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क्या वैभव सूर्यवंशी दूसरे मैच में खेलेंगे? बॉलिंग कोच मॉर्कल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कर दिया साफ

शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में हमेशा की तरह सवाल मॉर्न मॉर्कल से सबसे ज्यादा सूर्यवंशी को लेकर ही हुए. और उन्होंने प्रबंधन के नजरिए को सामने रख दिया

क्या वैभव सूर्यवंशी दूसरे मैच में खेलेंगे? बॉलिंग कोच मॉर्कल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कर दिया साफ
भारतीय बॉलिंग मॉर्न मॉर्कल और वैभव सूर्यवंशी
Source: Social media

Morne Morkel on Vaibhav Sooryavanshi's debut: बुधवार को पहला टी20 मुकाबला बारिश से धुलने के बाद अब टीम श्रेयस अय्यर की नजरें बाकी बचे सीरीज के चार मैचों के तहत शनिवार को मैनचेस्टर में खेले जाने वाले दूसरे टी20 मैच पर लगी हैं.  पूरा इंग्लिश मीडिया और भारत से गए तमाम मीडियाकर्मियों की चिंता  भी मानो टीम के प्रदर्शन या हार-जीत से आगे वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) हो चले हैं. और चल रही चर्चा के बीच पूर्व संध्या पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए बॉलिंग कोच मॉर्ने मोर्कल ने साफ कर दिया कि उनका डेब्यू कराना आसान नहीं है. 

उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि टीम प्रबंधन सलामी बल्लेबाज संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा का समर्थन करना जारी रखेगा, भले ही 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू कराने की मांग लगातार बढ़ रही हो मौजूदा यूके (UK) दौरे पर जहां अभिषेक ने अपनी पिछली तीन पारियों में एक अर्धशतक और एक 49 रन की पारी खेली, तो वहीं सैमसन संघर्ष कर रहे हैं और उन्होंने 5, 0 और 1 रन बनाए हैं. इसके बावजूद मोर्कल ने कहा कि टीम उन खिलाड़ियों पर भरोसा दिखाने में विश्वास रखती है जिन्होंने पहले भारत के लिए अच्छा प्रदर्शन किया है.

पूर्व संध्या पर मोर्कल ने कहा, 'मुझे लगता है कि हमें इस बात का सम्मान करने की जरूरत है कि हमारे पास टी20 क्रिकेट के नंबर वन बल्लेबाज (अभिषेक शर्मा) मौजूद हैं. और आप जानते हैं कि संजू विश्व कप विजेता टीम के खिलाड़ी थे. सैमसन का आईपीएल शानदार रहा था. इसलिए, एक कोचिंग स्टाफ के रूप में अपने खिलाड़ियों पर भरोसा दिखाना और उनका समर्थन करना ही सही है. हां, एक युवा खिलाड़ी (वैभव सूर्यवंशी) मौका पाने के लिए दरवाजा खटखटा रहा है और यह रोमांचक है. लेकिन मेरा मानना है कि केवल शीर्ष के उन दो खिलाड़ियों के लिए ही नहीं, बल्कि बाकी पूरे समूह के लिए भी यह एक अच्छा संकेत है कि हम यह दिखाएं कि हम आपका समर्थन करते हैं.हम खिलाड़ियों को उनकी स्थिति से अलग बल्लेबाजी नहीं कराना चाहते.'

मोर्कल ने कहा कि प्लेइंग इलेवन (प्लेइंग-11) का चयन केवल किसी नए खिलाड़ी को अंदर लाने के बारे में नहीं है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कोचिंग स्टाफ खिलाड़ियों के बल्लेबाजी क्रम में बार-बार बदलाव करने से भी बचना चाहता है. उन्होंने व्याख्या करते हुए कहा, 'मैच के दिन, मैदान पर प्रदर्शन करना ही सबसे महत्वपूर्ण बात है. यही मुख्य चाबी है. लेकिन हम बहुत ज्यादा सोच-विचार कर अन्य खिलाड़ियों को उनके तय क्रम से बाहर भेजकर बल्लेबाजी नहीं कराना चाहते. इसलिए मेरा मानना है कि यह इतना सीधा और आसान नहीं है कि चलो (सूर्यवंशी को) खिला लेते हैं.'

