
नई दिल्ली:
महेंद्र सिंह धोनी के वनडे से इस्तीफे के बाद तीनों फॉर्मेट की कप्तानी संभाल रहे विराट कोहली ने कहा कि इस विरासत को आगे बढ़ाने के लिए चुना जाना और टीम की अगुवाई की जिम्मेदारी दिया जाना सम्मानजनक है. कप्तानी के दबाव के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, "मैं इसे तनावपूर्ण नहीं मानता बल्कि यह मजेदार है."
दाएं हाथ के इस शानदार बल्लेबाज ने कहा, "यह काफी विशेष है. मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरी जिंदगी में ऐसा दिन आयेगा. जब मैं टीम में आया था तो मैं हमेशा ही प्रदर्शन करने, ज्यादा मौके हासिल करने, मजबूत कैरियर बनाने और टीम के लिये जीत में योगदान करने के बारे में सोचता था."
कोहली टेस्ट टीम की कप्तानी कर रहे थे, उन्हें पिछले हफ्ते वनडे और टी20 का कप्तान नियुक्त किया गया क्योंकि देश के सबसे सफल कप्तान महेंद्रसिंह धोनी ने पद से हटने का फैसला किया. दिल्ली के इस बल्लेबाज ने यहां 'नीतेश हब मॉल' का उद्घाटन करने के बाद एक 'टॉक शो' के दौरान मंदिरा बेदी से बात की.
जब उनसे पूछा गया कि सभी तीनों प्रारूपों में कप्तानी करने के बाद के कैसा लग रहा है तो इस स्टार खिलाड़ी ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह यहां तक पहुंचेंगे.
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि सब कुछ भगवान द्वारा ही किया हुआ है. जो कुछ भी आपके साथ होता है, किसी कारण से होता है और आपकी जिंदगी में सही समय पर होता है." कोहली की कप्तानी में भारत की अंडर-19 टीम ने 2008 में विश्व कप खिताब जीता था. उन्होंने कहा कि जब वह जूनियर स्तर पर खेलते तो टीम की कप्तानी करते थे. उन्होंने कहा, "लेकिन भारत की कप्तानी करना बिलकुल ही अलग तरह की बात है. यह पूरी तरह से 'हॉट सीट' है क्योंकि इसके साथ ध्यान, प्रशंसा, आलोचना, सभी चीजें आती हैं."
कोहली ने कहा, "लेकिन एक चीज इसके साथ आती है और वह है जिम्मेदारी. यही चीज मुझे एक बेहतर क्रिकेटर और बेहतर व्यक्ति बनाती है क्योंकि मैं इसके अनुभवों से ही जिंदगी के बारे में सीख रहा हूं इसलिए मैं इसे मौके के पर लेता हूं." यह पूछने पर कि क्या कप्तानी हैरानी की तरह रही तो कोहली ने कहा कि वह इसे हैरानी नहीं कहेंगे और कहा कि बतौर खिलाड़ी वह मैदान पर अपने सुझाव देना चाहते थे और लगातार खेल के बारे में सोचते रहते थे.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दाएं हाथ के इस शानदार बल्लेबाज ने कहा, "यह काफी विशेष है. मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरी जिंदगी में ऐसा दिन आयेगा. जब मैं टीम में आया था तो मैं हमेशा ही प्रदर्शन करने, ज्यादा मौके हासिल करने, मजबूत कैरियर बनाने और टीम के लिये जीत में योगदान करने के बारे में सोचता था."
कोहली टेस्ट टीम की कप्तानी कर रहे थे, उन्हें पिछले हफ्ते वनडे और टी20 का कप्तान नियुक्त किया गया क्योंकि देश के सबसे सफल कप्तान महेंद्रसिंह धोनी ने पद से हटने का फैसला किया. दिल्ली के इस बल्लेबाज ने यहां 'नीतेश हब मॉल' का उद्घाटन करने के बाद एक 'टॉक शो' के दौरान मंदिरा बेदी से बात की.
जब उनसे पूछा गया कि सभी तीनों प्रारूपों में कप्तानी करने के बाद के कैसा लग रहा है तो इस स्टार खिलाड़ी ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह यहां तक पहुंचेंगे.
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि सब कुछ भगवान द्वारा ही किया हुआ है. जो कुछ भी आपके साथ होता है, किसी कारण से होता है और आपकी जिंदगी में सही समय पर होता है." कोहली की कप्तानी में भारत की अंडर-19 टीम ने 2008 में विश्व कप खिताब जीता था. उन्होंने कहा कि जब वह जूनियर स्तर पर खेलते तो टीम की कप्तानी करते थे. उन्होंने कहा, "लेकिन भारत की कप्तानी करना बिलकुल ही अलग तरह की बात है. यह पूरी तरह से 'हॉट सीट' है क्योंकि इसके साथ ध्यान, प्रशंसा, आलोचना, सभी चीजें आती हैं."
कोहली ने कहा, "लेकिन एक चीज इसके साथ आती है और वह है जिम्मेदारी. यही चीज मुझे एक बेहतर क्रिकेटर और बेहतर व्यक्ति बनाती है क्योंकि मैं इसके अनुभवों से ही जिंदगी के बारे में सीख रहा हूं इसलिए मैं इसे मौके के पर लेता हूं." यह पूछने पर कि क्या कप्तानी हैरानी की तरह रही तो कोहली ने कहा कि वह इसे हैरानी नहीं कहेंगे और कहा कि बतौर खिलाड़ी वह मैदान पर अपने सुझाव देना चाहते थे और लगातार खेल के बारे में सोचते रहते थे.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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