Oracle Layoffs: 'आज आपका कंपनी में आखिरी दिन है. Oracle की मौजूदा जरूरतों पर अच्छे से सोच-विचार करने के बाद, कंपनी में स्ट्रक्चरल बदलाव का फैसला लिया गया है, जिसके तहत आपका रोल खत्म किया जाता है.' 14 सितंबर की सुबह कई सारे इम्प्लॉई तो अपनी नींद भी ठीक से पूरी नहीं कर पाए थे, आंख भी अच्छे से नहीं खुली थी कि सुबह-सुबह कंपनी का मेल आ गया. मेल में यही सब लिखा था, जो आपने ऊपर पढ़ा. रिपोर्ट में कर्मियों का ऐसा दावा है. दावा ये भी है कि उन्हें जल्द से जल्द इस मेल पर रिप्लाई करने को कहा गया और कुछ देर में लैपटॉप अपने आप बंद होने के बारे में भी चेताया गया.
ऑरेकल ने एक बार फिर कंपनी में इस तरह छंटनी कर के 31 मार्च 2026 वाले वाकये की याद दिला दी. तब 20-25 हजार लोगों को सुबह-सुबह ऐसे ही एक मेल भेजा गया था, मेल में उनका टर्मिनेशन लेटर था. अब 14 सितंबर की तारीख भी इम्प्लॉईज के लिए मनहूस सुबह लेकर आई.
ऑरेकल ने ये नहीं बताया है कि कंपनी ने कितने लोगों को नौकरी से निकाल दिया है. मई में कंपनी ने बताया था कि तब तक 21,000 लोगों को निकाला जा चुका था. कंपनी की सालाना रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष खत्म होने पर कंपी में कर्मचारिया की संख्या 1.41 लाख रह गई, जो एक साल पहले तक 1.62 लाख बताई गई थी. हालांकि इनमें कर्मचारियों के इस्तीफे, भर्ती कम होने और अन्य कारण भी हो सकते हैं.
समाचार एजेंसी IANS ने रिपोर्ट्स के हवाले से बताया कि छंटनी 14 सितंबर से शुरू हुई और कई विभागों के कर्मचारी प्रभावित हो सकते हैं. कुछ टीमों में कर्मचारियों की संख्या 10% से ज्यादा घटने की आशंका है. कंपनी ने अभी ये नहीं बताया है कि इस दौर में कुल कितनी नौकरियां जाएंगी.
AI पर बिलियनों डॉलर खर्च, दूसरी तरफ कर्मचारियों की छंटनी
ऑरेकल ने कर्मचारियों की छंटनी का नया दौर ऐसे समय में शुरू किया है, जब कंपनी AI और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश कर रही है. छंटनी के बीच कंपनी AI की कंप्यूटिंग जरूरतों को पूरा करने के लिए डेटा सेंटर क्षमता बढ़ाने पर तेजी से पैसा लगा रही है.
कंपनी ने पहली तिमाही में 28.5 बिलियन डॉलर का पूंजीगत खर्च बताया, जबकि एक साल पहले समान अवधि में यह 8.5 बिलियन डॉलर था. Oracle ने वित्त वर्ष 2027 के लिए 90 बिलियन डॉलर से 95 बिलियन डॉलर के बीच कैपिटल एक्सपेंडिचर का अनुमान बरकरार रखा है. इसका बड़ा हिस्सा AI कंप्यूटिंग और डेटा सेंटर विस्तार से जुड़ा है.
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ऑरेकल एक तरफ AI सर्वर, डेटा सेंटर, बिजली, नेटवर्क और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश बढ़ा रही है, दूसरी तरफ वेतन और रोजमर्रा के ऑपरेशनल खर्च पर नियंत्रण करना चाहती है. कंपनी को AI सेवाओं की बढ़ती मांग का लाभ उठाने के लिए बहुत महंगा इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना पड़ रहा है. यही वजह है कि वह खर्च घटाने के लिए संगठन को री-स्ट्रक्चर कर रही है.
री-स्ट्रक्चर प्लान का हवाला दे रही कंपनी
कंपनी ने अपने वित्त वर्ष 2026 के री-स्ट्रक्चरिंग प्लान की अनुमानित लागत भी करीब 2.8 बिलियन डॉलर तक बढ़ाई है. इसमें कर्मचारियों को मिलने वाला सेवरेंस, कॉन्ट्रैक्ट समाप्त करने की फीस और संगठनात्मक बदलाव से जुड़े दूसरे खर्च शामिल हैं.
यह घटनाक्रम दिखाता है कि AI की तेजी से बढ़ती दौड़ में बड़ी टेक कंपनियां एक मुश्किल संतुलन बनाने की कोशिश कर रही हैं- भविष्य की AI क्षमता पर भारी निवेश भी करना है और वर्तमान खर्च भी काबू में रखना है. Oracle की नई छंटनी को इसी रणनीति के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है.
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