
मुंबई:
दो बार IPL का खिताब जीत चुकी और इस लीग की सबसे सफल टीम, महेन्द्र सिंह धोनी, ब्रावो, मैक्कुलम, अश्विन, जडेजा, रैना जैसे खिलाड़ियों से सजी टीम की क़ीमत है महज़ 5 लाख रुपये। चौंकिए मत टीम की ये क़ीमत खुद इंडिया सीमेंट्स ने लगाई है, जिसकी एक्सक्लूसिव जानकारी एनडीटीवी इंडिया के पास है।
सोमवार को दिल्ली में हुई आईपीएल गर्वनिंग काउंसिल की बैठक में टीम के इस मूल्यांकन को ख़ारिज कर दिया गया है। दरअसल बीसीसीआई और आईपीएल के नियमों के मुताबिक अगर कोई भी फ्रेंचाइज़ी अपनी टीम को या उसमें हिस्सेदारी को किसी दूसरी फर्म या व्यक्ति को बेचता है तो उसे उस आईपीएल टीम के वैल्यूएशन अमाउंट की 5 फीसदी राशि BCCI के पास जमा करानी पड़ती है।
सुप्रीम कोर्ट ने हितों के टकराव के मामले में बीसीसीआई प्रमुख एन श्रीनिवासन को फटकार लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने उनसे कहा था कि आपको चेन्नई सुपर किंग्स और बीसीसीआई दोनों में से किसी एक को चुनना होगा। गौरतलब है कि अब तक बीसीसीआई प्रमुख एन श्रीनिवासन की कंपनी इंडिया सीमेंट चेन्नई सुपर किंग्स की मालिक थी।
सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद इंडिया सीमेंट्स ने चेन्नई सुपर किंग्स की हिस्सेदारी चेन्नई सुपर किंग्स क्रिकेट लिमिटेड के ट्रांसफर कर दी। इस मामले में चूंकि टीम का वैल्यूएशन 5 लाख रुपये किया गया लिहाज़ा बीसीसीआई पर देनदार बनी महज़ 25000 रुपये, जिसे नई गर्वनिंग काउंसिल ने ठुकरा दिया।
हालांकि अभी तक यह जानकारी नहीं मिल पायी है कि चेन्नई सुपर किंग्स क्रिकेट लिमिटेड के मालिक कौन हैं। लेकिन इतना तो साफ तौर पर कहा जा सकता है कि इंडिया सीमेंट व बीसीसीआई को इतने सालों से सफलतापूर्वक चलाने वाले श्रीनिवासन दो बार की विजेता टीम को कौड़ियों के भाव किसी अन्य को नहीं बेचेंगे।
सूत्रों के मुताबिक बैठक में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सबसे मुखर होकर इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि जो चेन्नई सुपरकिंग्स टीम के लिए बतौर फ्रेंचाइजी सालाना बीसीसीआई को 40 करोड़ रुपये देता है। क्या उसकी कीमत 5 लाख रुपये हो सकती है।
इस साल जनवरी ने सुप्रीम कोर्ट ने हितों के टकराव के मसले पर बीसीसीआई प्रमुख को जमकर फटकार लगाई थी, साफ कहा था कि उन्हें बोर्ड को चलाने या टीम के मालिकाना हक़ में किसी एक को चुनना होगा। रविवार को कोलकाता में होने वाली बीसीसीआई की बैठक में इस मामले पर आख़िरी फैसला होने की उम्मीद है।
सोमवार को दिल्ली में हुई आईपीएल गर्वनिंग काउंसिल की बैठक में टीम के इस मूल्यांकन को ख़ारिज कर दिया गया है। दरअसल बीसीसीआई और आईपीएल के नियमों के मुताबिक अगर कोई भी फ्रेंचाइज़ी अपनी टीम को या उसमें हिस्सेदारी को किसी दूसरी फर्म या व्यक्ति को बेचता है तो उसे उस आईपीएल टीम के वैल्यूएशन अमाउंट की 5 फीसदी राशि BCCI के पास जमा करानी पड़ती है।
सुप्रीम कोर्ट ने हितों के टकराव के मामले में बीसीसीआई प्रमुख एन श्रीनिवासन को फटकार लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने उनसे कहा था कि आपको चेन्नई सुपर किंग्स और बीसीसीआई दोनों में से किसी एक को चुनना होगा। गौरतलब है कि अब तक बीसीसीआई प्रमुख एन श्रीनिवासन की कंपनी इंडिया सीमेंट चेन्नई सुपर किंग्स की मालिक थी।
सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद इंडिया सीमेंट्स ने चेन्नई सुपर किंग्स की हिस्सेदारी चेन्नई सुपर किंग्स क्रिकेट लिमिटेड के ट्रांसफर कर दी। इस मामले में चूंकि टीम का वैल्यूएशन 5 लाख रुपये किया गया लिहाज़ा बीसीसीआई पर देनदार बनी महज़ 25000 रुपये, जिसे नई गर्वनिंग काउंसिल ने ठुकरा दिया।
हालांकि अभी तक यह जानकारी नहीं मिल पायी है कि चेन्नई सुपर किंग्स क्रिकेट लिमिटेड के मालिक कौन हैं। लेकिन इतना तो साफ तौर पर कहा जा सकता है कि इंडिया सीमेंट व बीसीसीआई को इतने सालों से सफलतापूर्वक चलाने वाले श्रीनिवासन दो बार की विजेता टीम को कौड़ियों के भाव किसी अन्य को नहीं बेचेंगे।
सूत्रों के मुताबिक बैठक में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सबसे मुखर होकर इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि जो चेन्नई सुपरकिंग्स टीम के लिए बतौर फ्रेंचाइजी सालाना बीसीसीआई को 40 करोड़ रुपये देता है। क्या उसकी कीमत 5 लाख रुपये हो सकती है।
इस साल जनवरी ने सुप्रीम कोर्ट ने हितों के टकराव के मसले पर बीसीसीआई प्रमुख को जमकर फटकार लगाई थी, साफ कहा था कि उन्हें बोर्ड को चलाने या टीम के मालिकाना हक़ में किसी एक को चुनना होगा। रविवार को कोलकाता में होने वाली बीसीसीआई की बैठक में इस मामले पर आख़िरी फैसला होने की उम्मीद है।
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