सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश (Sovereign Gold Bonds) करने वालों के लिए बड़ी खबर आई है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने SGB 2020-21 Series-VII के निवेशकों को समय से पहले निकासी का मौका दिया है. खास बात यह है कि इस सीरीज के निवेशकों को अब अपने मूल निवेश पर 200% से ज्यादा रिटर्न मिल रहा है. ऐसे में कई निवेशकों के लिए यह मुनाफा निकालने का अच्छा मौका बन गया है.
RBI ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड 2020-21 Series-VII के निवेशकों के लिए समय से पहले निकासी की सुविधा खोली है. सोमवार, 20 अप्रैल को इसके लिए निकासी की तारीख तय की गई है. यह सुविधा बॉन्ड जारी होने के करीब साढ़े पांच साल बाद उपलब्ध हुई है.
रिडेम्पशन प्राइस 15,254 रुपये तय
केंद्रीय बैंक ने इस बॉन्ड का रिडेम्पशन प्राइस 15,254 रुपये प्रति यूनिट तय किया है. यह कीमत निकासी से पहले के तीन कामकाजी दिनों में 999 शुद्धता वाले सोने के बंद भाव के औसत के आधार पर तय की गई है, जिसे इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोशिएशन (IBJA) जारी करता है.
निवेशकों को मिला 200% से ज्यादा रिटर्न
जब यह बॉन्ड अक्टूबर 2020 में जारी हुआ था, तब इसकी कीमत 5,051 रुपये प्रति यूनिट थी. अब रिडेम्पशन प्राइस 15,254 रुपये तय होने से निवेशकों को मूल निवेश पर 202% से ज्यादा का फायदा मिल रहा है.जो निवेशक ऑनलाइन आवेदन के समय 50 रुपये प्रति ग्राम की छूट लेकर जुड़े थे, उनका रिटर्न ब्याज को छोड़कर करीब 205% तक पहुंच गया है.
2.5% सालाना ब्याज का भी मिला फायदा
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की खास बात यह है कि इसमें सिर्फ सोने की कीमत बढ़ने का फायदा ही नहीं मिलता, बल्कि निवेशकों को हर साल 2.5% की तय ब्याज दर भी मिलती है. यह ब्याज हर छह महीने में खाते में जमा किया जाता है.
कुल अवधि 8 साल, लेकिन 5 साल बाद मिलती है निकासी सुविधा
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की कुल अवधि 8 साल होती है. हालांकि निवेशकों को पांच साल पूरा होने के बाद ब्याज भुगतान की तारीख पर समय से पहले निकासी का ऑप्शन दिया जाता है. इसी नियम के तहत अब Series-VII निवेशकों को यह मौका मिला है.
कहां देना होगा निकासी का आवेदन?
जो निवेशक समय से पहले पैसा निकालना चाहते हैं, उन्हें उसी बैंक शाखा, डाकघर या स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया(SHCIL) ऑफिस में आवेदन देना होगा, जहां से बॉन्ड खरीदा गया था. निकासी की राशि सीधे रजिस्टर्ड बैंक खाते में भेज दी जाएगी.
RBI ने सलाह दी है कि निवेशक अपनी बैंक डिटेल, मोबाइल नंबर या ईमेल में कोई बदलाव हुआ हो तो समय रहते संबंधित बैंक, पोस्ट ऑफिस या SHCIL को अपडेट कर दें, ताकि पेमेंट में देरी न हो.
मैच्योरिटी पर कैपिटल गेन टैक्स से मिलती है छूट
बजट 2026 के बाद के नियमों के मुताबिक, अगर निवेशक ने SGB को पहली बार जारी होने के समय खरीदा था और पूरी 8 साल की अवधि तक होल्ड किया, तो मैच्योरिटी पर मिलने वाले मुनाफे पर कैपिटल गेन टैक्स नहीं लगेगा.
समय से पहले निकासी पर लगेगा लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स
अगर निवेशक समय से पहले निकासी करते हैं और बॉन्ड 12 महीने से ज्यादा समय तक रखा गया है, तो उस पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लागू होगा. वहीं, अगर 12 महीने से कम समय तक रखा गया है, तो मुनाफा आपकी सामान्य आय के साथ जोड़कर टैक्स लगाया जाएगा.
सेकेंडरी मार्केट से खरीदे SGB पर नहीं मिलेगी टैक्स छूट
अगर आपने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को सेकेंडरी मार्केट से खरीदा है, तो मैच्योरिटी पर भी मिलने वाले मुनाफे पर टैक्स छूट नहीं मिलेगी. ऐसे मामलों में कैपिटल गेन पर टैक्स देना होगा.
ब्याज की आय पर भी लगता है टैक्स
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर मिलने वाला 2.5% सालाना ब्याज निवेशक की आय के अनुसार टैक्स स्लैब में जोड़कर टैक्स के दायरे में आता है.
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सरकार ने अभी तक नई सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) सीरीज जारी करने का कैलेंडर घोषित नहीं किया है. ऐसे में फिलहाल इस योजना के भविष्य को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है.
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