होर्मुज में हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं. ईरान की गन बोट्स ने समंदर में चल रहे ऑयल और गैस टैंकरों पर हमला किया, जिनमें दो भारतीय जहाज भी निशाने पर आए. चौंकाने वाली बात यह रही कि इन जहाजों को पहले आगे बढ़ने की अनुमति दी गई थी, इसके बावजूद उन पर फायरिंग की गई.
हमले के बाद भारतीय जहाज सनमार हेराल्ड और भाग्यलक्ष्मी के कप्तानों की ईरानी नौसेना से हुई बातचीत सामने आई है, जिसमें वे साफ सवाल करते नज़र आते हैं—
“जब होर्मुज से गुजरने की क्लियरेंस दी थी, तो फिर गोलीबारी क्यों?”
फायरिंग में जहाज के शीशे टूटे, हालांकि किसी तरह की जनहानि नहीं हुई. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारत के कई जहाजों को होर्मुज से आगे बढ़ने के बजाय वापस लौटना पड़ा. अब भी कई भारतीय जहाज समंदर में फंसे हुए हैं और होर्मुज खुला है या बंद—इस पर ईरान का रुख अब भी स्पष्ट नहीं है.
इस घटना के बाद भारत सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए ईरानी राजदूत को तलब किया और भारतीय व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को राष्ट्रीय हित का मुद्दा बताया. दूसरी ओर, होर्मुज में तैनात ईरान की घातक IRGC गन बोट्स, अमेरिका की नाकेबंदी और ट्रंप के तीखे बयान—पूरे क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा रहे हैं.
इस वीडियो में देखिए:
होर्मुज में भारतीय जहाजों पर हमले की पूरी कहानी
ईरान की खतरनाक गन बोट्स की ताकत
भारत‑ईरान‑अमेरिका तनाव की जड़ें
क्यों होर्मुज बना वैश्विक संकट का केंद्र
सबसे बड़ा सवाल—क्या होर्मुज में हालात और बिगड़ेंगे या बातचीत से निकलेगा कोई समाधान?