IBM Share Crash: टेक दिग्गज आईबीएम (IBM) के निवेशकों के लिए एक बेहद बुरी खबर आई है. अमेरिकी शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनी के शेयरों में मंगलवार को 25 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई है.रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 58 सालों में IBM के स्टॉक में यह अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है. इस भयंकर क्रैश के कारण कंपनी को सिर्फ एक ही दिन में करीब 67 अरब से 70 अरब डॉलर लगभग 5.8 लाख करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ा है. आइए जानते हैं आखिर IBM के शेयर में इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई.
IBM के शेयर गिरने की बड़ी वजह
कमजोर नतीजों ने बढ़ाई चिंता
IBM ने जून तिमाही के शुरुआती नतीजे जारी किए. 1911 में बनी इस कंपनी की कमाई केवल 1 फीसदी बढ़कर 17.2 अरब डॉलर रही, जो बाजार की उम्मीद से कम थी.
AI का असर, मेमोरी चिप और स्टोरेज की भारी डिमांड
टेक इंडस्ट्री में आजकल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई (AI) इंफ्रास्टक्चर तैयार करने की एक होड़ मची हुई है.दुनियाभर की टेक कंपनियां इस समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI पर तेजी से निवेश कर रही हैं.इस वजह से मार्केट में कंप्यूटर सर्वर्स, मेमोरी चिप्स और डेटा स्टोरेज की मांग बहुत ज्यादा बढ़ गई है. मांग बढ़ने से इनके दाम तेजी से ऊपर जा रहे हैं और पूरी इंडस्ट्री में इन सामानों की भारी कमी हो गई है.
कंपनी के मेनफ्रेम बिजनेस को हुआ बड़ा नुकसान
ग्राहकों की इस हड़बड़ी का सीधा नुकसान आईबीएम के सबसे मुनाफे वाले मेनफ्रेम कंप्यूटर बिजनेस को हुआ. मेनफ्रेम दरअसल बहुत ताकतवर कंप्यूटर होते हैं जिनका इस्तेमाल बड़े बैंक और बड़ी कंपनियां रोज के लाखों-करोड़ों ट्रांजैक्शन को प्रोसेस करने के लिए करती हैं. ग्राहकों ने अपना पूरा पैसा चिप्स और स्टोरेज खरीदने में डाइवर्ट कर दिया, जिससे आईबीएम के मेनफ्रेम कंप्यूटर और उससे जुड़े सॉफ्टवेयर की बिक्री घट गई.
कंपनी का इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस, जिसमें यह मेनफ्रेम लाइन शामिल है, उसकी कमाई में 7 फीसदी की गिरावट आई है. वहीं सॉफ्टवेयर से होने वाली कमाई 5 फीसदी तो बढ़ी, लेकिन यह भी बाजार की उम्मीद से काफी कम रही.
इन मोर्चों पर मिली राहत
इस भारी नुकसान के बीच आईबीएम के लिए कुछ अच्छी खबरें भी आई हैं. कंपनी की रेड हैट (Red Hat) यूनिट, जो ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर बेचती है, उसकी कमाई में 11 फीसदी की अच्छी बढ़त दर्ज की गई है.इसके अलावा मेनफ्रेम को छोड़कर कंपनी का सामान्य सर्वर और स्टोरेज का बिजनेस 37 फीसदी तक चमक गया है क्योंकि ग्राहकों ने इन उपकरणों को जमकर खरीदा है.
साइबर सिक्योरिटी पर बढ़ा खर्च
कंपनी ने न्यूयॉर्क हेडक्वार्टर से जानकारी देते हुए बताया कि इस तिमाही में साइबर सिक्योरिटी को लेकर मची चिंता ने भी ग्राहकों का ध्यान भटकाया.आईबीएम के सीईओ अरविंद कृष्णा ने कहा कि एआई (AI) के आने के बाद से हैकर्स के साइबर हमले बहुत ज्यादा खतरनाक और एडवांस हो गए हैं. इस वजह से कंपनियां अपने पुराने प्रोजेक्ट्स पर पैसा खर्च करने के बजाय साइबर सिक्योरिटी को मजबूत करने में जुटी हैं.
एंथ्रोपिक (Anthropic) के नए AI मॉडल Mythos के आने के बाद कंपनियों को साइबर हमलों का खतरा ज्यादा महसूस होने लगा. यह एआई मॉडल कंप्यूटर नेटवर्क की उन कमियों को आसानी से ढूंढ लेता है जिनका फायदा हैकर्स उठा सकते हैं. यही वजह है कि कंपनियों ने अपने पहले से तय प्रोजेक्ट्स को रोककर पूरा पैसा साइबर सिक्योरिटी पर लगाना शुरू कर दिया. इसका फायदा सुरक्षा देने वाली कंपनियों को मिला और उनके शेयर आसमान छूने लगे, जिसमें क्राउडस्ट्राइक के शेयर 12 फीसदी और ओक्टा-नेटस्कोप के शेयर करीब 11-11 फीसदी तक उछल गए.
दूसरी सॉफ्टवेयर कंपनियों पर भी दिखा असर
IBM के शेयरों में आए इस भूचाल के बाद अब सॉफ्टवेयर कंपनियों के भविष्य को लेकर बहस तेज हो गई है.आईबीएम के साथ-साथ सेल्सफोर्स, एडोब और इनट्यूट जैसी बड़ी SaaS(सॉफ्टवेयर एज अ सर्विस) कंपनियों के शेयरों पर भी दबाव देखने को मिला.आईबीएम की इस चेतावनी के बाद मंगलवार को इन सभी कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट देखी गई. बाजार में फिर से यह चर्चा तेज हो गई कि AI के बढ़ते इस्तेमाल से पारंपरिक सॉफ्टवेयर कंपनियों के सामने नई चुनौती खड़ी हो सकती है.
इससे पहले वॉल स्ट्रीट के एक्सपर्ट्स ने आशंका जताई थी कि नए एआई मॉडल्स के आने के बाद ऐसी सॉफ्टवेयर कंपनियों का दौर खत्म हो सकता है क्योंकि अब आम यूजर्स भी एआई की मदद से वो सारे काम खुद कर सकते हैं जो पहले ये सॉफ्टवेयर करते थे.
IBM के 5 अरब डॉलर के लाइटवेल प्रोजेक्ट को मिला दिग्गजों का सपोर्ट
इस बीच IBM ने ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर की कमियों को दूर करने के लिए 'लाइटवेल' (Lightwell) नाम के एक नए प्रोजेक्ट का ऐलान किया है.इसका मकसद ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर की सुरक्षा मजबूत करना है. यह 5 अरब डॉलर का एक बड़ा प्रोजेक्ट है, जिसे बैंक ऑफ अमेरिका, जेपीमॉर्गन चेस और गोल्डमैन सैश जैसे दुनिया के सबसे बड़े बैंकों का पूरा समर्थन मिला है.कंपनी को उम्मीद है कि आने वाले समय में AI और साइबर सिक्योरिटी से जुड़े कारोबार उसकी ग्रोथ को नई रफ्तार देंगे.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं