अमेरिका-ईरान तनाव के बीच दुनियाभर के मार्केट में जो उतार-चढ़ाव बना हुआ है, उसे निवेश के महागुरु माने जाने वाले वॉरेन बफे (Warren Buffet) गैंबलिंग यानी जुए के माहौल के तोर पर देख रहे हैं. इस वैश्विक अस्थिरता के बीच, निवेश के महागुरु वॉरेन बफे ने बाजार के मौजूदा स्वरूप पर एक बेहद तीखी और डराने वाली टिप्पणी की है. एक ऐसे समय में हुई जब दुनिया, ईरान और अमेरिका के बीच 'कभी युद्ध, कभी शांति' के अनिश्चित माहौल से जूझ रही है, वॉरेन बफे की कंपनी बर्कशायर हैथवे की एनुअल मीटिंग हुई. इस वर्ष की शुरुआत में वॉरेन बफे ने CEO का पद ग्रेग एबेल को सौंपा है, जिसके बाद ये कंपनी की पहली वार्षिक बैठक है.
मार्केट जैसे, चर्च के बगल में कैसीनो
वॉरेन बफे ने वर्तमान मार्केट की तुलना एक ऐसे 'चर्च' से की, जिसके बगल में एक 'कैसीनो' खुल गया है. उन्होंने कहा कि निवेश का जो पारंपरिक तरीका (वैल्यू इन्वेस्टिंग) एक पवित्र मंदिर की तरह था, उस पर अब सट्टेबाजी का रंग चढ़ चुका है. वॉरेन बफे जिस ओर इशारा कर रहे हैं, उसका उदाहरण हमने पिछले दिनों अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'पलटीमार' बयानबाजियों के दौरान देखा भी है.
- 23 मार्च को तो एक घंटे से भी कम समय में 280 लाख करोड़ का खेल हो गया, जब ट्रंप ने पहली बार युद्ध खत्म होने के संकेत दिए थे और 56 मिनट बाद ईरान ने इसका खंडन कर दिया था. (यहां क्लिक कर आप चार्ट के साथ पूरी डिटेल देख सकते हैं- डील पर ट्रंप का बयान और ईरान का खंडन, 56 मिनट में हो गया 280 लाख करोड़ का खेल)
- उसके बाद कई बार ऐसे मौके आए, जब ट्रंप ने विरोधाभासी बयान दिए. कुछ ही दिन के भीतर माहौल ऐसे बने कि दुनियाभर के बाजारों ने ट्रंप के बयान को गंभीरता से लेना बंद कर दिया. 6 अप्रैल को आपने NDTV इंडिया पर ही शायद ये खबर पढ़ी होगी कि कैसे ट्रंप की धमकियों से बाजार ने भी डरना बंद कर दिया है! (यहां क्लिक कर आप एक नजर डाल सकते हैं.)
- ट्रंप, अमेरिका के राष्ट्रपति होने के साथ-साथ बिजनेसमैन भी हैं, इसलिए चाहे वो वॉरेन बफे का इशारा हो या फिर कई बड़े-बड़े एक्सपर्ट्स की आशंका, इसके प्रमाण भी देखने को मिले हैं कि ट्रंप के करीबी कैसे इस माहौल में बाजार से खूब पैसे बना रहे हैं. (यहां डिटेल में पढ़ें- ईरान जंग से ट्रंप के लोग कैसे छाप रहे करोड़ों, शेयर और सट्टा बाजार में हो रही चांदी!)
वॉरेन बफे बोले- जुआरी मोड में हैं लोग
बफे ने कहा, 'हमने लोगों को आज से पहले कभी इतने 'जुआरी मूड' (Gambling Mood) में नहीं देखा.' उन्होंने विशेष रूप से 'वन-डे ऑप्शंस' और प्रेडिक्शन मार्केट्स की आलोचना करते हुए कहा कि यह निवेश या स्पेक्युलेशन नहीं, बल्कि शुद्ध जुआ है.
बफे ने एक चौंकाने वाला उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे एक अमेरिकी सैनिक ने वेनेजुएला में सैन्य अभियान से जुड़ी जानकारियों का इस्तेमाल करके प्रेडिक्शन मार्केट में 4 लाख डॉलर से अधिक कमाए.
बफे के अनुसार, जब लोग बिना किसी आधार के केवल एक दिन के उतार-चढ़ाव पर दांव लगाते हैं, तो वे जोखिम को नहीं, बल्कि अपनी किस्मत को आजमा रहे होते हैं.
एनुअल मीटिंग से निकली काम की बातें
- बफे ने 'गोल्डन रूल' की याद दिलाई: दूसरों के साथ वैसा ही व्यवहार करें जैसा आप अपने लिए चाहते हैं.
- अजीत जैन के अनुसार, AI अभी स्टॉक पिकिंग या क्लेम सेटलमेंट जैसे जटिल कार्यों के लिए तैयार नहीं है.
- बर्कशायर ने वेनेजुएला जैसे संवेदनशील मामलों में इनसाइडर ट्रेडिंग के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई.
हॉर्मूज से गुजर रहे जहाजों के बीमा पर क्या बोली कंपनी?
इसी मीटिंग में युद्ध के रणनीतिक प्रभावों पर भी चर्चा हुई. बर्कशायर के इंश्योरेंस दिग्गज अजीत जैन से जब पूछा गया कि क्या वे हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों का बीमा करेंगे, तो उनका जवाब था- 'यह कीमत पर निर्भर करता है.' ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष के कारण यह समुद्री रास्ता बेहद खतरनाक हो चुका है.
बफे की कंपनी में इंश्योरेंस ऑपरेशन के वाइस चेयरमैन अजीत जैन ने स्पष्ट किया कि वे बीमा तभी करेंगे जब अमेरिकी नौसेना इन जहाजों को एस्कॉर्ट करे. यह दिखाता है कि जहाँ एक तरफ जमीनी हकीकत युद्ध की विभीषिका से जूझ रही है, वहीं दूसरी ओर वित्तीय बाजार उस डर को मुनाफे और सट्टेबाजी में बदलने की कोशिश कर रहा है.
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