Silver Prices: बजट 2026 आ चुका है. चांदी की बढ़ती और घटती कीमतों के बीच निवेशक इसका बेसब्री से इंतजार कर रहे थे. एक तरफ जहां वैश्विक बाजारों में उथल-पुथल है, वहीं सरकार ने चांदी (Silver) को लेकर बजट 2026 में कोई बड़ा ऐलान नहीं किया. हालांकि ग्रीन एनर्जी सेक्टर में निवेश के चलते इसकी कीमतों और डिमांड पर असर पड़ सकता है. अगर आप चांदी में दांव लगाने की सोच रहे हैं, तो यह रिपोर्ट आपके लिए 'कमाई की गाइड साबित हो सकती है.
चांदी की कैसी रही चाल?
बजट के तुरंत बाद चांदी की कीमतों में एक बड़ा करेक्शन देखा गया. बजट वाले दिन ही MCX पर चांदी के वायदा भाव में करीब 6% से 9% तक की गिरावट दर्ज की गई. फिलहाल चांदी ₹2,65,000 से ₹2,75,000 प्रति किलो के दायरे में ट्रेड कर रही है, जो अपने रिकॉर्ड हाई 4 लाख से बहुत नीचे है.
बजट में चांदी के लिए क्या?
बजट 2026 में चांदी के कस्टम ड्यूटी पर कोई बदलाव नहीं हुआ है. निवेशक 6 फीसदी की दर से इस ड्यूटी को देते रहेंगे. हालांकि इसके अलावा इंडस्ट्रियल सिल्वर और ग्रीन एनर्जी सेक्टर (सोलर पैनल, EV) के लिए सरकार के प्रोत्साहन ने चांदी की भविष्य की मांग में नई जान फूंकने का काम किया है.
क्या अपनाएं निवेश का तरीका
अब सवाल यह है कि इस गिरावट को खरीदारी का मौका मानें या थोड़ा दूरी बना लें? एक्सपर्ट्स चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड के चलते इसे लंबी रेस का घोड़ा मान रहे हैं. निवेश के लिए आप सिल्वर ईटीएफ के साथ डिजिटल सिल्वर, सिल्वर सिक्कों पैसा लगा सकते हैं. सिल्वर ईटीएफ में छोटे निवेशक आ सकते हैं. वहीं डिजिटल सिल्वर में सिर्फ 100 रुपये के साथ निवेश शुरू किया जा सकता है, जिसमें मोबाइल ऐप से आसानी से खरीदा और बेचा जा सकता है.
निवेश का प्लान क्या रखें?
चांदी में उतार-चढ़ाव बहुत ज्यादा है, इसलिए एक साथ सारा पैसा लगाने के बजाय सिल्वर ईटीएफ या सिल्वर म्यूचुअल फंड में हर महीने एसआईपी का सहारा ले सकते हैं. साथ ही चांदी में इस गिरावट को अवसर के तौर पर देख सकते हैं. याद रखें चांदी सिर्फ गहना नहीं है. भारत सरकार का सोलर मिशन और EV इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश चांदी की कीमतों को लंबे समय में ऊपर ले जाएगा. इसलिए अपने निवेश को लंबी अवधि के लिए बनाएं. शॉर्ट टर्म की प्लानिंग में नुकसान रहने का खतरा हो सकता है.
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