England vs Nepal: टी20 विश्व कप 2026 में रविवार को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में गत चैंपियन इंग्लैंड के माथे पर बहुत ही ज्यादा सलवटें डालने के बाद पूरे क्रिकेट जगत में एसोसिएट्स देश नेपाल (Nepal) के चर्चे हैं. सैम करन की आखिरी ओवर में की गई सूझबूझ भरी गेंदबाजी के दम पर इंग्लैंड ने मैच बेशक 4 विकेट से जीत लिया, लेकिन नेपाल ने अपने प्रदर्शन से बता दिया कि उसे हल्के में लेने की भूल कोई भी टीम न करे. मैच के बाद नेपाल क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित पौडेल ने कहा,'लड़कों ने अपना सब कुछ झोंक दिया. मुझे उन पर बहुत गर्व है. नतीजा हमारे पक्ष में नहीं गया, लेकिन कोशिश के हिसाब से हमने खेल के हर विभाग में अपना शत प्रतिशत दिया. आखिरी ओवर में सैम करन ने बहुत अच्छी गेंदबाजी की. हम वहां से सुधार करेंगे. हमें एक टीम के तौर पर अपना 100 प्रतिशत देना होगा.'
रोहित ने कहा, 'हम इस विश्व कप में सिर्फ हिस्सा लेने नहीं आए. हम किसी भी टीम को हल्के में नहीं लेंगे.हमारे देश के प्रशंसक बहुत ही पैशनेट हैं. पूरा काठमांडू, नेपाल, हमें सपोर्ट करने के लिए यहां आया था. मुझे लगता है कि पूरे नेपाल को हम पर गर्व होगा. इस पर पर मुझे निराशा है, लेकिन साथ ही टीम पर बहुत गर्व भी है. जिस तरह से लड़कों ने इंग्लैंड के खिलाफ अपना पूरा प्रयास दिखाया, वह काबिले‑तारीफ है। मुझे लगता है कि आज जब हम मैदान पर उतरे, तो टीम को सिर्फ एक ही संदेश था कि हमारे पास जो भी है, मैदान पर 110% देंगे और मुझे लगता है कि लड़कों ने अपना सब कुछ झोंक दिया. यही बात उन्हें अलग बनाती है और मुझे उन पर बहुत गर्व है.'
क्या उन्हें अपनी टीम के ऐसे प्रदर्शन का भरोसा था? इस पर नेपाल के कप्तान ने कहा, 'इस विश्व कप में आने से पहले हमारे अंदर यह विश्वास था. हम यहाँ सिर्फ भाग लेने नहीं आए थे, हम मुकाबला करने आए थे. टीम में यह भरोसा था कि अगर हम अपना सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट खेलें, तो किसी भी टीम को हरा सकते हैं. और आज मुझे लगा कि हमने अपना सबसे अच्छा क्रिकेट खेला.' उन्होंने कहा, 'नतीजे के लिहाज़ से देखें तो आज परिणाम हमारे पक्ष में नहीं गया, लेकिन प्रयासों के लिहाज़ से मैं फील्डिंग, गेंदबाज़ी और बल्लेबाजी तीनों को ही मैं सौ में से सौ नंबर दूंगा'
डेथ ओवर्स (16-20) में अपनी गेंदबाजी पर रोहित ने कहा, 'हां, मुझे लगता है कि उस क्षेत्र में हम और बेहतर कर सकते हैं. इंग्लैंड भी डेथ ओवर्स में गेंदबाज़ी करते हुए संघर्ष कर रहा था, लेकिन आखिरी ओवर में सैम करन ने बहुत अच्छी गेंदबाज़ी की. डेथ ओवर्स में गेंदबाज़ों के लिए यॉर्कर या स्लो बाउंसर को सही तरह से डालना मुश्किल होता है. मुझे लगता है कि हम वहा थोड़े चूके, लेकिन साथ ही मुझे भरोसा है कि हम इससे सीखेंगे और सुधार करेंगे.'दीपेंद्र के साथ साझेदारी की प्लानिंग पर कप्तान ने कहा, 'हम बस हिसाब‑किताब कर रहे थे. आख़िरी पाँच ओवरों के लिए हम चाहते थे कि विकेट हाथ में रहें और हर ओवर में कम से कम 10 या 12 रन आएं. उसी पर हमारी चर्चा हो रही थी. हम पहले दो गेंदों को बाउंड्री के लिए टारगेट कर रहे थे और ओवर को खींचने की कोशिश कर रहे थे.'
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