भारत-UK कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट आधिकारिक तौर पर लागू हो गया है. साइन होने के लगभग एक साल बाद यह लागू हुआ है. यह भारत और यूके दोनों देशों के रिश्तों में एक नया अध्याय खोलता है, और यह ऐसे समय में हुआ है जब ग्लोबल ट्रेड टैरिफ वॉर और मिडिल ईस्ट में संघर्ष से प्रभावित हो रहा है. NDTV के साथ एक खास बातचीत में, UK के ट्रेड पॉलिसी मिनिस्टर क्रिस ब्रायंट ने कहा कि यह डील UK के लिए किसी समझौते पर साइन करने और उसे लागू करने के बीच सबसे तेज़ी से हुआ बदलाव है. उन्होंने कहा कि यह दोनों पक्षों की इसे पूरा करने की ऊर्जा और दृढ़ संकल्प का संकेत है.
ब्रायंट ने कहा, किसी डील पर साइन करने से लेकर उसे असल में लागू करने तक का यह हमारा सबसे तेज़ सफ़र रहा है. उन्होंने इसके लिए दिल्ली और लंदन में बातचीत करने वाली टीमों की मेहनत को श्रेय दिया.
-
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
रुपये की गिरती कीमत पर RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कोई फिक्स लेवल नहीं, जानिए क्या है रिजर्व बैंक का एक्शन प्लान -
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर ड्यूटी जीरो किया जा रहा
इस ट्रेड डील से महिलाओं को भी फायदा होने वाला है. क्योंकि ब्यूटी प्रोडक्ट पर भी ड्यूटी घटने वाली है. ब्रायंट ने बताया कि ऑटोमोबाइल और ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर लगने वाली ड्यूटी को 22% से घटाकर ज़ीरो किया जा रहा है. ब्रायंट का कहना है कि इस कदम से ब्रिटिश कॉस्मेटिक्स ब्रांड भारत के कंज्यूमर मार्केट में अपनी पैठ और गहरी कर सकेंगे.
स्कॉच व्हिस्की पर लगने वाला टैरिफ़ तुरंत 150% से घटकर 75% हो जाएगा और आने वाले कुछ सालों में इसमें और कटौती की जाएगी. भारतीय पक्ष के एक्सपोर्टर्स को भी इससे काफ़ी फ़ायदा होगा; प्रोसेस्ड फ़ूड पर 70% और समुद्री उत्पादों पर 21.5% तक की ड्यूटी में भारी कटौती की जा रही है, साथ ही टेक्सटाइल और लेदर सेक्टर में भी फ़ायदे की उम्मीद है.
डेयरी प्रोडक्ट से समझौते पर ब्रायंट ने क्या कहा
बातचीत के दौरान मंत्री ब्रायंट ने बताया कि डेयरी के मामले पर जो भारत के साथ किसी भी व्यापार वार्ता का सबसे संवेदनशील राजनीतिक हिस्सा होता है. ब्रायंट ने ब्रिटिश किसानों की निराशा को स्वीकार करते हुए भारत के रुख का बचाव किया. उन्होंने कहा कि ब्रिटेन में डेयरी आयात के लिए असली बाधा अक्सर टैरिफ नहीं, बल्कि UK के खाद्य मानक और पशु कल्याण नियम होते हैं. इसके बजाय, उन्होंने वेल्श लैंब (भेड़ के मांस) निर्यातकों के लिए खुल रहे अवसरों की ओर इशारा किया.
ब्रायंट ने 'फ्री ट्रेड एग्रीमेंट' को 'नियम-आधारित व्यवस्था' के लिए एक बड़े तर्क के हिस्से के तौर पर पेश किया, ऐसे समय में जब कई बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में संरक्षणवादी सोच बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि भारत-UK डील जो यूरोपीय संघ के भारत के साथ समझौते से पहले ही हो गई थी उसने असल में वह रास्ता दिखाया जिस पर दूसरों ने भी अमल किया. अब जब लंदन और दिल्ली के बीच व्यापारिक संबंध औपचारिक रूप से खुल गए हैं, तो दोनों सरकारें बारीकी से देखेंगी कि ज़मीनी स्तर पर कारोबार कितनी तेज़ी से टैरिफ में कटौती और आसान कस्टम नियमों का फ़ायदा उठाकर असल व्यावसायिक लाभ में बदलते हैं.
यह भी पढ़ेंः India-UK Trade Deal: अब सस्ते में मिलेगी स्कॉच और व्हिस्की, जानिए कितने घट जाएंगे इन विदेशी प्रीमियम ड्रिंक्स के रेट
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं