Housing Price Hike: उत्तर प्रदेश में घर बनाना महंगा हो गया है. यूपी आवास विकास परिषद ने लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, बस्ती, सहारनपुर, अयोध्या समेत प्रदेश के कई शहरों में आवासीय परियोजनाओं में जमीन के दाम बढ़ा दिए हैं. हाउसिंग एंड डेवलपमेंट बोर्ड ने अलग-अलग जिलों में जमीन के दाम 6,500 रुपये/वर्ग मीटर तक बढ़ा दिए हैं. इस तरह देखा जाए तो 500 वर्गमीटर की जमीन अब पहले की तुलना में 2.5 लाख रुपये तक महंगी हो जाएगी. यूपी आवास एवं विकास परिषद के फाइनेंस कंट्रोलर यानी वित्त नियंत्रक डॉ महेश चंद्र पांडेय ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है. परिषद की वेबसाइट पर बढ़ी हुई दरों वाला ऑफिस ऑर्डर अपलोड कर दिया गया है.
आवास विकास परिषद के मुताबिक, जमीन की दरों में ये बढ़ोतरी रेगुलर बदलाव का हिस्सा है. लंबे समय से दरों में बढ़ोतरी नहीं की गई थी.
सबसे पहले राजधानी लखनऊ का हाल
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की कई प्रमुख योजनाओं में जमीन की दरें बढ़ा दी गई हैं. वृंदावन योजना-4 में जमीन के रेट में सबसे ज्यादा 6,500 रुपये की बढ़ोतरी की गई है.
- अवध विहार योजना: इसमें जमीन की दर 38,000 रुपये/वर्ग मीटर से बढ़ाकर 41,500 रुपये/वर्ग मीटर कर दी गई है.
- वृंदावन योजना-3: इसमें जमीन की दर 41,000 रुपये/वर्ग मीटर से बढ़ाकर 44,600 रुपये/वर्ग मीटर कर दी गई है.
- वृंदावन योजना-4: इसमें जमीन की दर 37,000 रुपये/वर्ग मीटर से बढ़ाकर 43,500 रुपये/वर्ग मीटर कर दी गई है.
- गोकुल ग्राम योजना: मुनू खेड़ा और बीबी खेड़ा, दोनों में दरें 16,000 से बढ़ाकर 17,500 रुपये/वर्ग मीटर कर दी गई है.
- आम्रपाली योजना: इसमें जमीन की दर 30,000 रुपये/वर्ग मीटर से बढ़ाकर 32,700 रुपये/वर्ग मीटर कर दी गई है.
थोड़ी राहत की बात ये है कि फ्लैट्स के रेट नहीं बढ़ाए गए हैं. परिषद ने फ्लैट्स की कम मांग को देखते हुए इसमें जुड़ने वाली जमीन की लागत को पुरानी दर पर ही रखा है.

UP Housing Projects
Photo Credit: UPADB
आगरा में भी ऊंची दरें
लखनऊ और आगरा जैसे शहरों में कुछ योजनाओं की दरें काफी ऊंची रखी गई हैं. लखनऊ में विकास नगर, शहीद पथ, अलीगंज, जानकीपुरम, इंदिरा नगर, गोमती नगर और अवध विहार जैसी योजनाओं में दरें 13,600 रुपये से 88,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर तक हैं. आगरा में कमलानगर, ट्रांस यमुना, सिकंदरा, हाउसिंग योजनाओं और कई कॉलोनियों में दरें 11,000 रुपये से 70,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर के बीच तय की गई हैं.

वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, बस्ती, अयोध्या
परिषद ने वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, बस्ती, सहारनपुर, अयोध्या और अन्य जिलों के लिए भी अलग-अलग श्रेणियों में नई कीमतें निर्धारित की हैं. वाराणसी में दरें 18,000 रुपये से 48,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर तक हैं, जबकि प्रयागराज में 12,100 रुपये से 60,700 रुपये प्रति वर्ग मीटर तक की दरें तय की गई हैं. इसी तरह गोरखपुर, बस्ती और सहारनपुर में भी योजनाओं के अनुसार दरों में व्यापक अंतर देखने को मिला है.
वाराणसी (जोन और सर्किल) | |
| कबीर नगर योजना, वाराणसी | 36,500 रुपये/वर्गमीटर |
| जवाहर नगर योजना, वाराणसी | 36,500 रुपये/वर्गमीटर |
| पाण्डेयपुर योजना, वाराणसी | 48,000 रुपये/वर्गमीटर |
| हरहुआ योजना, बलिया | ---- |
| 9 मीटर तक चौड़ी सड़क | 34,000 रुपये/वर्गमीटर |
| 9 मीटर से ज्यादा चौड़ी सड़क | 40,500 रुपये/वर्गमीटर |
| रजदेपुर योजना, गाजीपुर | 18,000 रुपये/वर्गमीटर |
| टोनस नगर योजना, आजमगढ़ | ---- |
| 9 मीटर तक चौड़ी सड़क | 23,200 रुपये/वर्गमीटर |
| 9 मीटर से ज्यादा चौड़ी सड़क | 25,800 रुपये/वर्गमीटर |
कानपुर, गोरखपुर, मेरठ, बरेली
कानपुर, गोरखपुर, मेरठ और बरेली मंडल से जुड़ी योजनाओं में भी अलग-अलग श्रेणियों के आधार पर दरें घोषित की गई हैं. कानपुर में कुछ क्षेत्रों की दर 10,500 रुपये प्रति वर्ग मीटर से शुरू होकर 37,500 रुपये तक पहुंचती है, जबकि गोरखपुर, लखनऊ, बरेली और मेरठ की कई योजनाओं में 13,000 रुपये से लेकर 72,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर तक की दरें दर्ज की गई हैं. बरेली में कुछ योजनाओं की दर 11,000 रुपये से 66,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर तक रखी गई है.
अलग-अलग शहरों में किन हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में क्या हैं दरें?
आवास विकास परिषद ने कहा कि जहां अभी कॉलोनियां डेवलप हो रही हैं और वहां पहले से जमीन मौजूद है, वहां MCLR के तहत हर साल 8.7 फीसदी की दर से रेट बढ़ाए जाएंगे. जहां जमीन की दरें DM सर्किल रेट से कम है, उसे भी सर्किल रेट तक बढ़ाया जा सकता है.
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