ओडिशा सरकार ने राज्य में Sovereign AI पार्क बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. इसके लिए सरकार ने Sarvam नाम की एक भारतीय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी के साथ समझौता (MoU) किया है. इस पहल का मकसद ओडिशा को AI और कंप्यूटिंग की ताकत का निर्यातक बनाना है. साथ ही ओड़िया भाषा में बड़े स्तर पर AI आधारित ऐप्स बनाना और सरकारी सेवाओं को गांवों और आम लोगों तक आसान तरीके से पहुंचाना है.
यह समझौता Black Swan Summit 2026 के दौरान भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में साइन किया गया. इस मौके पर ओडिशा के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, आईटी और उच्च शिक्षा मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और Sarvam की टीम भी मौजूद थी.
Sovereign AI पार्क क्या करेगा?
यह एक खास AI कैंपस होगा जहां हाई-लेवल कंप्यूटिंग सुविधाएं, AI रिसर्च, स्टार्टअप्स, बड़ी कंपनियां और सरकारी प्रोजेक्ट्स एक ही जगह पर होंगे. इससे ओडिशा दूसरे राज्यों को भी कंप्यूटिंग सेवाएं दे सकेगा.
आम लोगों को क्या फायदा होगा?
इस AI पार्क की मदद से शिक्षा, खेती, स्वास्थ्य, ई-गवर्नेंस और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में AI आधारित सेवाएं शुरू होंगी लोग आवाज के जरिए सरकारी योजनाओं की जानकारी ले सकेंगे, साथ ही अपने हक और लाभ समझ सकेंगे. इसके अलावा शिकायत दर्ज कर सकेंगे. खास तौर पर यह सुविधा ग्रामीण, आदिवासी और कम पढ़े-लिखे लोगों के लिए बहुत उपयोगी होगी.
Sarvam कंपनी क्यों चुनी गई?
Sarvam एक भारतीय AI कंपनी है. यह भारतीय भाषाओं, खासकर लोकल भाषाओं में AI सिस्टम बनाती है. सरकार के लिए बड़े स्तर पर इस्तेमाल होने वाले AI समाधान बनाने का अनुभव रखती है. इसलिए यह ओडिशा सरकार के ओड़िया-फर्स्ट और देशी तकनीक के लक्ष्य से मेल खाती है.
इस समझौते के साथ ओडिशा सरकार ने साफ कर दिया है कि एआई का इस्तेमाल जनता के फायदे के लिए होगा. साथ में भाषा, समावेशिता और पारदर्शिता के साथ ओड़िया पर फोकस रहेगा. ओडिशा को नागरिक-केंद्रित और जिम्मेदार AI के क्षेत्र में देश के लिए एक उदाहरण बनाया जाएगा.
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