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Suzlon Energy shares: 55% तक चढ़ सकता है सुजलॉन एनर्जी का शेयर, मोतिलाल ओसवाल ने दिया नया टारगेट, जानें डिटेल्स

Suzlon Share Price Target: सुजलॉन ने लॉन्ग टर्म निवेशकों को कभी निराश नहीं किया है. ऐसे में अगर आप थोड़े रिस्क के साथ मोटा मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो एक्सपर्ट्स की नजर में यह शेयर आपके पोर्टफोलियो का हिस्सा बन सकता है.

Suzlon Energy shares: 55% तक चढ़ सकता है सुजलॉन एनर्जी का शेयर, मोतिलाल ओसवाल ने दिया नया टारगेट, जानें डिटेल्स
Suzlon Energy Share Price: ब्रोकरेज फर्म मोतिवाल ओसवाल ने सुजलॉन एनर्जी के शेयर को लेकर निवेशकों को इसे खरीदने की सलाह दी है.
नई दिल्ली:

Suzlon Energy Shares: सुजलॉन एनर्जी का शेयर एक बार फिर से अपनी पुरानी रफ्तार पकड़ने के लिए तैयार है. पिछले 5 सालों में 700% से ज्यादा का रिटर्न देकर निवेशकों को मालामाल करने वाला यह दिग्गज शेयर एक बार फिर चर्चा में है. वजह ये है कि ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने सुजलॉन को लेकर बड़ा दावा किया है. मोतीलाल ओसवाल  का मानना है कि सुजलॉन एनर्जी के शेयर मौजूदा स्तर से करीब 55 प्रतिशत तक चढ़ सकते हैं.

मोतिवाल ओसवाल का नया टारगेट

मोतिवाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने अपनी ताजा रिसर्च रिपोर्ट में सुजलॉन एनर्जी पर खरीद  (Buy) की सलाह दी है. ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट प्राइस 74 रुपये तय किया है. मौजूदा भाव से यह करीब 55 प्रतिशत उछाल सकता है. ब्रोकरेज का कहना है कि भारत में विंड एनर्जी का भविष्य मजबूत बना हुआ है और इसका फायदा सुजलॉन को मिल सकता है.

वित्त वर्ष 26 में अब तक करीब 15 प्रतिशत की गिरावट के बाद सुजलॉन एनर्जी में जोखिम और रिटर्न का बैलेंस बेहतर हुआ है. ब्रोकरेज का मानना है कि मौजूदा भाव पर यह शेयर लॉन्ग टर्म के लिए आकर्षक नजर आ रहा है.

शेयर गिरने के बाद भी क्यों बुलिश हैं ब्रोकरेज?

बीते कुछ महीनों में गिरावट देखने के बाद अब इस स्टॉक को लेकर ब्रोकरेज फर्म  बुलिश नजर आ रहे हैं. सुजलॉन एनर्जी का शेयर बीते दिन यानी 22 जनवरी के ट्रेडिंग सेशन में 3.65 प्रतिशत की तेजी के साथ 47.19 रुपये पर बंद हुआ. कंपनी का मार्केट कैप करीब 64.47 हजार करोड़ रुपये है. पिछले 52 हफ्तों में शेयर ने 74.30 रुपये का हाई और 45.37 रुपये का लो देखा है.

हालांकि हाल के समय में शेयर पर दबाव भी रहा है. पिछले एक महीने में शेयर करीब 12 प्रतिशत गिरा है. छह महीने में करीब 28 प्रतिशत और एक साल में करीब 13 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है.

भारत की विंड एनर्जी में खास पकड़

सुजलॉन एनर्जी भारत में विंड एनर्जी इंस्टॉलेशन की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है. कंपनी की देशभर में करीब 35 प्रतिशत हिस्सेदारी है. सुजलॉन का घरेलू स्तर पर करीब 17 गीगावॉट का इंस्टॉल्ड बेस है. कंपनी के पास पूरे भारत में मजबूत नेटवर्क है और बिजली कंपनियों और सरकारी संस्थाओं के साथ लंबे समय से जुड़ाव है. यही वजह है कि कंपनी बड़े टेंडर में आसानी से हिस्सा ले पाती है.

