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प्लैटिनम और हीरे गिफ्ट देने और निवेश का बढ़ रहा चलन, जानिए कौन है नंबर वन पर और क्यों

हीरे के आभूषण और निवेश की बढ़ती मांग के साथ देश में हीरा आभूषण बाजार 2023 में 8.5 अरब डॉलर से बढ़कर 2031 तक 17 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है.

प्लैटिनम और हीरे गिफ्ट देने और निवेश का बढ़ रहा चलन, जानिए कौन है नंबर वन पर और क्यों

देश में खासकर अमीर लोगों और युवाओं में प्लैटिनम और हीरे के जेवर गिफ्ट में देने तथा निवेश करने का चलन तेजी से बढ़ रहा है. हालांकि, सोना सबसे लोकप्रिय उत्पाद बना हुआ है, लेकिन प्लैटिनम और हीरे को उनकी विशिष्टता और ‘खास' होने के एहसास के कारण निवेश करने और गिफ्ट देने के रूप में पसंद किया जा रहा है. आभूषण क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि इन महंगी धातुओं में निवेश अनुभवी कारोबारियों के लिए ही उपयुक्त है.

क्यों बढ़ रहा ये चलन

कामा ज्वेलरी की उपाध्यक्ष (बिक्री) सिमरन शाह ने बताया, ‘‘भारत में, अमीर व्यक्तियों के बीच, सोने के बजाय प्लैटिनम, हीरे और अन्य कीमती धातुओं में निवेश करने की प्राथमिकता कई सांस्कृतिक, आर्थिक और सामाजिक कारकों से प्रभावित होती है. इन धातुओं का दुर्लभ होना उन अमीरों के लिए एक प्रमुख आकर्षण का कारण है, जो अपने निवेश को अलग रूप देने के तरीकों की तलाश कर रहे हैं. प्लैटिनम सोने की तुलना में दुर्लभ है, जो इसे विशिष्टता का एहसास कराता है जबकि हीरे को उसकी सुंदरता और खास होने के प्रतीक के रूप में भी देखा जाता है. इसके अलावा, खासकर युवाओं, समृद्ध लोगों के बीच लक्जरी और आधुनिक जीवनशैली विकल्पों की ओर एक सांस्कृतिक बदलाव हुआ है. युवा पीढ़ी अधिक ग्लोबल हो रही है और अंतरराष्ट्रीय फैशन रुझानों के प्रति सजग है, जिसने प्लैटिनम और हीरे की लोकप्रियता में योगदान दिया है.''

प्लैटिनम का उपयोग आभूषण के अलावा वाहन समेत अन्य उद्योगों में भी होता है. बाजार शोध और परामर्श कंपनी ग्रांड व्यू रिसर्च के मुताबिक, भारत में प्लैटिनम आभूषण बाजार का आकार 2024 में लगभग 7,500 करोड़ रुपये होने का अनुमान है और 2030 तक इसके 20,000 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर जाने की उम्मीद है. विपणन संगठन प्लैटनिम गिल्ड इंटरनेशनल के अनुसार, भारत में हर साल प्लैटिनम आभूषणों की मांग 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ रही है. केंद्रीय बजट में सीमा शुल्क में कटौती के बाद वर्ष 2024 की दूसरी छमाही में प्लैटिनम आभूषणों की मांग में 18 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.

हीरे क्यों पसंद

हीरा कंपनी डी बीयर्स इंडिया के प्रबंध निदेशक अमित प्रतिहारी ने कहा, ‘‘अमीर हीरे में निवेश करते हैं क्योंकि यह अत्यधिक खास और अमूल्य एहसास कराता है. हीरे में निवेश करने या इसे उपहार में देने का निर्णय बहुत भावनात्मक होता है. हीरे महिलाओं को उनके आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को बढ़ाने का एक कारण देते हैं. हीरे प्यार और रिश्ते की स्थिति को बनाए रखने का सबसे अच्छा तरीका है. हीरे ने समय के साथ मूल्य में लगातार वृद्धि दिखाई है, जिससे यह एक व्यावहारिक निवेश विकल्प बन गया है. उनका मूल्य सीधे तौर पर इक्विटी शेयर या सोने जैसी पारंपरिक संपत्तियों से संबंधित नहीं है.''

