Vijay Shankar's call it a day: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) में चल रही सुनामी क्रिकेट के बीच टीम इंडिया के लिए खेल चुके ऑलराउंडर विजय शंकर (Vijay Shankar) ने अंतरराष्ट्रीय को अलविदा कह दिया है. विजय शंकर पिछले साल आईपीएल की मेगा नीलामी में बेस प्राइस के साथ मैदान पर उतरे थे, लेकिन उन पर किसी भी टीम ने बोली नहीं लगाई. कुछ महीनों से विजय शंकर एकदम 'गुमनाम' से थे. और अब जब 35 साल के विजय शंकर ने संन्यास का ऐलान कर दिया है, जो बिल्कुल भी चौंकाने वाली बात नहीं है. वास्तव में विजय शंकर का नाम भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे बड़े में से एक विवाद के साथ जुड़ा है, जिसे आज भी फैंस याद करते हैं, तो उनका नाम जुबां पर आता है.
साल 2019 में बड़े विवाद से जुड़ा नाम
साल 2019 में जब विश्व कप के लिए भारतीय टीम का ऐलान हुआ, तो जब तत्कालीन चीफ सेलेक्टर एमएसके प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में विजय शंकर के नाम का ऐलान किया, तो टीम इंडिया के सदस्य तक हैरान रह गए. वजह यह थी कि इससे पहले करीब डेढ़ साल तक नंबर चार पर अंबाती रायुडु ने टीम इंडिया के लिए शानदार प्रदर्शन किया था और उनका चयन एकदम तय माना जा रहा था. लेकिन प्रेस कॉन्फ्रेंस में बाकायदा पावर-प्वाइंट प्रेजेंटेशन लेकर आये एमएसके प्रसाद ने विजय शंकर को '3 डी' क्रिकेटर के रूप में परिभाषित किया. प्रसाद ने उन्हें थ्री डायमेंशन वाला (बैटिंग, बॉलिंग और फील्डिंग) असरदार क्रिकेटर बताकर टीम में जगह तो दे दी, लेकिन यह फैसला भारतीय टीम प्रबंधन तक के गले नहीं उतरा. इसके बाद अंबाती रायुडु ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास तक का ऐलान कर दिया था और विजय शंकर का विश्व कप टीम में चयन भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे बड़े विवादों में से एक बन गया. और जब विश्व कप शुरू हुआ, तो इसका असर साफ-साफ देखा गया और विजय शंकर की परिणिति बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण रही.
...और नतीजा यह हुआ कि...
साल 2019 में इंग्लैंड में खेले गए विश्व कप में विजय शंकर ने खेले 3 मैचों में 29.00 के औसत से 58 रन बनाए, तो वहीं बॉलिंग में उन्होंने फेंके सिर्फ 5.2 ओवरों में 22 रन देकर 2 विकेट लिए, लेकिन तीन मैचों के बाद विजय शंकर "रहस्यमयी चोट" का शिकार हो गए. और उन्हें वापस भारत लौटना पड़ा. टीम प्रबंधन की मांग पर विजय की जगह फिर ऋषभ पंत को इंग्लैंड भेजा गया था. इस घटना का असर विजय शंकर के करियर पर भी देखा गया. विजय ने यहां से भारत के लिए कुछ मैच तो खेले, लेकिन वह अपनी क्षमता पर खरे नहीं ही उतर सके.
कुछ ऐसा रहा विजय का करियर
विजय शंकर ने भारत के लिए 12 वनडे मैच खेले और इन मैचों में उन्होंने 31.85 के औसत से 223 रन बनाए. उनका बेस्ट स्कोर 46 का रहा. यह औसत बताता है कि वह ठीक-ठाक ऐसे बल्लेबाज रहे, जिन्हें ज्यादा मौका नहीं मिला. वहीं विजय ने गेंदबाजी में फेंकी 233 गेंदों में सिर्फ 4 ही विकेट लिए. इसके अलावा विजय ने देश के लिए 9 टी20 मैच भी खेले. इनमें विजय ने 25.25 के औसत से 101 रन बनाए, तो इस फॉर्मेट में उन्होंने 5 विकेट चटकाए.
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