भारत और इंग्लैंड के बीच आज, 9 जुलाई को पांच मैचों की सीरीज का चौथा मुकाबला खेला जाएगा. काउंटी ग्राउंड पर होने वाले ये एक्शन भारत के लिए जीतना जरूरी है. मेहमान टीम 0-2 से पीछे है और सीरीज में बने रहने के लिए उन्हें जीत की जरूरत है. पहला मैच बारिश की वजह से नहीं हो पाया था, लेकिन इंग्लैंड ने खेले गए दोनों मैचों में दबदबा बनाए रखा. उन्होंने ट्रेंट ब्रिज में 125 रनों की जबरदस्त जीत के साथ अपनी वापसी को और मजबूत किया. मैच भारतीय समयानुसार रात 10 बजे से शुरू होगा.
भारत के कप्तान श्रेयस अय्यर के लिए गुरुवार का मैच कप्तानी संभालने के बाद अपनी पहली जीत दर्ज करने और सीरीज के आखिरी मैच से पहले टीम में जोश भरने का मौका है. हालाँकि, एक और हार का मतलब होगा कि इंग्लैंड एक मैच बाकी रहते ही सीरीज जीत लेगा और भारत के चयन और रणनीतिक फैसलों पर सवाल और बढ़ जाएंगे.
भारतीय धुरंधरों के सामने अब ब्रिस्टल की बाउंड्री का नया चैलेंज
इंग्लैंड की तेज और उछाल भरी गेंदों का सामना करने में भारतीय बल्लेबाजों को मुश्किल हो रही है, इसलिए अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि क्या भारत का थिंक-टैंक इस खराब प्रदर्शन को रोकने के लिए टीम में कोई बदलाव करेगा. ब्रिस्टल की पिच की बात करें तो ये पारंपरिक रूप से बल्लेबाजों के लिए मददगार रही है. यहां सीधी बाउंड्री छोटी होने के कारण अक्सर हाई-स्कोरिंग मैच देखने को मिलते हैं, हालांकि हाल के घरेलू T20 मैचों में स्कोर अपेक्षाकृत कम रहे हैं.
क्यों अनोखी है बाउंड्री?
ब्रिस्टल का मैदान अपने अनोखे डाइमेंशन छोटी सीधी बाउंड्री और बड़े पॉकेट्स के लिए जाना जाता है. बड़े पॉकेट्स' का मतलब मैदान के उन कोनों या हिस्सों से होता है, जहां बाउंड्री की दूरी काफी ज्यादा होती है. इन्हें आम तौर पर 'डीप मिड-विकेट', 'काउ कॉर्नर' 'डीप एक्स्ट्रा कवर्स' के क्षेत्र कहा जाता है. यह मैदान गोल न होकर अंडाकार है. यहां सामने की बाउंड्री छोटी है, लेकिन कोनों में बाउंड्री की दूरी बहुत ज्यादा है. इसके अलावा सामने की बाउंड्री से आसानी से रन मिलंगे, लेकिन कवर के ऊपर से, हुक पुल शॉट मारने में आउट होने का खतरा बना रहेगा.
दोनों टीमों के लिए अहम है चौथा मुकाबला
इंग्लैंड जहां एक ऐतिहासिक सीरीज जीत की उम्मीद कर रहा है, वहीं भारत लगातार दूसरी बाइलेटरल T20I सीरीज हार से बचने की कोशिश में है; ऐसे में गुरुवार का मुकाबला दोनों टीमों के लिए बहुत अहम है और एक कड़े मुकाबले की उम्मीद है.
क्या संजू सैमसन की होगी वापसी?
सबसे बड़ी चर्चा संजू सैमसन को लेकर है, जिन्हें युवा ओपनर वैभव सूर्यवंशी के लिए टीम से बाहर बैठना पड़ा था. अब भारत के सामने यह तय करने की चुनौती है कि क्या वे टॉप ऑर्डर का संतुलन बिगाड़े बिना इस अनुभवी बल्लेबाज को वापस टीम में शामिल करें. मिडिल ऑर्डर भी टीम को स्थिरता देने में नाकाम रहा है, जबकि अहम मौकों पर भारत की गेंदबाज़ी में धार की कमी दिखी है. स्पिनर, जिनसे मिडिल ओवरों में खेल पर कंट्रोल रखने की उम्मीद थी, लगातार दबाव बनाने में नाकाम रहे हैं, जिससे तेज गेंदबाजों पर ज्यादा जिम्मेदारी आ गई है.
वहीं, इंग्लैंड के पास उस कॉम्बिनेशन को बदलने की कोई वजह नहीं है जिसने हर विभाग में बेहतरीन प्रदर्शन किया है. फिल सॉल्ट की फॉर्म में वापसी से बल्लेबाजी मजबूत हुई है, जबकि जोफ्रा आर्चर और जोश टंग की तेज़ गेंदबाजों की जोड़ी ने अपनी गति और मूवमेंट से लगातार भारत के टॉप ऑर्डर को ध्वस्त किया है.
टीम इंडिया स्क्वाड: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह, रवि बिश्नोई, प्रसिद्ध कृष्णा, सूर्यांश शेडगे, वाशिंगटन सुंदर.
इंग्लैंड स्क्वाड: हैरी ब्रूक (कप्तान), फिल साल्ट, जोस बटलर (विकेटकीपर), टॉम बैंटन, जैकब बेथेल, सैम कुरेन, विल जैक, जोफ्रा आर्चर, लियाम डॉसन, आदिल राशिद, जोश टोंग, जॉर्डन कॉक्स, सोनी बेकर, ल्यूक वुड, साकिब महमूद, रेहान अहमद, जेम्स कोल्स.
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