EPS-95: एंप्लॉई पेंशन स्कीम को लेकर लंबे समय से न्यूनतम पेंशन की सीमा 1,000 रुपये से बढ़ाकर 7,500 रुपये करने की मांग की जा रही है. हालांकि संसद में श्रम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल इसकी सीमा बढ़ाने को लेकर सरकार का कोई प्रस्ताव नहीं है. इससे बड़ी संख्या में कर्मचारियों और श्रमिकों के बीच नाराजगी देखी जा रही है. इस बीच RSS एफिलिएटेड संघ BMS यानी भारतीय मजदूर संघ के हजारों कार्यकर्ता आज सोमवार को जंतर-मंतर पर जुटे.
आज 17 अगस्त को संघ ने 'मांग दिवस' मनाया. इस क्रम में दिल्ली प्रदेश के हजारों कार्यकर्ता जंतर-मंतर पर जुटे और हुए और केंद्र सरकार से श्रमिकों और कर्मचारियों की 11 सूत्रीय लंबित मांगों के समाधान की मांग की.
श्रम सचिव को सौंपा ज्ञापन
दिल्ली प्रदेश के एक प्रतिनिधिमंडल ने श्रम और रोजगार मंत्रालय में श्रम सचिव से भेंट कर केंद्रीय श्रम मंत्री जी के नाम लिखा गया अपना ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में कहा गया है कि ये मांगे केवल वेतन-भत्तों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा, श्रम की गरिमा, श्रमिक हितों की रक्षा, उचित पारिश्रमिक, सम्मानजनक कार्यस्थिति और कर्मचारी परिवार की आर्थिक सुरक्षा से जुड़ी हैं.
पेंशन बढ़ाने समेत ये हैं प्रमुख मांगें
- EPS-95 के तहत न्यूनतम पेंशन 1000 रुपये से बढ़ाकर 7500 रुपये प्रतिमाह की जाए.
- साथ में VDA दिया जाए और इसे आयुष्मान भारत योजना से जोड़ा जाए.
- पुरानी पेंशन योजना (OPS) को पुनः बहाल किया जाए.
- नए श्रम संहिताओं (Labour Codes) में मौजूद श्रमिक विरोधी प्रावधानों को हटाने के लिए उचित संशोधन किए जाएं.
- EPF, ESIC और बोनस गणना की कवरेज की सीमा (Ceiling Limit) को दोगुना किया जाए
- ग्रेच्युटी की गणना 15 दिन के वेतन से बढ़ाकर 30 दिन के वेतन के आधार पर की जाए और इस पर से सीलिंग लिमिट हटाई जाए.
- LIC के विकास अधिकारियों की नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए - No Termination, No Decrement की नीति लागू हो.
- सभी कर्मचारियों के लिए, जिनमें ठेका कर्मचारी भी शामिल हैं, "समान कार्य के लिए समान वेतन" का सिद्धांत लागू किया जाए
- जीवन-यापन की बढ़ती लागत के अनुरूप न्यूनतम वेतन में वृद्धि की जाए
- आंगनवाड़ी, आशा, मिड-डे मील, NHM व अन्य स्कीम वर्कर्स के मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि की जाए
- हैवी इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन, रांची और आठ राज्यों की 23 नेशनल टेक्सटाइल मिल्स के श्रमिकों, कर्मचारियों की लंबित समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए.
- बैंकों में सप्ताह में पांच दिन कार्य प्रणाली (Five-Day Working) लागू की जाए
भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री बी सुरेंद्रन, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पवन कुमार, क्षेत्रीय संगठन मंत्री अनुपम, प्रदेश महामंत्री डॉ दीपेंद्र चाहर और प्रतिनिधिमंडल में शामिल अन्य अधिकारियों ने श्रम सचिव से आग्रह किया कि इन सभी मांगों पर समयबद्ध विचार कर त्वरित निराकरण किया जाए.
बीते 26 से 28 जुलाई, 2026 को रांची में भारतीय मजदूर संघ की 161वीं केंद्रीय कार्य समिति (केंद्रीय कार्य समिति) की बैठक हुई थी, जिसमें आज के प्रदर्शन और 11 सूत्री मांगों पर सहमति बनी थी. प्रदर्शन में दिल्ली प्रदेश के सभी जिलों, उद्योगों और विभागों से आए हजारों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और केंद्र सरकार से श्रमिक हित में ठोस कदम उठाने का आह्वान किया.
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