विज्ञापन

सरकार ने चांदी पर कसा शिकंजा, महंगी होगी या सस्ती, खरीदने से पहले जानें एक्सपर्ट की राय

चांदी के आयात पर सरकार की सख्ती के बाद बुलियन मार्केट में हलचल तेज है. जानिए एक्सपर्ट्स के अनुसार आने वाले दिनों में चांदी महंगी होगी या सस्ती और निवेश को लेकर क्या होनी चाहिए आपकी प्लानिंग.

सरकार ने चांदी पर कसा शिकंजा, महंगी होगी या सस्ती, खरीदने से पहले जानें एक्सपर्ट की राय

Silver Import Restrictions India: भारतीय सराफा बाजार में इस समय एक ही सवाल लोगों को परेशान कर रहा है, क्या चांदी अब महंगी होकर आम आदमी की पहुंच से बाहर चली जाएगी? दरअसल, सरकार ने चांदी के आयात के नियमों को सख्त कर दिया. इस फैसले के बाद बाजार में हलचल बढ़ गई. निवेशक और आम खरीदार दोनों समझना चाहते हैं कि इसका असर कीमतों पर क्या होगा. दो बड़े सवाल हैं कि क्या चांदी और महंगी होगी या कीमतें कुछ कम होंगी? इसको समझने के लिए बाजार के एक्सपर्ट्स की राय पर नजर डालना जरूरी है, जो इस पूरे मामले की असली तस्वीर साफ करते हैं.

आखिर सरकार ने क्यों कसी आयात पर कमर?

पिछले कुछ समय में भारत में चांदी का आयात तेजी से बढ़ा. कई लोग नियमों के लूपहोल्स का फायदा उठाकर बड़ी मात्रा में चांदी मंगा रहे थे. इससे देश के बाजार का संतुलन बिगड़ने लगा और सरकार को मिलने वाले रेवेन्यू पर भी असर पड़ रहा था. मिडिल ईस्ट में सप्लाई चेन बाधित होने से ये समस्या और बड़ी हो गई थी. इसी समस्या को ठीक करने के लिए सरकार ने आयात के नियम सख्त कर दिए हैं. अब कोई भी व्यक्ति या कंपनी सीधे मनमाने तरीके से चांदी इंपोर्ट नहीं कर पाएगी. अब चांदी मंगाने के लिए पहले डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) से लाइसेंस लेना होगा. जब तक लाइसेंस नहीं मिलेगा, तब तक चांदी का आयात नहीं किया जा सकेगा. यानी इस मुश्किल समय में सरकार चाहती है कि चांदी का आयात कंट्रोल में रहे.

महंगी होगी या सस्ती?

अब आते हैं सबसे बड़े सवाल पर—सिल्वर का रेट ऊपर जाएगा या नीचे? कमोडिटी और बुलियन मार्केट एक्सपर्ट्स अजय केडिया के अनुसार, इसका असर तुरंत और लंबे समय में अलग-अलग दिख सकता है. सरकार के फैसले से चांदी का आयात कम हो सकता है. इससे बाजार में चांदी की सप्लाई घटेगी. जब सप्लाई कम होगी और मांग वही या ज्यादा रहेगी, तो कीमत बढ़ने लगेगी. खासकर शादी और त्योहारों के समय अगर मांग बनी रहती है, तो चांदी के दाम शॉर्ट टर्म में बढ़ सकते हैं. मतलब साफ है अभी के लिए चांदी सस्ती होने की बजाय महंगी हो सकती है.

लॉन्ग टर्म में चाल रहेगी मजबूत

एक्सपर्ट अजय केडिया कहते हैं कि लंबे समय में चांदी की कीमत सिर्फ भारत के नियमों से तय नहीं होगी, बल्कि दुनिया भर की स्थितियों पर निर्भर करेगी. चांदी सिर्फ गहनों के लिए ही नहीं, बल्कि इंडस्ट्री में भी बहुत काम आती है. सोलर पैनल, ग्रीन एनर्जी और इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EV) में इसका इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है. दुनिया भर में इन चीजों की डिमांड बढ़ रही है, इसलिए चांदी की मांग भी लगातार बढ़ेगी. यानी लंबे समय में चांदी की कीमतों में मजबूती बनी रह सकती है.

बुलियन एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार की इस सख्ती से घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि ये कदम बाजार को सही तरीके से चलाने के लिए उठाया गया है. शुरुआत में चांदी के दाम में थोड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, क्योंकि सप्लायर्स को नए नियमों के अनुसार खुद को ढालने में समय लगेगा. लेकिन लंबे समय के नजरिए से देखें तो चांदी के ग्लोबल फंडामेंटल्स काफी मजबूत हैं. एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अगर कीमतों में गिरावट आती है, तो उसे खरीदारी के मौके की तरह देखना चाहिए. भविष्य में चांदी अच्छा रिटर्न दे सकती है.

आम खरीदार अब क्या करें?

अगर आप चांदी खरीदने की सोच रहे हैं, चाहे निवेश के लिए या इस्तेमाल के लिए तो थोड़ा समझदारी से कदम उठाना जरूरी है. एक्सपर्ट्स के अनुसार एक साथ ज्यादा पैसा लगाने की बजाय, जब भी कीमतों में थोड़ी गिरावट आए, तब थोड़ी-थोड़ी करके खरीदारी करें. इससे आपका रिस्क भी कम रहेगा साथ ही रिटर्न भी बेहतर मिलेगा. अगर आप सिर्फ निवेश के लिए चांदी लेना चाहते हैं, तो फिजिकल चांदी के बजाय डिजिटल सिल्वर या सिल्वर ETF चुन सकते हैं, क्योंकि इसमें मेकिंग चार्ज नहीं देना पड़ता.

ये भी पढ़ें- ईरान के साथ क्रूड ऑयल सप्‍लाई पर डील कर सकता है भारत! तेल-गैस संकट के बीच चीन समेत तीन और देश कतार में

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com