उन्होंने आगे कहा, 'यह उन खिलाड़ियों का समर्थन करने का मामला है जिन्होंने विश्व कप जीते हैं, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में आपके लिए वास्तव में अच्छा प्रदर्शन किया है. और फिर वहां से आगे बढ़कर यह देखना है कि हम इन परिस्थितियों में अपने टॉप ऑर्डर (शीर्ष क्रम) को जितना हो सके, उतना मजबूत और व्यवस्थित कैसे बना सकते हैं.'

'जब भी उन्हें मौका मिलेगा, वह तैयार रहेंगे'

हालांकि, मोर्कल ने यह खुलासा नहीं किया कि सूर्यवंशी कब भारत के लिए डेब्यू कर सकते हैं, लेकिन उन्होंने इस किशोर खिलाड़ी की ड्रेसिंग रूम में जल्दी ढल जाने के लिए तारीफ की।. उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ 15 साल के होने के बावजूद इस युवा खिलाड़ी ने ट्रेनिंग के दौरान सबको काफी प्रभावित किया है.

उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि वह टीम में बहुत अच्छी तरह से घुल-मिल गए हैं. अगर आप लड़कों को इंस्टाग्राम पर फॉलो करते हैं, तो पहले से ही कई तस्वीरें पोस्ट की जा रही हैं, खासकर उनके साथ. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 15 साल की उम्र में नेट्स पर अभ्यास करना थोड़ा डराने वाला हो सकता है. लेकिन, हमने जो कुछ नेट्स सत्र किए हैं, उसमें उन्होंने बेहद प्रभावित किया है. और आप जानते हैं, हम सब यह देखने के लिए उत्साहित हैं कि वह आगे कैसा करते हैं. जब भी उन्हें मौका मिलेगा, मुझे पूरा यकीन है कि वह तैयार रहेंगे, टीम में आने और शामिल होने के लिहाज से यह सफर बेहद सहज रहा है.'

मोर्कल ने प्रिंस यादव की तारीफ की

दक्षिण अफ्रीका के इस पूर्व तेज गेंदबाज ने युवा तेज गेंदबाज प्रिंस यादव की भी तारीफ की, जिन्होंने अपने पहले तीन अंतरराष्ट्रीय मैचों में छह विकेट लिए हैं. मोर्कल ने बताया कि उन्होंने लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के साथ काम करने के दौरान प्रिंस को करीब से देखा था और तभी उनकी प्रतिभा को पहचान लिया था.

उन्होंने कहा, 'मैं काफी भाग्यशाली था कि जब मैं लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ था तब मुझे प्रिंस के साथ काम करने का मौका मिला. प्रिंस उस समय एक नेट गेंदबाज थे और तभी उन्हें एक अत्यधिक कुशल खिलाड़ी के रूप में चिन्हित किया गया था. वह दबाव में जिस तरह से चीजों को शांत रखते हैं, मैं उससे बहुत प्रभावित हूं.' मॉर्कल बोले,  'मुझे लगता है कि वह एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो हमेशा अपने खेल को बेहतर बनाने के तरीके ढूंढते रहते हैं. लेकिन अंत में, बात सही निष्पादन (एक्जीक्यूशन) की है. अगर हम डेथ ओवरों की गेंदबाजी और बीच के ओवरों के चरण की बात करें, तो वह खेल को जिस तरह से पढ़ते हैं, दबाव में क्या फैसले लेते हैं और फिर उसे लागू करते हैं, वह देखना मेरे लिए बेहतरीन है.'

चोट के बाद हर्षित राणा ने प्रभावित किया

मोर्कल ने तेज गेंदबाज हर्षित राणा की भी सराहना की और कहा कि चोट के बाद वापसी करने के बाद उन्हें पूरी ताकत और तीव्रता के साथ गेंदबाजी करते देखना काफी उत्साहजनक था

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