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Gold-Silver New Rule: गोल्ड-सिल्वर के लिए सरकार ने चला मास्टरस्ट्रोक, ग्राहकों की हो गई बल्ले-बल्ले

Gold-Silver New Rule: एक्सपर्ट का कहना है कि इस फैसले से देश के बाजार में सोना‑चांदी की सप्लाई बेहतर होगी. जब बैंक सीधे सोना और चांदी इंपोर्ट करते हैं, तो वो ज्वेलर्स को कच्चा माल आसानी से दे पाते हैं. इससे गहनों की सप्लाई बनी रहती है और सोने‑चांदी की कीमतों में ज्यादा उतार‑चढ़ाव नहीं होता. 

Gold-Silver New Rule: गोल्ड-सिल्वर के लिए सरकार ने चला मास्टरस्ट्रोक, ग्राहकों की हो गई बल्ले-बल्ले

Gold-Silver New Rule: भारतीय सर्राफा बाजार और बैंकों के लिए एक अच्छी खबर आई है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की सलाह पर सरकार ने देश के 17 चुनिंदा बैंकों को सोना और चांदी इंपोर्ट यानी विदेश से मंगाने की अनुमति दे दी है. ये अनुमति अगले तीन साल तक यानी 31 मार्च 2029 तक लागू रहेगी. इससे सर्राफा कारोबार और बैंकिंग सेक्टर को राहत मिलेगी और सोना‑चांदी की देश में सप्लाई भी बेहतर होगी.

डायरेक्टर जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) ने एक नई सूचना जारी की है. इसके अनुसार ये नया नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा. इस फैसले से बाजार में सोना और चांदी की सप्लाई बिना रुकावट बनी रहेगी. इसका फायदा ये होगा कि त्योहारी और शादी ब्याह के जैसे खास सीजनों पर गहनों की कमी नहीं होगी और ग्राहकों को आसानी से सोना‑चांदी मिल पाएगा.

किन बैंकों को मिली मंजूरी?

डायरेक्टर जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड ने अपनी लिस्ट को दो कैटेगरी में बांटा है. टोटल 17 बैंकों में से 15 बैंकों को सोना और चांदी दोनों के इंपोर्ट की मंजूरी मिली है, जबकि 2 बैंक ऐसे हैं जो केवल सोना ही मंगा सकेंगे.

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सोना-चांदी इंपोर्ट करने वाले बैंक

  • स्टेट बैंक ऑफ इंडिया
  • एचडीएफसी बैंक
  • आईसीआईसीआई बैंक
  • एक्सिस बैंक
  • कोटक महिंद्रा बैंक
  • पंजाब नेशनल बैंक
  • बैंक ऑफ इंडिया
  • इंडसइंड बैंक
  • फेडरल बैंक
  • यस बैंक
  • ड्यूश बैंक

इसके अलावा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और SBER बैंक को केवल सोना इंपोर्ट करने की मंजूरी दी है.

ये फैसला क्यों जरूरी?

हाल ही में खबरें आई थीं कि सरकारी अधिसूचना में देरी होने की वजह से कई भारतीय बैंकों ने सोना और चांदी इंपोर्ट करने के ऑर्डर रोक दिए थे. इसकी वजह से कई शिपमेंट कस्टम पोर्ट पर अटकी हुई थीं और बाजार में परेशानी बढ़ गई थी. अब DGFT ने 2029 तक के लिए आदेश जारी कर दिया है. इससे बैंकिंग और ज्वेलरी सेक्टर में जो अनिश्चितता थी, वो जल्द ही खत्म हो जाएगी. एक्सपर्ट का कहना है कि इस फैसले से देश के बाजार में सोना‑चांदी की सप्लाई बेहतर होगी. जब बैंक सीधे सोना और चांदी इंपोर्ट करते हैं, तो वो ज्वेलर्स को कच्चा माल आसानी से दे पाते हैं. इससे गहनों की सप्लाई बनी रहती है और सोने‑चांदी की कीमतों में ज्यादा उतार‑चढ़ाव नहीं होता. 

DGFT ने कहा है कि ये फैसला देश में सोना‑चांदी की डिमांड और सप्लाई के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए लिया है, जिससे बाजार में ना तो कमी हो और ना ही परेशानी. अब जब मंजूरी पाने वाले बैंकों की लिस्ट जारी हो चुकी है, तो उम्मीद है कि बैंक जल्दी ही सोना‑चांदी इंपोर्ट करने का प्रोसेस शुरू कर देंगे. इसका सीधा फायदा ग्राहकों को मिलेगा, क्योंकि बाजार में गहने आसानी से मिलेंगे और सप्लाई ठीक रहेगी.

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