र में चर्चा का विषय रही, जिसमें उन्होंने 13 पारियों में 20 से भी कम औसत से 234 रन बनाए हैं।
गंभीर ने साक्षात्कार में कहा, देखिए, अगर हममें से प्रत्येक खिलाड़ी ने बेहतर प्रदर्शन किया होता तो दिल्ली रणजी ट्रॉफी जीतने की दौड़ में होती। इस सलामी बल्लेबाज ने कहा, वीरू के लिए अच्छा सत्र नहीं रहा, लेकिन यह खेल में होता है। यही खेल की खूबसूरती है। यह मिथुन मन्हास और मेरी जिम्मेदारी थी कि हम टीम को आगे ले जाएं। सच कहूं तो हमारे लिए पंजाब के खिलाफ पहली पारी काफी खराब रही, जिसमें हम बड़ी बढ़त हासिल नहीं कर सके। वीरू को दिल्ली के नॉकआउट के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाने की असफलता के लिए जिम्मेदार ठहराना ठीक नहीं है।
गंभीर ने हरियाणा के युवा नवदीप सैनी को रणजी ट्रॉफी में खिलाने के फैसले का भी बचाव किया। दिल्ली राज्य से बाहर के सैनी को अंतिम एकादश में चुनने के लिए उनकी काफी आलोचना भी हुई। उन्होंने कहा, जिन्होंने नवदीप को खिलाने के मेरे फैसले पर सवाल उठाये, उन्हें ये देखना चाहिए कि बीते समय में दिल्ली की ओर से ऐसे कितने खिलाड़ी खेले हैं, जो राज्य के नहीं थे। गंभीर ने कहा, किसी व्यक्तिगत राय के बारे में मैं कोई टिप्पणी नहीं करना चाहूंगा। मेरे लिए यह महत्वपूर्ण है कि वह खिलाड़ी टीम के लिए मूल्यवान है या नहीं।
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं