Dinesh Karthik on Vaibhav Sooryavanshi: आयरलैंड सीरीज से पहले से ही वैभव सूर्यवंशी का सोनी चैनल पर बहुत ज्यादा शोर है. और टीम इंडिया प्रबंधन के पहले मैच से उन्हें बाहर रखने के बाद यह शोर और ज्यादा बढ़ गया है. हालांकि, भारत के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज दिनेश कार्तिक का मानना है कि वैभव चुनौतियों का सामना करना पसंद करते हैं. वह एक लेवल पार करने के बाद हमेशा अगली ऐसी चीज की तलाश में रहते हैं, जो उन्हें क्रिकेट की दुनिया में चुनौती दे सके. वहीं, कार्तिक ने वैभव की बैकलिफ्ट को लेकर भी बहुत ही अहम बात कही है. दुनिया में कई ऐसे विशेषज्ञ हैं, जिन्होंने शुरुआत से ही वैभव के शानदार स्ट्रोकों के पीछे उनकी बैकलिफ्ट को भी एक वजह बताया है, जो न केवल काफी ऊपर जाती है, बल्कि यह दो बार में ऊपर जाती है.
वैभव एक लेवल के बाद अगला चैलेंज ढूंढते हैं
कार्तिक ने 'स्काई स्पोर्ट्स' पर कहा, 'वैभव इतनी कम उम्र में ही असाधारण प्रतिभा वाले खिलाड़ी हैं. हर बार जब वह एक लेवल पार करते हैं, तो अगले चैलेंज की तलाश करते हैं. पहले, उन्होंने अंडर-19 वर्ल्ड कप में छोटी टीमों के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया. फिर अंडर-19 वर्ल्ड कप के नॉकआउट मुकाबलों में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसी बड़ी टीमों के खिलाफ भी अच्छा खेला. इसके बाद आईपीएल 2026 के लीग चरण में आए और अपना दबदबा बनाया. तब हमने सोचा कि उन्हें बड़े मैचों में देखा जाए. एलिमिनेटर मैच में उन्होंने लगभग 12 ओवर तक बल्लेबाजी की. अगर वह शुरुआती 10 से 12 ओवर खेलते हैं, तो लगभग अपनी टीम के लिए मैच बना देते हैं. उन्होंने ठीक वैसा ही किया. पैट कमिंस जैसे वर्ल्ड-क्लास गेंदबाजों का भी डटकर सामना किया.'
कार्तिक ने कहा, 'उनके सामने जो भी चुनौती आई, उसे शानदार ढंग से पार किया है. वह असाधारण हैं. उनका बैट स्विंग बहुत बढ़िया है. वैभव कुछ-कुछ जसप्रीत बुमराह जैसे हैं. आप उनके स्वाभाविक गेंदबाजी एक्शन के साथ छेड़छाड़ नहीं करना चाहेंगे. उनका बैकलिफ्ट भी बहुत अच्छा है. मुझे उम्मीद है कि आगे जो भी उन्हें कोचिंग देंगे, वह उनके बैट स्विंग को नहीं बदलेंगे.'
दिग्गज इस नजर से देखते हैं वैभव की बैकलिफ्ट
वैभव के आईपीएल के शुरुआती मैच से ही जो कुछ बातें चर्चा का विषय बनीं, उनमें से एक उनकी बैकलिफ्ट रही. इस पर दिग्गजों के बीच लगातार और कमेंट्री बॉक्स में भी चर्चा हुई. और पूर्व क्रिकेटरों और पंडितों ने इस बैकलिफ्ट को अपनी-अपनी नजर से मैप किया.
1. किताबी तकनीक से अलग
वैभव की बैकलिफ्ट खेल की बुनियादी कोचिंग से अलग काफी ऊंचाई और शरीर से दूर आती है. आमतौर पर बल्लेबाजों को सिखाया जाता है कि नियंत्रण बनाए रखने के लिए बैकलिफ्ट के दौरान हाथ शरीर के करीब रहने चाहिए, लेकिन वैभव का बल्ला शरीर से थोड़ा दूर रहता है और काफी ऊंचाई तक जाता है. यह पहलू वैफव की बैकलिफ्ट को क्रिकेट के स्कूल की बुनियादी कोचिंग से अलग बनाता है.
2. महान लारा से तुलना
उनकी इस ऊंची बैकलिफ्ट की तुलना अक्सर ब्रायन लारा और युवराज सिंह जैसे महान खिलाड़ियों से की जाती है. खेल के सर्वकालिक महान बल्लेबाज ब्रायन लारा के बारे में कहा जाता है कि उनसे ऊंची बैकलिफ्ट क्रिकेट इतिहास में किसी दूसरे बल्लेबाज की नहीं थी. वहीं, युवराज सिंह की बैकलिफ्ट भी काफी ऊंचाई से आती है. यह हाई बैकलिफ्ट सूर्यवंशी को अतिरिक्त पावर जेनरेट करने में मदद करती है.
3. 'डबल मूवमेंट' या स्प्रिंग एक्शन
वैभव की बैटिंग में एक बेहद दुर्लभ लय देखने को मिलती है. गेंद फेंके जाने से ठीक पहले उनका बल्ला उठता है, फिर हल्का सा नीचे आता है और स्विंग करने से पहले फिर से ऊपर जाता है. इसे खेल के पंडितों ने 'डबल बैकलिफ्ट' करार दिया. यह एक 'स्प्रिंग कॉइल' की तरह काम करता है. जिस तरह एक तेज गेंदबाज रन-अप से गति प्राप्त करता है, उसी तरह वैभव का बल्ला गेंद से संपर्क होने से पहले ही मोमेंटम में होता है, जिससे बैट स्पीड कई गुना बढ़ जाती है.
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