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This Article is From Jun 18, 2025

BCCI को बॉम्बे हाई कोर्ट से लगा तगड़ा झटका, कोच्चि टस्कर्स विवाद में देने होंगे 538 करोड़ रुपये

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को पूर्व आईपीएल फ्रेंचाइजी कोच्चि टस्कर्स मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट से तगड़ा झटका लगा है. हाईकोर्ट ने बीसीसीआई की याचिका खारिज की है.

BCCI को बॉम्बे हाई कोर्ट से लगा तगड़ा झटका, कोच्चि टस्कर्स विवाद में देने होंगे 538 करोड़ रुपये

Bombay High Court dismisses BCCI's petition: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को पूर्व आईपीएल फ्रेंचाइजी कोच्चि टस्कर्स केरल मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट से तगड़ा झटका लगा है. हाईकोर्ट ने बीसीसीआई की याचिका खारिज की है और बोर्ड को पूर्व फ्रेंचाइजी को 538 करोड़ रुपये रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया है. अदालत ने कोच्चि टस्कर्स के मालिकों के पक्ष में आए आर्बिट्रल अवार्ड को सही करार दिया है. बीसीसीआई को कोच्चि क्रिकेट प्राइवेट लिमिटेड (KCPL) को 385.50 करोड़ और रेंडेज़वस स्पोर्ट्स वर्ल्ड को 153.34 करोड़ देने होंगे.

क्या है मामला

कोच्चि टस्कर्स केरल ने आईपीएल के 2011 सीज़न में हिस्सा लिया था, लेकिन बोर्ड ने सितंबर 2011 को बैंक गारंटी देने में विफल रहने के बाद आरएसडब्ल्यू और केसीपीएल के साथ अपने समझौते को समाप्त कर दिया था. जिसके बाद फ्रेंचाइजी के मालिक ट्रिब्यूनल में गए थे. 

कोच्चि टस्कर्स केरल फ्रेंचाइजी को रेंडेज़वस स्पोर्ट्स वर्ल्ड ने लिया था. बाद में कोच्चि क्रिकेट प्राइवेट लिमिटेड ने फ्रेंचाइजी को मैनेज किया. फ्रेंचाइजी ने तर्क दिया कि स्टेडियम की अनुपलब्धता और शेयरधारक अनुमोदन जैसे मुद्दों के कारण वे गारंटी प्रदान नहीं कर सके. 

आर्बिट्रेशन में गए फ्रेंचाइजी के मालिक

जनवरी 2012 को, केसीपीएल ने बीसीसीआई को एक पत्र लिखा, जिसमें आरोप लगाया गया कि बोर्ड द्वारा केसीपीएल समझौते को समाप्त करना गलत था और केसीपीएल एग्रीमेंट के तहत आर्बिट्रेशन में जाने की बात की. आर्बिट्रेशन में बोर्ड के दावों को खारिज किया गया और बीसीसीआई को केसीपीएल और आरएसडब्ल्यू को 18 प्रतिशत ब्याज के साथ पैसा लौटाने का आदेश दिया गया.  

बीसीसीआई ने 2015 में आर्बिट्रेशन के फैसले को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी थी. बीसीसीआई ने तर्क दिया कि ट्रिब्यूनल ने अपनी शक्तियों से परे काम किया है और कानून का गलत इस्तेमाल किया है. यह भी तर्क दिया गया कि केसीपीएल की बैंक गारंटी जमा करने में विफलता समझौते का एक मौलिक उल्लंघन था, जो समाप्ति को उचित ठहराता है.

कोर्ट ने दिया फैसला

कोर्ट ने बीसीसीआई की चुनौती को खारिज कर दिया और शासी निकाय को अपील करने के लिए छह सप्ताह का समय दिया. न्यायमूर्ति रियाज आई चागला ने कहा कि कोर्ट मध्यस्थता पुरस्कार के खिलाफ अपील की समीक्षा नहीं कर सकती है, और बीसीसीआई की आपत्तियों को खारिज कर दिया. कोर्ट ने कहा कि बीसीसीआई का समापन अनुचित था और फ्रेंचाइजी को मुआवजा देने का आदेश दिया.

कोर्ट ने अपने फैसले में ये भी कहा कि आरबिट्रेशन को लेकर कोर्ट का अधिकार क्षेत्र सीमित है. कोर्ट ने माना कि बीसीसीआई आरबिट्रेशन के खिलाफ अपील करने का प्रयास अधिनियम की धारा 34 के कोर्ट के अधिकार क्षेत्र से बाहर है. 

टीम में थे कई दिग्गज

आईपीएल टूर्नामेंट के अपने एकमात्र सीज़न में, फ्रेंचाइजी ने 14 लीग मैचों में से 6 जीतकर 10 टीमों की तालिका में 8वां स्थान हासिल किया था. इस टीम में ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर ब्रैड हॉज के अलावा, महेला जयवर्धने, ब्रेंडन मैकुलम और रविंद्र जडेजा सभी ने अपने उस इकलौते आईपीएल सीज़न में फ्रेंचाइजी के लिए प्रदर्शन किया था.

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