Share Market Prediction 2026: मिडिल ईस्ट में जंग विराम का ऐलान हो चुका है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में चल रही टेंशन अब खत्म हो सकती है. नतीजन कच्चा तेल वापस से अपनी पहली वाली कीमतों पर लौट सकता है. अगर ये सब कुछ ऐसे ही चला तो दुनियाभर के बाजार एक बार फिर से हरे निशान में झूमते हुए दिखाई दे सकते हैं. खैर, ये जब होगा तब होगा, पर बीते दिन भारतीय बाजार को लेकर एक ऐसी रिपोर्ट सामने आई थी, जिसने निवेशकों को गदगद कर दिया. हम बात कर रहे हैं दिग्गज ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली (Morgan Stanley) की रिपोर्ट के बारे में. फर्म ने बताया कि दिसंबर 2026 के आखिर तक सेंसेक्स 95 हजार अंको के पास जा सकता है. यानी एक लाख से बस कुछ ही कदम दूर.
ये तो मूल खबर हो गई. पर सवाल ये आता है कि वो कौन से सेक्टर्स होंगे जो सेंसेक्स की रफ्तार को रॉकेट बना देंगे. मतलब निवेशक किन कंपनियों पर ज्यादा फोकस करें. रिपोर्ट के अनुसार देश की सरकार कैपेक्स यानी इंफ्रा पर ज्यादा खर्च कर रही है, जिसका फायदा भविष्य में मिलना तय है. तो इस खबर में आपको रिपोर्ट का निचोड़ निकाल कर बताते हैं.

share market prediction 2026
इन 3 सेक्टर्स में जमकर मिल सकता है रिटर्न
जैसा हमने आपको बताया कि मॉर्गन स्टेनली के अनुसार कैपेक्स पर सरकार का ज्यादा फोकस है. ऐसे में जब इंफ्रा पर काम होता है तो रिन्यूएबल एनर्जी के साथ मैन्युफैक्चरिंग, डिफेंस सेंक्टर में जमकर निवेश होता है.
- ग्रीन एनर्जी की बात करें तो सोलर एंड विंड एनर्जी की कंपनियां भविष्य में अच्छी ग्रोथ दिखा सकती हैं.
- इसके अलावा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की बात करें तो मेक इन इंडिया, पीएलआई स्कीम के जरिए देश मानचित्र पर मैन्युफैक्चरिंग का हब बन रहा है. सेमीकंडक्टर से लेकर मोबाइल फोन्स अब देश में बन रहे हैं.
- डिफेंस सेक्टर पिछले कुछ सालों में अपनी ताकत के साथ आगे बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है. आत्मनिर्भर पॉलिसी ने इस सेक्टर में कमाल की जान फूंक दी है. देश की तकनीक की चाह अब कई देशों में हो रही है. एक्सपोर्ट के आंकड़े तेजी से ऊपर जा रहे हैं.
कैसा रहा पिछले हफ्ता
मिडिल ईस्ट में टेंशन का असर भारतीय बाजार पर सीधा पड़ा है. लेकिन देश के फंडामेंटल्स मजबूत होने से भारतीय बाजार डटकर खड़ा रहा. प्रॉफिट बुकिंग के बाद भी लो लेवल से मार्केट ने जबरदस्त रिकवरी दिखाई. आईटी के साथ बैंकिंग सेक्टर में खरीदारी का माहौल बना रहा.
लंबी अवधि पर रखें फोकस
मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट के अनुसार शॉर्ट टर्म में चल रहे उतार-चढ़ाव से डरने की जरूरत नहीं है. लॉन्ग टर्म के लिए अपने पोर्टफोलियो को तैयार करें. ऐसे में दिसंबर 2026 तक मिलने वाली 22 फीसदी की तेजी का फायदा निवेशक ज्यादा से ज्यादा उठा पाएंगे.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं