
Mumbai Coronavirus: एसोसिएशन ऑफ मेडिकल कंसल्टेंट मुम्बई ने बीएमसी के नए फरमान पर नाराजगी जताई है. बीएमसी द्वारा 17 मई को लिखे गए एक आदेश में सभी 24 वार्डों के हेल्थ अफसर को स्वाब टेस्टिंग SOP का पालन करने की हिदायत दी गई है. आदेश में कहा गया है कि अगर कोई प्राइवेट मेडिकल प्रैक्टिशनर किसी मरीज की बिना फिजिकल जांच किए स्वाब टेस्टिंग के लिए पत्र लिखता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. इसमें उस डॉक्टर का लाइसेंस रद्द करने के साथ एफआईआर भी दर्ज किया जाए.
एसोसिएशन ऑफ मेडिकल कंसल्टेंट मुम्बई ने बीएमसी के इस फरमान पर विरोध जताते हुए कहा है कि यह आईसीएमआर और WHO की गाइडलाइन के खिलाफ है. गाइड लाइन के मुताबिक कोरोना वायरस के लक्षण दिखने पर स्वाब टेस्ट कराना चाहिए. यहां तक कि मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी अपने नए संशोधन में टेलीमेडिसिन की इजाजत दी है.
एसोसिएशन ने कहा है कि मुम्बई में कोरोना वायरस महामारी में भी डॉक्टर खतरा उठाकर काम कर रहे हैं. ऐसे में बीएमसी का यह रवैया डॉक्टरों का मनोबल गिराने वाला है. एसोसिएशन ऑफ मेडिकल कंसल्टेंट मुम्बई के 12000 डॉक्टर सदस्य हैं. इस संगठन ने बीएमसी आयुक्त को पत्र लिखकर उक्त आदेश को वापस लेने का आग्रह किया है.
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