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वैभव सूर्यवंशी प्लेइंग XI में आएंगे या नहीं? बंट गई दिग्गजों की राय, पूछे जा रहे तीखे सवाल

भारतीय क्रिकेट में पिछले दो हफ्ते से सबसे अधिक चर्चा वैभव सूर्यवंशी के प्लेइंग XI में शामिल किए जाने को लेकर चल रही है. पर क्रिकेट के दिग्गज वैभव के डेब्यू को लेकर बंटे हुए हैं. चलिए जानते हैं कौन क्या कह रहा है और आखिर वैभव को डेब्यू के लिए कितना लंबा इंतजार करना पड़ेगा?

वैभव सूर्यवंशी प्लेइंग XI में आएंगे या नहीं? बंट गई दिग्गजों की राय, पूछे जा रहे तीखे सवाल
वैभव सूर्यवंशी
BCCI

15 साल की उम्र में आईपीएल में तूफानी बल्लेबाजी, इंडिया 'ए' के लिए शानदार प्रदर्शन और फिर आयरलैंड-इंग्लैंड टी-20 दौरे के लिए भारतीय टीम में चयन. लेकिन लगातार तीन मैचों की प्लेइंग इलेवन से उन्हें बाहर रखा गया. पहले आयरलैंड के खिलाफ दोनों टी-20 और फिर इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी-20 में भी उन्हें मौका नहीं मिला. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर वैभव कब खेलते हुए दिखेंगे? इस मुद्दे पर अब भारतीय और विदेशी क्रिकेट दिग्गजों की राय दो हिस्सों में बंट चुकी है.

मोहम्मद कैफ ने की वैभव की तगड़ी फील्डिंग

भारत के पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में नहीं शामिल किए जाने को लेकर सवाल उठाते हुए यह साफ-साफ कहा कि अगर बेस्ट प्लेइंग इलेवन चुनी जाती, तो वैभव सूर्यवंशी का नाम उसमें जरूर होता. यानी उनका यह कहना है कि आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ मैचों में बेस्ट प्लेइंग इलेवन के साथ टीम नहीं उतरी. 

कैफ ने पूछा, "यह तर्क दिया गया कि यह वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम है, इसलिए हम उसी 11 खिलाड़ियों के साथ जाएंगे. ऐसे में वैभव को इंतजार करना पड़ेगा. फिर इसी तर्क पर टिके रहना चाहिए था. रोहित शर्मा जीतने वाली टीम के कप्तान थे, लेकिन उन्हें बाद में हटाया गया और कहा गया कि युवा कप्तान को मौका देना है. सूर्यकुमार यादव को कप्तानी से हटाने के पीछे भी यही तर्क दिया गया."

कैफ कहते हैं, "इसका अर्थ तो साफ है न कि आप भविष्य की तरफ देख रहे हैं. तो 15 साल के वैभव सूर्यवंशी से बड़ा भविष्य का खिलाड़ी और कौन है? वह रन बनाकर आ रहे हैं. आईपीएल में ऑरेंज कैप जीत चुके हैं. क्रिस गेल के रिकॉर्ड के करीब पहुंचकर वह सिर्फ एक छक्के से चूक गए थे. ऐसे में उनका नाम बेस्ट प्लेइंग इलेवन में होना चाहिए था."

Sunil Gavaskar

सुनील गावस्कर
Photo Credit: BCCI

क्या सुनील गावस्कर को बढ़ते दबाव की चिंता है?

भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर का मानना है कि जितनी देर वैभव के डेब्यू में होगी, उतना ही उनके ऊपर दबाव बढ़ेगा. उन्होंने कहा कि जब भी वैभव को मौका मिलेगा, उनसे तुरंत प्रदर्शन की उम्मीद होगी. हालांकि, 15 साल की उम्र में खिलाड़ी दबाव के बारे में ज्यादा नहीं सोचता, लेकिन यह सच है कि लंबे इंतजार के बाद उम्मीदें कई गुना बढ़ जाती हैं.

तो क्या इंतजार जितना लंबा होगा, वैभव पर उतना ही बड़ा दबाव बनता जाएगा?

Ravi Shastri

रवि शास्त्री
Photo Credit: BCCI

रवि शास्त्री क्यों बोले- आयरलैंड में ही खिला देना चाहिए था? 

पूर्व कोच रवि शास्त्री इस फैसले से बिल्कुल सहमत नहीं हैं. उनका कहना है कि आयरलैंड की धीमी और स्पॉन्जी पिचें वैभव जैसे आक्रामक बल्लेबाज के लिए बिल्कुल मुफीद थीं. शास्त्री ने कहा, "उसने आईपीएल में लगभग हर बड़े तेज गेंदबाज की धुनाई की है. फिर उसे बेंच पर क्यों बैठाया गया?"

उन्होंने वैभव को एक्स फैक्टर खिलाड़ी बताते हुए कहा कि अगर वह शुरुआती दो-तीन ओवर भी टिक जाएं तो मैच का पूरा रुख बदल सकते हैं.

