T20 World Cup 2026: टी20 विश्व कप (T20 World Cup 2026) में रविवार को इंग्लैड मेगा इवेंट के इतिहास के सबसे बड़े उलटफेर से बाल-बाल बच गया. नेपाली टीम सिर्फ 5 रन और बना लेती, तो गत चैंपियन इंग्लैंड (England vs Nepal) के लिए यह किसी बड़े सदमे से कम नहीं होता. नेपाल ने इस तूफानी प्रदर्शन से बता दिया कि जब बात टी20 फॉर्मेट की आती है, तो एशिया से एक और टीम दुनिया भर में छा जाने को तैयार है. बहरहाल, जो नेपाल ने किया, वह टी20 विश्व कप के 21 साल के इतिहास में पहले कोई भी एसोसिएट्स देश (ICC द्वारा मान्यता प्राप्त देश है जहा क्रिकेट अच्छी तरह स्थापित और संगठित है, लेकिन जिसे पूर्ण सदस्य (टेस्ट खेलने वाला दर्जा) प्राप्त नहीं है. साल 2026 तक ऐसे 94–98 एसोसिएट सदस्य देश हैं) देश नहीं ही कर सका. और वह बात यह है कि जब किसी एसोसिएट्स देश के पूर्णकालिक टेस्ट दर्जा प्राप्त देश के खिलाफ जीत के सबसे नजदीक पहुंचने की बात आती है, तो नेपाल ने यह कारनामा एक नहीं बल्कि दो बार किया है.
मंजिल बस सामने थी, बस चूक गए!
किसी पूर्णकालिक टेस्ट दर्जा प्राप्त देश के खिलाफ सा 2024 में जीत से बस दो रन दूर रह गया था. यह किंगस्टन में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हुआ, जब लक्ष्य का पीछा करते हुए वह जीत से सिर्फ दो और मुकाबला टाई करने से एक रन दूर रह गया.
और कुछ ऐसा ही रविवार को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में गत चैंपियन इंग्लैंड के खिलाफ देखने को मिला. नेपाल धीरे-धीरे जीत के नजदीक पहुंचा, तो पूरा क्रिकेट जगत टीवी सेट और मोबाइल फोन से चिपका हुआ वर्ल्ड कप इतिहास के सबसे बड़े उलटफेर की उम्मीद कर रहा था, लेकिन वह इससे चार रन दूर रन गया. चलिए जानें कि टी20 विश्व कप इतिहास में किसी एसोसिएट्स देश की टेस्ट दर्जा प्राप्त देशों के खिलाफ शीर्ष 4 प्रदर्शन कौन से रहे
अंतर बनाम जगह
1 रन अफ्रीका बनाम नेपाल किंगस्टन (2024)
4 इंग्लैंड बनाम नेपाल मुंबई (2026)
4 अफ्रीका बनाम नीदरलैंड्स चटगांव (2014)
8 रन बांग्लादेश बनाम नीदरलैंड्स धर्मशाला (2026)
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