ऑनलाइन फूड डिलीवरी की दिग्गज कंपनी स्विगी के एक और सह संस्थापक ने अलविदा कह दिया है. को-फाउंडर लक्ष्मी नंदन रेड्डी ने तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है. खबरें हैं कि रेड्डी अपना खुद का स्टार्टअप शुरू करने की योजना बना रहे हैं. स्विगी के एक को-फाउंडर राहुल जैमिनी ने 2020 में कंपनी छोड़ दी थी.
कंपनी ने शुक्रवार को स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में नंदन रेड्डी के इस्तीफे की जानकारी दी. रेड्डी फिलहाल इनोवेशन हेड की जिम्मदारी संभाल रहे थे. पिछले कुछ साल में उन्होंने कंपनी में अलग-अलग भूमिकाएं निभाई हैं. हाल में वह स्विगी की एआई बेस्ड सर्विस Crew को लीड कर रहे थे.
स्विगी को खड़ा करने में ग्रुप सीईओ श्रीहर्ष मजेटी के साथ मिलकर नंदन रेड्डी का बड़ा योगदान रहा है. मजेटी ने नंदन की तारीफ करते हुए कहा कि बेंगलुरु में स्विगी के एक छोटे से स्टार्टअप से देश के नामचीन प्लेटफॉर्म बनने के सफर में नंदन की अहम भूमिका रही है. कंपनी के लिए वह एक दूरदर्शी व्यक्ति रहे हैं. उनकी कमी खलेगी, लेकिन कंपनी के भविष्य को लेकर वह उत्साहित हैं.
नंदन रेड्डी की विदाई के बाद अब स्विगी के वाइस प्रेसिडेंट आकाश भोटिका क्रू के ऑपरेशंस की कमान संभालेंगे. फिलहाल कंपनी ने रेड्डी के परमानेंट उत्तराधिकारी के नाम का ऐलान नहीं किया है.
बता दें कि कुछ हफ्ते पहले कंपनी के इन्वेस्टर रिलेशंस हेड अभिषेक अग्रवाल ने भी इस्तीफा दे दिया था. स्विगी में लीडरशिप चेंज के साथ ही बोर्ड में भी बदलाव हो रहा है. कंपनी के सबसे बड़े शेयरधारक Prosus के नॉमिनी डायरेक्टर रोजर क्लार्क रबालियास भी पद छोड़ रहे हैं. उनकी जगह रेनान डी कास्त्रो अल्वास पिंटो लेंगे.
इसके अलावा कंपनी ने को-फाउंडर व चीफ ग्रोथ ऑफिसर फणी किशन और चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर राहुल बोथरा को बोर्ड मेंबर के रूप में शामिल करने का प्रस्ताव रखा है. इस प्रस्ताव को अभी शेयरधारकों की मंजूरी मिलना बाकी है.
देखें- क्या आपकी WhatsApp चैट्स सच में सेफ हैं? Meta पर लगा धोखाधड़ी का आरोप!
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं