दुनियाभर में जारी उथल-पुथल के बीच भारत अब 'हाई ग्रोथ और कम महंगाई' वाला मॉडल बन चुका है. ये हमारी अर्थव्यवस्था की ताकत दिखाता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने HT समिट के दौरान भारत की ग्रोथ स्टोरी बताई. उन्होंने कहा, 'जब वैश्विक विकास 3% पर है, और G7 देशों की अर्थव्यवस्थाएं लगभग 1.5% के आसपास हैं, तो भारत उच्च विकास और कम महंगाई का मॉडल है.'
जुलाई-सितंबर तिमाही में भारत का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) छह तिमाहियों में अपनी सबसे तेज गति से 8.2% बढ़ा, जिसने बाजार और नीति निर्माताओं दोनों के पूर्वानुमानों को पीछे छोड़ दिया. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने 2025 के लिए भारत के सकल घरेलू उत्पाद के अनुमान को बढ़ाकर 6.6% और 2026 के लिए 6.2% कर दिया है. केंद्रीय बैंक RBI ने भी वित्त वर्ष 2026 के लिए अपने विकास अनुमान को बढ़ाकर 7.3% कर दिया है.
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महंगाई एकदम नियंत्रण में
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के तहत मापी गई खुदरा महंगाई (रिटेल इन्फ्लेशन) अक्टूबर में 0.25% के निचले स्तर पर पहुंच गई थी. आरबीआई ने इस सप्ताह अपने पूरे वर्ष के CPI पूर्वानुमान को 60 बेसिस प्वाइंट्स से घटाकर 2% कर दिया है, जो 4% के लक्ष्य से काफी नीचे है. प्रधानमंत्री ने पिछली अवधियों के दौरान हिंदू आस्था को धीमी विकास दर से जोड़ने की कड़ी आलोचना भी की.
उन्होंने कहा, 'जब भारत 2-3% की वृद्धि के लिए संघर्ष कर रहा था, तब 'हिंदू ग्रोथ रेट' शब्द का इस्तेमाल किया गया था. पूरे समाज को अनुत्पादकता और गरीबी का टैग दिया गया था. यह साबित करने के प्रयास किए गए थे कि भारत की धीमी प्रगति का कारण हिंदू सभ्यता, हिंदू संस्कृति है.'
आने वाले कल को बदल रहा भारत
पीएम मोदी ने आगे कहा कि भारत का विकास केवल आंकड़ों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह मानसिकता, लचीलेपन और अन्य चीजों में बदलाव को भी दर्शाता है. उन्होंने कहा, 'ये सिर्फ आंकड़ों के बारे में नहीं है, यह एक मौलिक बदलाव है जो भारत ने पिछले एक दशक में लाया है. यह लचीलेपन का बदलाव है, यह समाधान खोजने की मानसिकता बनाने का बदलाव है, यह आकांक्षाओं का बदलाव है. भारत न केवल आज बदल रहा है, बल्कि आने वाले कल को भी बदल रहा है.'
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