हीरे के आभूषण और निवेश की बढ़ती मांग के साथ देश में हीरा आभूषण बाजार 2023 में 8.5 अरब डॉलर से बढ़कर 2031 तक 17 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है. यह पिछले कई साल से सालाना औसतन लगभग 15 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है. आभूषण विक्रेता कंपनी जोया अलुक्कास ग्रुप के चेयरमैन जोय अलुक्कास ने कहा, ‘‘पिछले पांच वर्षों में, हमने विशेष रूप से अमीर खरीदारों के बीच प्लैटिनम और हीरे के आभूषणों की ओर एक उल्लेखनीय बदलाव देखा है. हालांकि, सोना सबसे लोकप्रिय बना हुआ है, प्लैटिनम की विशिष्टता और अनिश्चित स्थिति में मूल्य के लिहाज से मजबूती ने निवेश और प्रीमियम उपहार विकल्प के रूप में इसके आकर्षण को बढ़ाया है. वित्त वर्ष 2024-25 की बात करें तो लक्जरी और आधुनिक होने के प्रतीक के रूप में प्लैटिनम आभूषणों की मांग में वृद्धि देखी गयी है.जहां तक हीरे का सवाल है, विशेष रूप से व्यक्तिगत उपहार के रूप में, वर्षों से आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.सौंदर्य संबंधी प्राथमिकताओं के अलावा, यह प्रवृत्ति संपत्ति को विभिन्न रूप से संरक्षित करने के रुख को दर्शाती है.''

सोना क्यों पहली पसंद

शाह ने कहा, ‘‘ सोना एक महत्वपूर्ण परिसंपत्ति बना हुआ है, भारत में धनी व्यक्ति जोखिम प्रबंधन के लिए अपने निवेश में विविधता लाने की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं.प्लैटिनम या हीरे में निवेश करना उनके पोर्टफोलियो को संतुलित करने का एक तरीका भी प्रदान करता है...'' यह पूछे जाने पर क्या लोगों को कीमती धातुओं में निवेश करना चाहिए, अलुक्कास ने कहा, ‘‘प्लैटिनम और हीरे जैसी कीमती धातुएं महंगाई के जोखिम से बचाव का अच्छा जरिया है और आदर्श रूप से उन्हें विविध निवेश पोर्टफोलियो का हिस्सा होना चाहिए. नकदी के लिहाज से इन्हें भुनाना आसान है और समय के साथ अपने आंतरिक मूल्य को बनाए रखती हैं.''

निवेश के तरीकों के बारे में पूछे जाने पर शाह ने कहा, ‘‘निवेशक भारत में मान्यता प्राप्त आभूषण विक्रेताओं या कीमती धातु डीलरों से प्लैटिनम छड़ और सिक्के खरीद कर प्लैटिनम में निवेश कर सकते हैं.प्लैटिनम के सिक्के और छड़ विभिन्न मूल्यवर्ग में उपलब्ध हैं और इन्हें सोने की तरह ही लॉकर में रखा जा सकता है. हालांकि, प्लैटिनम के सिक्के सोने की तरह आमतौर पर उपलब्ध नहीं होते हैं. दूसरा तरीका ट्रेडिंग अकाउंट के जरिये प्लैटिनम ईटीएफ (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) में निवेश है.इसके अलावा, नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (एनसीडीईएक्स) प्लैटिनम वायदा अनुबंध की पेशकश करता है.हालांकि, यह सिर्फ अनुभवी कारोबारियों के लिए ज्यादा उपयुक्त है.''

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