रवि शास्त्री टीम इंडिया के पूर्व कोच भी रह चुके हैं. उनका नजरिया बेहद मायने रखता है. उनके इस बयान के बाद यह तो स्पष्ट है कि भारत ने आयरलैंड में वैभव को आजमाने का सबसे आसान मौका गंवा दिया है.

माइकल वॉन

माइकल वॉन
Photo Credit: AFP

माइकल वॉन और एलिस्टर कुक क्यों हुए हैरान?

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने भी टीम मैनेजमेंट पर सवाल उठाए.

उन्होंने कहा, "बीसीसीआई और सेलेक्टर्स से पूछा जाना चाहिए कि आखिर उस बच्चे को आयरलैंड के खिलाफ क्यों नहीं खिलाया गया?"

वहीं पूर्व इंग्लिश कप्तान एलिस्टर कुक ने कहा कि वह एक फैन के तौर पर वैभव को खेलते देखने का इंतजार कर रहे थे.

जब विरोधी टीम के दिग्गज भी वैभव को खेलते देखना चाहते थे, तो फिर वह मैदान से बाहर क्यों रहे?

Harry Brook

हैरी ब्रूक
Photo Credit: ICC

हैरी ब्रूक भी क्यों कर रहे थे वैभव का इंतजार?

इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने मैच से पहले कहा कि 15 साल की उम्र में वैभव ने जो किया है, वह कमाल है. उन्होंने कहा कि अगर वैभव खेलते तो इंग्लैंड की टीम उनके लिए अलग रणनीति तैयार रखती.

क्या विरोधी टीम भी जिस बल्लेबाज के लिए खास योजना बना रही थी, उसे भारतीय टीम को मौका देना चाहिए था?

Aakash Chopra with Gautam Gambhir

टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर के साथ आकाश चोपड़ा
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आकाश चोपड़ा क्यों बोले- ऐसे दौरे सीखने का सबसे बड़ा मौका होते हैं?

पूर्व भारतीय बल्लेबाज आकाश चोपड़ा का मानना है कि विदेशों में होने वाली द्विपक्षीय सीरीज युवा खिलाड़ियों को परखने और उन्हें सीखने का सबसे अच्छा मौका देती हैं.

उनके मुताबिक वैभव जैसे 15 वर्षीय खिलाड़ी को शुरुआती दौर में अंतरराष्ट्रीय माहौल का अनुभव मिलना चाहिए था.

क्या विदेशी दौरे सिर्फ जीतने के लिए होते हैं या भविष्य के सितारे तैयार करने के लिए भी?

Saba Karim

सबा करीम
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दीप दासगुप्ता और सबा करीम क्यों चाहते हैं जल्द मौका?

पूर्व क्रिकेटर दीप दासगुप्ता और सबा करीम का मानना है कि टीम में जगह मेहनत से मिलती है, लेकिन वैभव ने घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में जिस तरह 237 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से रन बनाए, उसके बाद उन्हें ज्यादा इंतजार नहीं कराना चाहिए.

दोनों का कहना है कि दुनिया के सामने उनकी प्रतिभा दिखाने का मौका जल्द मिलना चाहिए.

ऐसे में सवाल ये भी है कि क्या इतने दमदार प्रदर्शन के बाद भी इंतजार करना कितना उचित है?

Sanjay Manjrekar

संजय मांजरेकर
Photo Credit: BCCI

संजय मांजरेकर क्यों मानते हैं कि टीम मैनेजमेंट सही है?

पूर्व बल्लेबाज संजय मांजरेकर का मानना है कि फिलहाल प्लेइंग इलेवन में बदलाव नहीं करना ही सही फैसला है.

उनके मुताबिक विश्व कप जीतने वाले और शानदार फॉर्म में चल रहे ओपनर्स के साथ छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि ड्रेसिंग रूम की मेरिट बाहरी शोर से ज्यादा अहम होती है.

क्या टीम की स्थिरता किसी ऐसे युवा खिलाड़ी के डेब्यू से ज्यादा महत्वपूर्ण है जिसकी उम्र अभी महज 15 साल के करीब है?

Chteshwar Pujara with Rahul Dravid

चेतेश्वर पुजारा, टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और कोच राहुल द्रविड़ के साथ
Photo Credit: BCCI

चेतेश्वर पुजारा क्यों दे रहे हैं धैर्य रखने की सलाह?

चेतेश्वर पुजारा का मानना है कि आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में सफलता को इंग्लैंड और आयरलैंड जैसी मुश्किल परिस्थितियों में दोहराना आसान नहीं होता.

उन्होंने कहा कि भारतीय टीम फिलहाल अपने स्थापित टॉप-3 बल्लेबाजों के साथ ही आगे बढ़ना चाहेगी. बाद में रोटेशन के तहत वैभव को मौका मिल सकता है.

तो क्या टीम का संतुलन बनाए रखना अभी ज्यादा जरूरी है?

Kris Srikkanth

कृष्णामाचारी श्रीकांत
Photo Credit: AFP

सबसे पहले टीम इंडिया में शामिल करने की सलाह देने वाले श्रीकांत ने क्या कहा?

