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Meta Layoffs: फेसबुक, इंस्‍टाग्राम वाली कंपनी मेटा में छंटनी की तैयारी, नौकरी से निकाले जा सकते हैं 16 हजार लोग! ये है वजह

Layoffs in Meta: अगर इतनी बड़ी संख्या में छंटनी होती है तो यह मेटा की अब तक की सबसे बड़ी छंटनी होगी. Meta ने इससे पहले 2022 और 2023 में लागत कम करने के लिए कुल मिलाकर 21,000 से ज्यादा कर्मचारियों की छंटनी की थी.

Meta Layoffs: फेसबुक, इंस्‍टाग्राम वाली कंपनी मेटा में छंटनी की तैयारी, नौकरी से निकाले जा सकते हैं 16 हजार लोग! ये है वजह
Meta Layoffs: मेटा में छंटनी की तैयारी (Report)

फेसबुक, इंस्‍टाग्राम, व्‍हॉट्सऐप जैसे सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म रन करने वाली कंपनी मेटा (Meta) में बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी की तैयारी चल रही है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के हवाले से बताया है कि अमेरिकी टेक दिग्‍गज कंपनी मेटा 20% यानी करीब 16,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल सकती है. 

अमेरिकी टेक दिग्गज मेटा प्लेटफॉर्म्स कथित तौर पर एक और बड़े स्तर पर कर्मचारियों की छंटनी पर विचार कर रही है, क्योंकि कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ाने के साथ परिचालन दक्षता बढ़ाना चाहती है. 

79,000 में से 20% की हो सकती हैं छंटनी 

समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के अंदर चल रही चर्चाओं में मेटा के कुल कर्मचारियों में से 20 प्रतिशत या उससे अधिक की कटौती पर विचार किया गया है, यानी दिसंबर के अंत तक कंपनी के करीब 79,000 कर्मचारियों की संख्या के आधार पर लगभग 16,000 कर्मचारियों की छंटनी की जा सकती है.

कंपनी ने रिपोर्ट को 'अटकलें' बताया 

हालांकि मेटा के प्रवक्ता एंडी स्टोन ने इस रिपोर्ट को 'सिर्फ संभावित रणनीतियों पर आधारित अटकलें' बताया है. रिपोर्ट के अनुसार, अब तक छंटनी के पैमाने या समय को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है.

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों ने अन्य लीडर्स को संभावित कर्मचारियों की कटौती के संकेत दिए हैं और टीमों से यह आकलन करने को कहा है कि संचालन को किस तरह अधिक कुशल बनाया जा सकता है.

2022 और 2023 में हुई थी 21,000 कर्मियों की छंटनी

अगर इतनी बड़ी संख्या में छंटनी होती है तो यह मेटा की अब तक की सबसे बड़ी पुनर्गठन प्रक्रिया हो सकती है. इससे पहले कंपनी ने 2022 और 2023 में लागत कम करने के लिए कुल मिलाकर 21,000 से ज्यादा कर्मचारियों की छंटनी की थी.

बताया जा रहा है कि मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग कंपनी को जनरेटिव एआई क्षेत्र में ज्यादा आक्रामक तरीके से प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार कर रहे हैं, जिसके चलते यह कदम उठाया जा सकता है.

मॉर्गन स्‍टैनली की रिपोर्ट- AI से लॉन्‍ग टर्म खतरा नहीं

इस बीच मॉर्गन स्टेनली की एक हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि एआई का नौकरियों पर दीर्घकालिक प्रभाव उतना गंभीर नहीं हो सकता जितना लोग मान रहे हैं.

रिपोर्ट के अनुसार, कुछ काम जरूर ऑटोमेटेड हो सकते हैं, लेकिन ज्यादातर कर्मचारियों के पूरी तरह बेरोजगार होने की संभावना कम है. इसके बजाय कई लोग नए तरह के कामों में शिफ्ट हो सकते हैं, जिनमें कुछ नौकरियां ऐसी भी हो सकती हैं जो अभी अस्तित्व में नहीं हैं.

रिपोर्ट में कहा गया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस काम की प्रकृति को बदल देगा, लेकिन उसे पूरी तरह खत्म नहीं करेगा.

हालांकि टेक इंडस्ट्री के कई दिग्गजों का मानना है कि कंप्यूटर पर आधारित अधिकांश व्हाइट-कॉलर नौकरियां अगले 12 से 18 महीनों में काफी हद तक ऑटोमेटेड हो सकती हैं.

इसी बीच अमेरिकी टेक कंपनी ओरेकल भी एआई डेटा सेंटर क्षमता बढ़ाने के लिए 20,000 से 30,000 नौकरियां खत्म करने की योजना बना रही है, जबकि अमेजन ने हाल ही में एआई पुनर्गठन योजना के तहत 16,000 कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा की है. 

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