टीम इंडिया अगले कुछ ही दिनों में एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक के लिए अपने पड़ोसी साथियों से लड़ाई लड़ेगी. लेकिन उससे पहले ही इसको लेकर अलग वजहों से सवाल उठने लगे हैं. वजह है कि साल 2023 में खेलों में क्रिकेट को शामिल किए जाने के बाद इसमें तैयार की गई पिच को लेकर काफी सवाल खड़े हुए थे. और अब पूर्व ओपनर आकाश चोपड़ा ने खेलों में क्रिकेट की प्रासंगिकता को लेकर सवाल खड़ा किया है. जापान में आगामी एशियाई खेलों में क्रिकेट का आयोजन निशिन स्थित कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में किया जाएगा. यह देश में इस खेल की मेजबानी के लिए डिजाइन किए गए गिने-चुने मैदानों में से एक है. हालांकि, इस मैदान को बेसबॉल सुविधा से बदलकर बनाया गया है, तो वहीं हाइब्रिड पिच स्क्वॉयर के साथ इस मैदान का काम मार्च के आखिर में ही पूरा हो सका था. लेकिन चोपड़ा ने चेतावनी दी है कि खेलों में आधी-अधूरी तैयार पिचें इसमें शामिल खिलाड़ियों के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं.
चोपड़ा ने कहा, 'एशियाई खेलों को लेकर एक अलग ही हंगामा चल रहा है. हमने पिछली बार भी यह देखा था. चाहे चीन हो या जापान, इन देशों के पास हर तरह का शीर्ष स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर है, लेकिन क्रिकेट के लिए नहीं. वे क्रिकेट के लिए देर से भी जागते हैं. जब तक वे जागते हैं, तब तक उन्हें अहसास होता है कि इसे तैयार करना बहुत मुश्किल काम है.' उन्होंने आगे कहा, 'उन्होंने कोशिश की है, लेकिन हमने पिछली बार भी देखा था कि अगर कोई शीर्ष स्तर का तेज गेंदबाज तेज गेंदबाजी करता है, तो पिचें बिल्कुल भी तैयार नहीं होती हैं. वे खेलने के लिए वास्तव में खतरनाक होती हैं. आपको लगता है कि आपके अपने खिलाड़ियों की सुरक्षा दांव पर है. वे मैदान तो तैयार कर लेते हैं लेकिन स्क्वायर (पिच का दायरा) तैयार करने में असमर्थ रहते है. और उस पर कोई क्रिकेट नहीं खेला गया होता है, तो इस सूरत में अगर यह खतरनाक बन जाए तो आपको बिल्कुल भी हैरान नहीं होना चाहिए.' चोपड़ा ने आगे कहा कि ऐसे बहु-खेल आयोजनों में क्रिकेट को लेकर अभी पर्याप्त जागरूकता नहीं है. क्रिकेट इससे पहले एशियाई खेलों के केवल तीन संस्करणों (2010, 2014 और 2023) में ही खेला गया है.
चोपड़ा ने कहा, 'आप इसे थोड़ा अभिजात वर्ग का या क्लासिस्ट (वर्गवादी) कह सकते हैं कि जब यह बाकी सभी के लिए सही है तो उनके लिए सही क्यों नहीं है. आपकी बात में दम हो सकता है, लेकिन सच यह है कि क्रिकेट इस तरह से नहीं खेला जाता है. जब आप दुनिया भर में क्रिकेट खेलने जाते हैं, तो आपको रहने के लिए सिंगल रूम मिलता है. आपको अपनी प्राइवेसी (निजता) मिलती है, और आप इसके आदी हैं.' बता दें कि 17 सितंबर से 3 अक्टूबर के बीच पुरुषों और महिलाओं के प्रारूप में 12 देश क्रिकेट में प्रतिस्पर्धा करेंगे. भारतीय पुरुष और महिला टीमें क्वार्टर फाइनल में सीधे प्रवेश के साथ अपने स्वर्ण पदक के बचाव की शुरुआत करेंगी.
FAQ: Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने एशियाई खेलों में क्रिकेट को लेकर मुख्य रूप से क्या चिंता जताई है?
उत्तर: आकाश चोपड़ा ने एशियाई खेलों में क्रिकेट के लिए आधी-अधूरी तैयार पिचों और खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है. उन्होंने चेतावनी दी है कि खराब और अप्रमाणित पिचों पर तेज गेंदबाजों का सामना करना खिलाड़ियों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है.
प्रश्न 2: आगामी एशियाई खेलों में क्रिकेट मैचों का आयोजन कहाँ और किस तरह के मैदान पर किया जाएगा?
उत्तर: एशियाई खेलों में क्रिकेट का आयोजन जापान के निशिन स्थित 'कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क' में किया जाएगा. इस मैदान को बेसबॉल सुविधा से बदलकर तैयार किया गया है और इसमें हाइब्रिड पिच स्क्वॉयर का इस्तेमाल किया गया है.
प्रश्न 3: एशियाई खेलों में खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था को लेकर चोपड़ा ने क्या सवाल उठाए हैं?
उत्तर: चोपड़ा के अनुसार, अन्य खेलों की तरह क्रिकेटरों के लिए होटल सुविधाओं के बजाय क्रूज जहाजों या परिवर्तित कंटेनरों का उपयोग किया जा रहा है, जहां एक कमरे में दो खिलाड़ी रहेंगे, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेटरों को सिंगल रूम और प्राइवेसी (निजता) मिलने की आदत होती है.
प्रश्न 4: एशियाई खेलों के इतिहास में क्रिकेट अब तक कितनी बार शामिल किया जा चुका है?
उत्तर: क्रिकेट को एशियाई खेलों के अब तक केवल तीन संस्करणों — 2010 (ग्वांगझू), 2014 (इंचियोन) और 2023 (हांगझू) में ही शामिल किया गया है.
प्रश्न 5: एशियाई खेलों में भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेट टीमों की शुरुआत किस चरण से होगी?
उत्तर: भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेट टीम, दोनों ही सीधे क्वार्टर फाइनल चरण में प्रवेश करेंगी और अपने-अपने स्वर्ण पदक के बचाव के लिए अभियान की शुरुआत करेंगी.
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