Mohammed Shami Exclusive: पिछले साल खेले गए World Cup 2023 में भारत को फाइनल में पहुंचाने में अहम योगादन देने वाले और टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट चटकाने वाले भारतीय मीडियम पेसर मोहम्मद शमी ने NDTV से खास बातचीत में खुलासा करते हुए कहा है कि उन्होंने इस मेगा टूर्नामेंट के लिए बहुत ही खास तैयारी की थी. साथ ही, उन्होंने अपनी इस खास तैयारी के तरीके को भी उजागर करते हुए विस्तार से इस बारे में बताया. राजधानी दिल्ली में मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले अर्जुन अवार्ड समारोह की पूर्व संध्या पर आयोजित डिनर के मौके पर पुरस्कार को अपने लिए एक बड़ा सम्मान बताया. शमी ने खास सवाल पर पड़ोसी देश पाकिस्तान पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग तो मेरी सफलता पर गेंद को लेकर शक जाहिर कर रहे थे (कहते हुए हंस पड़ते हैं). इसके बाद शमी ने मजाक से हटकर बात करते हुए कहा कि आईसीसी टूर्नामेंट में मेरी कोशिश यही रहती है कि अपना सर्वश्रेष्ठ दिया जाए और अपनी टीम को जिताकर वापस लाया जाए.
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इस पेसर ने कहा कि मेरी हमेशा ही यह कोशिश रही है कि आपमें जितना दम है, उससे ज्यादा प्रदर्शन किया जाए. और मैं अपना माइंडसेट भी ऐसा ही रखने की कोशिश करता हूं कि कोई भी कसर बाकी न रह जाए, जिससे बात में यह सोचना पड़े कि मैं यह कर सकता था. हमें पता चला है कि आपने विश्व कप की तैयारी के लिए घर पर ही तीन पिच बनवाई थीं? इस पर शमी ने कहा कि अभी आप खुद सीम (ग्लेन मैक्ग्रा का जिक्र) की बात कर रहे थे. पेसर बोले कि मैं किसी के साथ अपना तुलना नहीं करना चाहता, लेकिन जिन परिणाम के बारे में लोग बात करते हैं, वो आपको परिवार से मिलता है, बैकग्राउंड से मिलता है. कारण यह है हमने जो पहले मेहनत या तैयारी की है, उसे टूर्नामेंट खत्म होने के बाद मिली लय को बरकरार रखना होता है. और यही वजह रही कि मैंने हालात के हिसाब से अपने फॉर्म हाउस पिर पिचें तैयार बनवाई हैं.
शमी ने कहा कि मैंने छह पिचें बनवाई थीं और यह सभी अलग-अलग तरह की थीं. इससे मुझे खासी मदद मिलती है क्योंकि मुझे अलग-अलग हालात में खेलना होता है. मैं हालात विशेष के हिसाब से ही तैयारी करते हुए पिचों का इस्तेमाल करता हूं. दक्षिण अफ्रीका दौरे की आपको कमी खली? और अगर आप वहां होते, तो हो सकता था कि परिणाम अलग होता, पर शमी बोले कि दौरा कहीं का भी हो, अगर टीम में नहीं होता हूं, तो कमी खलती ही है. मेरा प्रयास यही होता है कि मैं हमेशा टीम का हिस्सा रहूं और टीम के लिए जो भी योगदान संभव हो, दे सकूं. बतौर खिलाड़ी यह जरूरी है कि आपको इसकी कमी खलती रहे. आपके भीतर जितनी भूख होगी, यह उतना ही अच्छा होगा.
वर्तमान में फिटनेस के स्तर के सवाल पर शमी ने कहा कि मेरी पूरी कोशिश जारी है. मैं जल्द से जल्द फिट होने की कोशिश करूंगा. देखते हैं कि कितना जल्द फिट होता हूं. अर्जुन अवार्ड बहुत कम क्रिकेटरों को मिला है, पर इस पेसर ने कहा कि मेरी कोशिश है कि मैं अपने काम और पैशन पर ध्यानकेंद्रित करता रहूं. लेकिन यह पुरस्कार मिला है, तो इस प्यार सम्मान और इस अवार्ड के लिए सभी का शुक्रिया. बस मेरी कोशिश यही है कि मैं अपनी टीम के लिए हमेशा अच्छा करता रहूं.
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