दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण का रिकवरी रेट 90.19 फीसदी, एक्टिव मरीज 11626

Delhi Coronavirus Cases: दिल्ली में कोरोना के 1061 नए मामले सामने आए, पिछले 24 घंटे में 1200 लोग ठीक हुए

दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण का रिकवरी रेट 90.19 फीसदी, एक्टिव मरीज 11626

प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली:

Delhi Coronavirus Update: दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण का रिकवरी रेट 90.19% गया है. एक्टिव मरीज़ 7.15% हैं और डेथ रेट 2.65% है. दिल्ली में सोमवार को समाप्त 24 घंटे में कोरोना के 1061 मामले सामने आए. कुल मामले 1,62,527 हो गए हैं. पिछले 24 घंटे में 1200 लोग ठीक हुए हैं और अब तक कुल 1,46,588 लोग ठीक हो चुके हैं. पिछले 24 घंटे में 13 मरीजों की मौत हुई और कुल मौत का आंकड़ा 4313 हो गया है. 

दिल्ली में अब कोरोना के एक्टिव केस 11,626 हैं. होम आइसोलेशन में 6143 मरीज हैं. पिछले 24 घंटे में दिल्ली में 11,910 (RT-PCR- 3826, एंटीजन- 8084) टेस्ट हुए. दिल्ली में अब तक कुल 14,43,004 टेस्ट हुए हैं.

दिल्ली सरकार (Delhi Government) का दावा है कि कोरोना वायरस (Coronavirus) से जूझ रहे अमेरिका (America) ने इस पर नियंत्रण के लिए दिल्ली मॉडल (Delhi Model) को अपना लिया है. अमेरिका ने कोविड-19 के रोगियों के इलाज के लिए प्लाज्मा थेरेपी (Plasma therapy) के मॉडल को भी अपनाया है. यह घोषणा आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने की. इस पर दिल्ली वासियों को बधाई देते हुए सीएम अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने ट्वीट कर कहा कि, ''वो कहते थे, अमेरिका जो आज करता है, भारत कल करेगा. दिल्ली ने इसे बदल दिया है. अब कल दिल्ली ने क्या किया, अमेरिका आज कर रहा है. इसके लिए दिल्ली को बधाई देता हूं. यह हमारे देश के लिए बेहद सम्मान की बात है.'' इससे पहले डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की, "आज मैं चीन के वायरस के खिलाफ हमारी लड़ाई में वास्तव में एक ऐतिहासिक घोषणा करने जा रहा हूं, जिससे अनगिनत लोगों की जान बच जाएगी. हम प्लाज्मा थेरेपी अपनाने जा रहे हैं.''

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दिल्ली सरकार ने एक प्रेस रिलीज में कहा है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पहल पर देश में सबसे पहले अप्रैल में दिल्ली में प्लाज्मा थेरेपी की शुरुआत हुई. इसके लिए दिल्ली सरकार ने केंद्र सरकार से अनुमति ली थी. जिसके नतीजे काफी बेहतर आए. फिर दिल्ली में दुनिया का पहला प्लाज्मा बैंक 2 जुलाई को आईएलबीएस अस्पताल में शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य कोविड के गंभीर मरीजों को निःशुल्क उच्च गुणवत्ता का प्लाज्मा प्रदान करना था. इसके बाद दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल में एक और प्लाज्मा बैंक शुरू किया गया. जिससे सैकड़ों लोगों को प्लाज्मा मिला और कोरोना के गंभीर मरीजों का इलाज संभव हो पाया.  दिल्ली मॉडल का यह सिस्टम कोविड प्रतिक्रिया में एक महत्वपूर्ण तत्व रहा है और अब देश के अन्य राज्यों द्वारा भी अपनाया जा रहा है. अब अमेरिका ने भी इसे अपनाया है.