वैभव को टीम इंडिया में शामिल करने की सबसे पहले वकालत पूर्व भारतीय कप्तान कृष्णमाचारी श्रीकांत ने की थी. श्रीकांत का कहना है कि अगर आयरलैंड में वैभव को डेब्यू नहीं कराया गया तो अब इंग्लैंड जैसी बड़ी सीरीज की शुरुआत में ओपनिंग जोड़ी बदलना समझदारी नहीं होगी. बता दें कि श्रीकांत ने जब वैभव को टीम में शामिल करने की सलाह दी थी, तब भी उन्होंने यही कहा था कि उन्हें प्लेइंग XI में जगह दें या न दें पर टीम में जरूर शामिल करें. अब जो श्रीकांत ने कहा है इससे क्या आयरलैंड में मौका चूकने की कीमत अब वैभव को चुकानी पड़ रही है?

Sitanshu Kotak

सितांशु कोटक
Photo Credit: PTI

टीम मैनेजमेंट आखिर किस बात पर अड़ा है?

कप्तान श्रेयस अय्यर और बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक दोनों ने वैभव को गन प्लेयर बताया. लेकिन उनका यह भी कहना है कि टीम को पहले उन खिलाड़ियों पर भरोसा दिखाना होगा जिन्होंने लगातार रन बनाकर अपनी जगह पक्की की है.

आयरलैंड के कप्तान भी क्यों रह गए हैरान?

आयरलैंड के कप्तान लोर्कन टकर ने भी कहा कि यह भारतीय क्रिकेट की गहराई दिखाता है कि वैभव जैसे खिलाड़ी भी बेंच पर बैठे हैं. उन्होंने इस स्थिति को अविश्वसनीय बताया.

Ravichandran Ashwin

रविचंद्रन अश्विन
Photo Credit: PTI

क्या दुनिया अब भारतीय बेंच स्ट्रेंथ को देखकर हैरान है?

आर अश्विन क्यों कह रहे हैं- बेंच भी एक क्लासरूम है? पूर्व स्पिनर अश्विन ने टीम मैनेजमेंट का बचाव करते हुए कहा कि बेंच पर बैठकर भी खिलाड़ी बहुत कुछ सीखता है. दूसरों की गलतियों और अनुभवों से सीखना भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का हिस्सा है.

अश्विन ने यह भी कहा कि अभिषेक शर्मा या संजू सैमसन जैसे खिलाड़ी अगर एक-दो मैच में नहीं चलते तो इसका मतलब यह नहीं कि उन्हें तुरंत बाहर कर दिया जाए.

उन्होंने गौतम गंभीर पर हो रही आलोचना को भी गलत बताया.

Eoin Morgan

इयॉन मॉर्गन
Photo Credit: ECB Images

इयॉन मॉर्गन ने टाइमलाइन तय करने से क्यों किया इनकार?

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान इयॉन मॉर्गन ने कहा कि 15 साल की उम्र में वैभव ने जो हासिल किया है, वह अविश्वसनीय है. उन्होंने याद दिलाया कि आईपीएल में वैभव ने सबसे ज्यादा छक्के लगाए और कई बड़े रिकॉर्ड तोड़े.

पर साथ ही मॉर्गन यह भी कहते हैं कि वैभव का अंतरराष्ट्रीय करियर बहुत लंबा होगा, इसलिए उनके डेब्यू को लेकर कोई तय समय सीमा बनाना सही नहीं होगा.

Vaibhav Sooryavanshi

Photo Credit: BCCI

सबसे बड़ा सवाल?

एक तरफ रवि शास्त्री, माइकल वॉन, आकाश चोपड़ा, दीप दासगुप्ता, सबा करीम और कई पूर्व खिलाड़ी मानते हैं कि वैभव सूर्यवंशी को जल्दी मौका मिलना चाहिए था. दूसरी ओर सुनील गावस्कर दबाव बढ़ने की बात करते हैं.

वहीं संजय मांजरेकर, चेतेश्वर पुजारा, आर अश्विन, कृष्णमाचारी श्रीकांत, श्रेयस अय्यर और टीम मैनेजमेंट स्थापित खिलाड़ियों पर भरोसा बनाए रखने को सही ठहरा रहे हैं. इयॉन मॉर्गन जैसे अनुभवी पूर्व इंग्लिश कप्तान भी जल्दबाजी में कोई टाइमलाइन तय करने के पक्ष में नहीं हैं.

लेकिन अब जब वैभव लगातार टीम का हिस्सा हैं, स्टेडियम में और टीवी स्क्रीन पर दर्शक उनका बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, उम्मीद कर रहे हैं कि IPL की तरह ही वो धमाकेदार पारियां खेलें. विरोधी टीम उनके लिए रणनीति बना रही है और क्रिकेट जगत में उनकी चर्चा सबसे ज्यादा हो रही है. तो क्या आने वाले मैचों में वैभव सूर्यवंशी को आखिरकार प्लेइंग XI में जगह मिलेगी, या उनका इंतजार अभी और लंबा होने वाला है?

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