पीएफ के नियमों में हुए बदलाव के बाद अब एक कर्मचारी के सामने कई विकल्प खुल चुके हैं. जैसे कि अब 1800 रुपये से ज्यादा पैसा पीएफ में जमा करना या ना करना कर्मचारी पर डिपेंड करेगा. इसलिए हमने टैक्स एक्सपर्ट से ये जानने की कोशिश कि 8.25% को रिटर्न को छोड़कर एक कर्मचारी कहां-कहां अपने पैसे को लगा सकता है. तो चलिए इस खबर में उन कमाल के तरीकों के बारे में बात करते हैं, जिनसे आप कम समय में वेल्थ को बढ़ा सकते हैं.
खबर शुरू करने से पहले हम एक बात बता दें कि निवेश बाजार के अधीन है. बाजार ऊपर जाएगा या नीचे उसी के हिसाब से रिटर्न तय होता है. पीएफ में जहां एक फिक्स रिटर्न मिलता है. वहीं बाजार में पैसा लगाने पर रिस्क बना रहता है. ऐसे में अपनी सहूलियत और सूझ-बूझ के हिसाब से ही मार्केट में पैसा लगाएं.
सिर्फ PF के भरोसे रहना क्यों है घाटे का सौदा?
सीए राजा मंगला के अनुसार, अभी ईपीएफओ पीएफ पर 8.25% के रेट से ब्याज दे रहा है. सेफ्टी के लिहाज से ये बढ़िया है, लेकिन जब बात लॉन्ग टर्म में महंगाई या फिर बड़ा कॉर्पस यानी फंड बनाने की आती है, तो ये रिटर्न कम पड़ने लगता है. ऐसे में अगर आप वॉलंटरी प्रोविडेंट फंड के जरिए पीएफ में एक्स्ट्रा पैसे डाल रहे हैं, तो इससे बचा जा सकता है. पीएफ में केवल उतना ही कंट्रीब्यूशन रखें जो जरूरी है और बाकी बचे हुए पैसे को ऐसी जगह लगाएं जहां रिटर्न की स्पीड बुलेट जैसी हो.
एक्सपर्ट से जानें, कहां लगाएं पैसा
सीए राजा मंगला के अनुसार, अगर आपकी उम्र 25 से 45 साल के बीच है, तो आपको अपने पोर्टफोलियो में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स और सिप को भी जगह देनी चाहिए. लॉन्ग टर्म यानी 10 से 15 साल में म्यूचुअल फंड्स ने 12% से 15% तक का सालाना रिटर्न दिया है. इसलिए अगर पीएफ में डाले जाने वाले एक्स्ट्रा पैसे को डायवर्जन देकर एक अच्छी फ्लेक्सी-कैप या स्मॉल-कैप म्यूचुअल फंड स्कीम में एसआईपी के जरिए लगाते हैं, तो कंपाउंडिंग की मदद से आपका फंड कहीं ज्यादा तेजी से बढ़ सकता है.
मान लीजिए आप पीएफ के अलावा 5,000 रुपये महीना बचाकर म्यूचुअल फंड SIP में डालते हैं. साल का रिटर्न 12% से 15% मान लेते हैं. 15 साल बाद 9,00,000 का निवेश हो जाएगा. वहीं, 15 साल बाद अनुमानित फंड 12% रिटर्न पर करीब 25,22,880 रुपये होगा. वहीं 15% रिटर्न पर लगभग 33,79,680 रुपये बनेगा. यही पैसा अगर पीएफ में रहेगा, तो 8.25% की दर से 15 साल में करीब 17 से18 लाख ही बन पाएगा. यानी सीधे लाखों रुपये का फायदा.
पीएफ में निवेश भी जरूरी
सीए राजा मंगला के अनुसार, इसका मतलब ये कतई नहीं है कि आप पीएफ पूरी तरह बंद कर दें. पीएफ को अपने डेट पोर्टफोलियो का ही हिस्सा मानें. हाई रिटर्न के लिए म्यूचुअल फंड, इंडेक्स फंड या डायरेक्ट स्टॉक्स में एसआईपी शुरू करें. महंगाई को पीछे करने के लिए12%+ रिटर्न जरूरी है.
ये भी पढ़ें- इथेनॉल ब्लेंडिंग से कितना कम होता है गाड़ी का माइलेज? जानिए एक्सपर्ट्स का जवाब
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं