मिडिल ईस्ट में जारी ईरान, अमेरिका और इजरायल की जंग अब दुनिया की जेब पर भारी पड़ने लगी है. जंग के दसवें दिन हुए हमलों ने ग्लोबल मार्केट में हड़कंप मचा दिया हैआज यानी सोमवार, 9 मार्च को कच्चे तेल की कीमतों (Crude Oil Price) में जोरदार धमाका हुआ और भाव $107 प्रति बैरल के पार निकल गए.
क्रूड ऑयल में 17% तक का जोरदार उछाल
सोमवार सुबह ट्रेडिंग शुरू होते ही तेल की कीमतों में आग लग गई. अमेरिकी बेंचमार्क WTI क्रूड 17.23% उछलकर $106.56 पर पहुंच गया, जबकि ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) 15.35% की बढ़त के साथ $106.92 प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है.
-
NDTV World Summit 2026: PM मोदी समेत शामिल होंगे ये बड़े दिग्गज, जानिए क्या कुछ होगा खास? -
NDTV World Summit 2026: दिल्ली में दो दिन दुनिया के दिग्गजों का महामंथन -
NDTV World Summit 2026 का काउंटडाउन शुरू, एक मंच पर जुटेंगे दुनिया के दिग्गज -
NDTV World Summit 2026: 22-23 अक्टूबर को फिर सजेगा दुनिया के दिग्गजों का महामंच, देखिए पहली झलक -
दुनिया की सबसे असरदार और सबसे दमदार आवाजों के साथ लौट रहा है NDTV World Summit, देखिए सिर्फ NDTV पर -
NDTV World Summit 2026: AI, कूटनीति और अर्थव्यवस्था पर चर्चा, आज एक मंच पर जमा होंगे दुनिया के दिग्गज -
भारत की आर्थिक बढ़त से मानवता पर AI के खतरों तक, NDTV World Summit 2026 के दूसरे दिन किन मुद्दों पर होगी बात -
NDTV World Summit 2026: दुनिया की पहली AI एक्ट्रेस टिली नॉरवुड होंगी शामिल, कृति सेनन भी बनेंगी हिस्सा -
डिजिटल इकोनॉमी, एनर्जी, ग्लोबल ट्रेड... NDTV World Summit में पहले दिन किन-किन मुद्दों पर होगी बात -
NDTV World Summit 2026: दुनिया भर में कैसे बदल रहा है भारतीय खाने का स्वाद? वीर सांघवी बताएंगे देसी शेफ्स का ज
यह पिछले साढ़े तीन साल में पहली बार है जब तेल ने $100 का आंकड़ा पार किया है. इससे पहले शुक्रवार को भाव $90-$92 के आसपास था.
क्यों बढ़ रहे हैं दाम? सप्लाई चेन पर मंडरा रहा खतरा
मिडिल ईस्ट युद्ध अब तेल के खजानों और सप्लाई चेन तक पहुंच गई है. अमेरिका और इजरायल ने ईरान के तेल डिपो पर हमले किए हैं, जिसके जवाब में ईरान ने भी कुवैत, कतर और यूएई में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है.
दुनिया का 20% तेल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के रास्ते गुजरता है, जिसे ईरान ने बंद करने की चेतावनी दी है. इराक और कुवैत जैसे देशों ने भी उत्पादन कम कर दिया है क्योंकि एक्सपोर्ट करने के लिए सुरक्षित रास्ते नहीं मिल रहे हैं.
डोनाल्ड ट्रंप का बयान और आम जनता पर असर
इस बढ़ती कीमतों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि तेल की कीमतों में यह उछाल अस्थायी है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि "ईरान के परमाणु खतरे को खत्म करने के लिए यह एक छोटी सी कीमत है और जल्द ही दाम नीचे आएंगे."
हालांकि, जमीनी हकीकत यह है कि अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें पहले ही 47 सेंट बढ़कर $3.45 प्रति गैलन पर पहुंच गई हैं. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर तेल $100 के ऊपर टिका रहा, तो पूरी दुनिया में महंगाई का नया तूफान आ सकता है.
क्या भारत में पेट्रोल-डीजल होगा महंगा?
मिडिल ईस्ट में जारी भीषण जंग और कच्चे तेल की कीमतों में आई सुनामी के बीच भारतीय आम आदमी के लिए राहत भरी खबर है. सरकारी सूत्रों के मुताबिक, ग्लोबल मार्केट में उथल-पुथल के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी. जहां एक तरफ पड़ोसी देशों और यूरोप में तेल के दाम आसमान छू रहे हैं, वहीं भारत अपने एनर्जी स्टॉक को मजबूत करने और एनर्जी सोर्स को डायवर्सीफाई करने की वजह से बेहतर स्थिति में है. हाल ही में हुई रिव्यू मीटिंग में यह साफ हुआ है कि देश का तेल और LPG भंडार अब काफी सुरक्षित है, इसलिए ग्लोबल क्राइसिस के बावजूद फिलहाल आपकी जेब पर पेट्रोल-डीजल की महंगाई का बोझ नहीं पड़ेगा.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं