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मादुरो को पकड़ने के बाद वेनेजुएला के स्टॉक मार्केट में बंपर उछाल, अचानक 50% की आई तेजी

वेनेजुएला का शेयर बाजार पिछले एक हफ्ते में 87%, एक महीने में 156.52% और बीते तीन महीने में 248.36% उछला.

मादुरो को पकड़ने के बाद वेनेजुएला के स्टॉक मार्केट में बंपर उछाल, अचानक 50% की आई तेजी
  • वेनेजुएला के स्टॉक मार्केट 6 जनवरी को अचानक 50% का उछाल आया.
  • स्टॉक एक्सचेंज 30 दिसंबर 2025 को 20008 पर बंद हुआ था और 06 जनवरी को यह 3896.77 पर पहुंच गया.
  • काराकास स्टॉक एक्सचेंज पिछले एक हफ्ते में 87%, एक महीने में 156.51% और बीते तीन महीने में 248.36% उछला.
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वेनेजुएला के स्टॉक मार्केट 6 जनवरी को अचानक 50% का उछाल आया. वेनेजुएला ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को तीन जनवरी की रात काराकास स्थित राष्ट्रपति भवन से अमेरिकी सैनिक के उठा ले जाने के बाद न्यूयॉर्क में चल रहे ट्रायल के दौरान वेनेजुएला के शेयर बाजार में 84% तक उछाल आया है. investing.com के मुताबिक IBC स्टॉक एक्सचेंज 30 दिसंबर 2025 को 20008 पर बंद हुआ था और 06 जनवरी को यह 3896.77 पर पहुंच गया. केवल एक हफ्ते में इसमें 84% की बढ़त आई है. 

काराकास स्टॉक एक्सचेंज (Bolsa de Valores de Caracas) पिछले एक हफ्ते में 87%, एक महीने में 156.51% और बीते तीन महीने में 248.36% उछला.  हालांकि बीते पांच साल की अवधि को देखें तो इस दौरान IBC ने 99% का नेगेटिव रिटर्न दिया है. सरकारी तेल कंपनी पेट्रोलेओस डी वेनेजुएला (PDVSA) के जारी किए गए बॉन्ड में करीब 30 फीसद की बढ़ोतरी हुई है.

फिलहाल निवेशकों की नजर इस पर बनी हुई है कि क्या यह जबरदस्त तेजी राजनीतिक बदलाव और तेल से जुड़ी एक री-रेटिंग की वजह है या लंबे समय से बहुत अधिक अस्थिरत रहे वेनेजुएला के शेयर बाजार में आया एक कम समय के लिए रहने वाली स्थिति है. सालों तक दोगुना, तिगुना और चारगुना बढ़त देखने वाला यह बाजार फिलहाल केवल दो सेशन में ही 87% ऊपर जा चुका है.

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Photo Credit: AFP

वेनेजुएला में अब हालात कैसे हैं?

वेनेजुएला वो देश है जहां दुनिया में सबसे अधिक मात्रा में तेल भंडार मौजूद है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि काराकास और वॉशिंगटन ने अमेरिका को 2 अरब डॉलर तक का वेनेजुएला का कच्चा तेल एक्सपोर्ट करने के लिए एक डील की है. इससे चीन को होने वाली सप्लाई कम होगी और वेनेजुएला को तेल उत्पादन में और अधिक कटौती से बचने में मदद मिलेगी. इस समझौता का मतलब ये भी है कि वेनेजुएला की सरकार ट्रंप की मांग के अनुसार ही अमेरिकी तेल कंपनियों के लिए अपने दरवाजे खोल रही है, क्योंकि ऐसा नहीं करने पर अमेरिकी सैन्य दखल झेलना पड़ेगा. ट्रंप ने कहा कि वह चाहते हैं कि अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रॉड्रिगेज अमेरिकी कंपनियों को वेनेज़ुएला के तेल उद्योग में पूरी तरह खुली छूट दें.

वेनेजुएला के पास लाखों बैरल तेल, टैंकरों और स्टोरेज टैंकों में भरा पड़ा है, जिसे वह एक्सपोर्ट नहीं कर पा रहा था. ट्रंप ने मध्य दिसंबर से ही तेल निर्यात पर नाकेबंदी लगा दी थी. यह नाकेबंदी वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सरकार पर बढ़ते अमेरिकी दबाव का हिस्सा थी, और अब अमेरिकी फौज ने मादुरो को पकड़ लिया.

वेनेजुएला के शीर्ष अधिकारियों ने मादुरो की गिरफ्तारी को अपहरण बताया और अमेरिका पर इस लैटिन अमेरिकी देश के विशाल तेल भंडार हड़पने की कोशिश का आरोप लगाया है. डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है कि वेनेजुएला अमेरिका को 30 से 50 मिलियन बैरल प्रतिबंधित तेल सौंपेगा.

ट्रंप के मुताबिक, इस डील को लागू करने की जिम्मेदारी अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट को दी गई है. उन्होंने कहा कि तेल जहाजों से उतारकर सीधे अमेरिकी बंदरगाहों पर भेजा जाएगा. ट्रंप के ऐलान के बाद अमेरिकी कच्चे तेल की कीमतें 1.5% से अधिक नीचे आ गई हैं क्योंकि इस समझौते से अमेरिका को भेजे जाने वाले वेनेजुएला के तेल की मात्रा बढ़ने की उम्मीद है.

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