ऑर्डर बुक मजबूत

कंपनी के पास इस समय करीब 6.5 गीगावॉट की मजबूत ऑर्डर बुक है. इससे आने वाले सालों में डिलीवरी और रेवेन्यू की अच्छी तस्वीर दिखती है. मोटिलाल ओसवाल का अनुमान है कि वित्त वर्ष 25 से 28 के बीच विंड टरबाइन सेगमेंट में कंपनी करीब 33 प्रतिशत की सालाना ग्रोथ दिखा सकती है.

अब पहले से बेहतर बैलेंस शीट

एक समय भारी कर्ज में रहने वाली सुजलॉन एनर्जी की वित्तीय हालत अब काफी सुधर चुकी है. कंपनी ने धीरे-धीरे कर्ज कम किया है और कैश फ्लो बेहतर किया है. इससे कंपनी को बड़े रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स में बोली लगाने में आसानी मिल रही है. 

सुजलॉन सिर्फ टरबाइन बनाने तक सीमित नहीं है. कंपनी मैन्युफैक्चरिंग से लेकर प्रोजेक्ट लगाने और बाद में रखरखाव तक हर चरण में मौजूद है. इससे कंपनी को लगातार कमाई का मौका मिलता है. खास बात यह है कि कंपनी के पास करीब 17 गीगावॉट का ऑपरेशन और मेंटेनेंस पोर्टफोलियो है, जिससे नियमित कैश फ्लो आता रहता है.

मार्जिन और मुनाफे में लगातार सुधार

कंपनी के नतीजों में भी सुधार साफ दिखता है. वित्त वर्ष 22 में जहां कंपनी का मार्जिन करीब 12.6 प्रतिशत था, वहीं वित्त वर्ष 25 में यह बढ़कर 17.1 प्रतिशत हो गया है. अनुमान है कि आने वाले सालों में यह और बेहतर हो सकता है. वित्त वर्ष 25 में कंपनी का रेवेन्यू 67 प्रतिशत, ऑपरेटिंग प्रॉफिट 84 प्रतिशत और शुद्ध मुनाफा करीब 190 प्रतिशत बढ़ा है.

कंपनी का मैनेजमेंट वित्त वर्ष 26 को लेकर भी काफी भरोसे में है. कंपनी का कहना है कि आने वाले समय में डिलीवरी और ऑर्डर दोनों मजबूत बने रहेंगे. मैनेजमेंट को उम्मीद है कि अगले साल भी सभी प्रमुख मोर्चों पर करीब 60 प्रतिशत की ग्रोथ देखने को मिल सकती है.

लॉन्ग टर्म के निवेशकों को 709% का तगड़ा मुनाफा

सुजलॉन एनर्जी ने बीते पांच साल में निवेशकों को करीब 709 प्रतिशत का रिटर्न दिया है. हालांकि हालिया गिरावट ने निवेशकों को सतर्क भी किया है. लेकिन ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की मजबूत पकड़, सुधरी वित्तीय हालत और बढ़ती विंड एनर्जी मांग इसे फिर से रफ्तार दे सकती है.

पिछले रिकॉर्ड को देखें, तो सुजलॉन ने लॉन्ग टर्म निवेशकों को कभी निराश नहीं किया है. ऐसे में अगर आप थोड़े रिस्क के साथ मोटा मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो एक्सपर्ट्स की नजर में यह शेयर आपके पोर्टफोलियो का हिस्सा बन सकता है. 

नोट-यह सिर्फ एक सामान्य जानकारी है. किसी भी तरह के निवेश से पहले एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें.

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