- ईरान ने कुवैत के एक पावर प्लांट और डीसैलिनेशन प्लांट पर हमला कर पीने के पानी की आपूर्ति प्रभावित की है.
- ईरान ने अबू धाबी की हबशन गैस फैसिलिटी पर भी हमला किया, जिससे प्लांट का संचालन अस्थायी रूप से बंद हुआ.
- कुवैत के मीना अल-अहमदी पोर्ट की प्रमुख ऑयल रिफाइनरी पर दो सप्ताह में तीसरी बार हमला हुआ है.
Iran Israel US War: अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान की जंग पांचवें हफ्ते में प्रवेश कर चुकी है. दोनों ओर से हमलों का दौर जारी है. इस बीच अब ईरान ने हमले की रणनीति बदल दी है. जिससे पश्चिम एशिया में हालात और खराब होने के आसार है. शुक्रवार को ईरान ने कुवैत में एक पावर प्लांट और डीसैलिनेशन (समुद्री पानी को पीने योग्य बनाने वाले) प्लांट पर हमला किया. कुवैत ने कहा है कि शुक्रवार को हुए ईरानी हमले में एक पावर और डीसैलिनेशन प्लांट के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचा है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कुवैत के जिस डीसैलिनेशन प्लांट पर हमला हुआ, वहां से देश में 90 फीसदी पीने का पानी आता है. पश्चिम एशिया के देशों में तेल तो बहुत है लेकिन पीने के पानी की कमी है. ऐसे में ईरान ने अब बदली हुई रणनीति के तहत उन चीजों को निशाना बनाना शुरू किया है, जिससे आम लोगों का जीवन प्रभावित हो.
- यदि ईरान के हमलों का यही पैटर्न आगे भी जारी रहा तो जंग की जद में शामिल देशों के नागरिकों को पीने के पानी के साथ-साथ बिजली और गैस के लिए बड़ी मशक्कत का सामना करनी पड़ सकती है.
- कुवैत के पानी के प्लांट के साथ-साथ ईरान ने शुक्रवार को अबू धाबी में हबशन गैस फैसिलिटी पर भी हमला किया. हालांकि यहां एयर डिफेंस सिस्टम ने हमले को इंटरसेप्ट कर लिया, लेकिन इसके बाद गिरे मलबे से आग लग गई. जिसके बाद प्लांट का संचालन अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा.
- साथ ही कुवैत के मीना अल-अहमदी पोर्ट पर बनी ऑयल रिफाइनरी पर दो हफ्तों में तीसरी बार हमला हुआ है. यह मिडिल ईस्ट की सबसे बड़ी रिफाइनरी में से एक है.
पुल पर हुए हमले के बाद ईरान ने बदली रणनीति
ईरान के हमलों की रणनीति में यह बदलाव तब हुआ, जब अमेरिकी सेना ने ईरान में एक अहम हाईवे पुल पर हमला किया है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया. वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी के साथ ईरान से समझौता करने की अपील की है. उन्होंने कहा ईरान को समझौता करना चाहिए वर्ना “आगे और भी कार्रवाई हो सकती है.”

यह हमला बी1 पुल पर हुआ, जो तेहरान को पास के शहर करज से जोड़ता है. अमेरिकी सेना के एक अधिकारी के मुताबिक, यह पुल ईरान की मिसाइल और ड्रोन सेना के लिए सामान ले जाने का एक तय रास्ता था, इसलिए इसे निशाना बनाया गया.
वहीं, ईरान के सरकारी मीडिया ने कहा कि यह पुल अभी चालू नहीं था और सेना इसका इस्तेमाल नहीं कर रही थी. अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में कम से कम आठ लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हुए, जिनमें नवरोज के मौके पर बाहर मौजूद आम नागरिक भी शामिल थे.
ट्रंप ने दी धमकी- इससे पहले की देर हो जाए, समझौता कर लो
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में इस हमले की सराहना की. उन्होंने लिखा, “ईरान का सबसे बड़ा पुल गिरा दिया गया है, अब इसका कभी इस्तेमाल नहीं होगा. अभी और भी बहुत कुछ होना बाकी है!" उन्होंने ईरान को यह चेतावनी भी दी कि "इससे पहले कि बहुत देर हो जाए, एक समझौता कर लो."
ईरान के नेता बोले- देश की बात आएगी तो हर व्यक्ति सैनिक बन जाएगा
ईरान के नेताओं ने इस पर सख्त प्रतिक्रिया दी. संसद अध्यक्ष मोहम्मद गालिबाफ ने कहा, “जब देश की रक्षा की बात आएगी, तो हम में से हर व्यक्ति सैनिक बन जाएगा.” उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के लोग तैयार हैं और डटे हुए हैं. यह संघर्ष अब पूरे क्षेत्र में फैलता नजर आ रहा है. इजरायल ने कहा कि उसने ईरान से दागी गई मिसाइलों को रोक दिया. वहीं, यमन के हूती विद्रोहियों ने भी इजरायल की ओर मिसाइल दागी.
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