- भाटिया ने 112 प्रथम श्रेणी मैच खेले
- 49.10 के औसत से 6482 रन बनाए
- 119 लिस्ट ए और 146 टी20 मैच भी खेले
घरेलू क्रिकेट के अनुभवी खिलाड़ी रजत भाटिया ने बुधवार को खेल के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने की घोषणा की. तमिलनाडु के साथ 2003-04 में अपना करियर शुरू करने वाले 40 साल के ऑलराउंडर ने ज्यादातर क्रिकेट दिल्ली की ओर से ही खेला. 2018-19 में उन्होंने नयी टीम उत्तराखंड को रणजी ट्रॉफी क्वार्टरफाइनल में पहुंचाया. वह 2014 में भारत के लिये खेलने के करीब पहुंच गये थे लेकिन उनका कहना है कि इस लंबे करियर में उन्हें इसका कोई पछतावा नहीं है. दिल्ली क्रिकेट टीम के संकटमोचक माने जाने वाले भाटिया ने 112 प्रथम श्रेणी मैच खेले और 49.10 के औसत से 6482 रन जुटाये. इसके साथ ही उन्होंने 137 विकेट भी हासिल किए.
The man who played an instrumental role in our 2012 triumph!
— KolkataKnightRiders (@KKRiders) July 29, 2020
You served the game well
Happy retirement, #RajatBhatia#KKR #KolkataKnightRiders #Cricket #IPL2012 pic.twitter.com/zmjpZ3e7ti
वह 119 लिस्ट ए और 146 टी20 मैच भी खेले. आईपीएल में रजत भाटिया कुछ सेशन केकेआर के लिए खेले और क्रिकेटप्रेमी उन्हें उस क्रिकेटर के रूप में भी जानते हैं, जब वह आईपीएल मैच के दौरान गौतम गंभीर और विराट कोहली के बीच हुए झगड़े में बीच-बचाव के लिए आगे आए थे. और यह रजत भाटिया ही थे, जिनके बीच-बचाव करने पर दोनों क्रिकेटर अलग हुए.
पिछले सत्र में दिल्ली में जन्में इस क्रिकेटर ने बांग्लादेश में लिस्ट ए क्रिकेट भी खेला. रजत भाटिया ने कहा, ‘‘मैंने पिछले साल ही संन्यास के बारे में फैसला कर लिया था. मैं यहां घरेलू क्रिकेट नहीं खेल रहा था और फिर कमेंटरी करने लगा. फिर मैं बांग्लादेश में बतौर पेशेवर खेल रहा था लेकिन इस साल उन्होंने पेशेवर खिलाड़ियों को रखना बंद कर दिया और फिर कोरोना वायरस फैल गया. इसलिये मैंने सोचा कि अब संन्यास लेने का समय आ गया है.'
Tq u RAJAT BHATIA for all the memories
— Poudel Sagar (@Poudelsagar518) July 29, 2020
Apart from all tq u for not letting these two Delhi boys to do something wiered on cricket om cricket field where we were habituated of viewing flawless boundaries pic.twitter.com/OAVtIxemlj
उन्होंने कहा, ‘वैसे मैं पहले से ज्यादा फिट महसूस कर रहा हूं और विदेशी लीग में खेल सकता हूं.' वह 2014 में भारत की ओर से खेलने के करीब पहुंच गये थे जब उन्हें टी20 विश्व कप के संभावित खिलाड़ियों में शामिल किया गया था, लेकिन उन्हें कोई पछतावा नहीं है कि वह भारतीय टीम की जर्सी नहीं पहन सके. उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपने करियर को उस तरह से सोचना नहीं चाहता. यह सोचना बहुत अपरिपक्व होगा. मैं काफी कुछ कर पाया और इसकी मुझे खुशी है. कोई पछतावा नहीं है.'
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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं