- आरोपियों को रिहा करने का अधिकार केंद्र को है
- राज्य सरकार स्वत: संज्ञान लेकर रिहाई नहीं कर सकती
- संथन, मुरुगन, पेरारीवलन सहित अन्य दोषियों की याचिका पर सुनवाई
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नई दिल्ली:
राजीव गांधी के सात हत्यारों की रिहाई के मामले में तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
हालांकि सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने दिसंबर 2015 को केन्द्र सरकार की याचिका पर फैसला देते हुए कहा था कि अगर मामले की जांच एजेंसी केंद्र की है तो आरोपियों को रिहा करने का अधिकार उन्हीं को है। फैसले में कहा गया था कि राज्य सरकार स्वत: संज्ञान लेकर रिहाई नहीं कर सकती।
पुनर्विचार याचिका में तमिलनाडु सरकार ने कहा है कि केंद्रीय एजेंसियों द्वारा जांच किए गए मामलों में राज्य सरकार को केंद्र से सलाह लेने की जरूरत है इसलिए फैसले पर फिर से विचार किया जाए।
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के हत्यारों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है। कोर्ट संथन, मुरुगन, पेरारीवलन सहित अन्य दोषियों की याचिका पर सुनवाई कर रहा है। इन सभी की ओर से याचिका दायर कर रिहा करने की मांग की गई है।
हालांकि सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने दिसंबर 2015 को केन्द्र सरकार की याचिका पर फैसला देते हुए कहा था कि अगर मामले की जांच एजेंसी केंद्र की है तो आरोपियों को रिहा करने का अधिकार उन्हीं को है। फैसले में कहा गया था कि राज्य सरकार स्वत: संज्ञान लेकर रिहाई नहीं कर सकती।
पुनर्विचार याचिका में तमिलनाडु सरकार ने कहा है कि केंद्रीय एजेंसियों द्वारा जांच किए गए मामलों में राज्य सरकार को केंद्र से सलाह लेने की जरूरत है इसलिए फैसले पर फिर से विचार किया जाए।
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के हत्यारों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है। कोर्ट संथन, मुरुगन, पेरारीवलन सहित अन्य दोषियों की याचिका पर सुनवाई कर रहा है। इन सभी की ओर से याचिका दायर कर रिहा करने की मांग की गई है।
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