रसोई के बजट से परेशान आम जनता के लिए बड़ी राहत की खबर है. दिल्ली समेत देश के कई बड़े शहरों में प्याज के दाम 55 से 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुके थे. इस बढ़ती महंगाई पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने आज यानी 27 अगस्त से दिल्ली में 35 रुपये प्रति किलो के रियायती दाम पर प्याज बेचने की शुरुआत कर दी है.
त्योहारों का सीजन शुरू होने से पहले सरकार का यह कदम आम लोगों की जेब का बोझ काफी हल्का करेगा.उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी इस पहल की शुरुआत करेंगे.
नासिक से ‘कांदा एक्सप्रेस' के जरिए आ रही प्याज
दिल्ली और आसपास के इलाकों में प्याज की कोई कमी न हो, इसके लिए महाराष्ट्र के नासिक से खास 'कांदा एक्सप्रेस' मालगाड़ी के जरिए प्याज की बड़ी खेप भेजी जा रही है. अकेले NCCF नासिक से 400 टन प्याज मंगवा रहा है. वहीं नेफेड (Nafed) के जरिए भी 800 टन प्याज की पहली बड़ी खेप दिल्ली लाई जा चुकी है. आने वाले दिनों में देश के अन्य राज्यों जैसे चेन्नई, गुवाहाटी, कोच्चि और वाराणसी में भी इसी तरह प्याज की सप्लाई बढ़ाई जाएगी.
कहां और कैसे मिलेगी 35 रुपये वाली सस्ती प्याज?
सरकार ने आम जनता तक आसानी से प्याज पहुंचाने के लिए पूरी तैयारी कर ली है
केंद्रीय भंडार: दिल्ली के 100 केंद्रीय भंडार स्टोर्स पर आज से ही यह प्याज उपलब्ध होगी. सरकार मदर डेयरी से बात कर रही है ताकि उनके 300 से ज्यादा सफल (Safal) आउटलेट्स पर भी 35 रुपये किलो प्याज मिल सके.
शुरुआत में 15 मोबाइल वैन के जरिए दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में जाकर प्याज बेची जाएगी. बाद में इन गाड़ियों की संख्या बढ़ाकर 40 कर दी जाएगी.
एनसीसीएफ और नेफेड ये दोनों सहकारी संस्थाएं भी अपने-अपने आउटलेट्स के ज़रिए रियायती दरों पर प्याज की बिक्री करेंगी.
अचानक क्यों महंगी हो गई प्याज?
अगर पिछले एक महीने के आंकड़ों पर नजर डालें, तो देश भर में प्याज के औसतन खुदरा दाम करीब 28% तक बढ़ चुके हैं. एक महीने पहले जो प्याज औसतन 34.80 रुपये किलो बिक रही थी, उसका भाव बढ़कर 44.72 रुपये हो गया. वहीं चेन्नई और कोलकाता जैसे शहरों में तो यह 60 रुपये किलो के पार पहुंच गई.
मानसून के दौरान खराब मौसम, ट्रांसपोर्ट की दिक्कतें और त्योहारों के आते ही बढ़ी मांग की वजह से सप्लाई चेन पर दबाव पड़ा है. इसी वजह से अचानक प्याज की कीमतें आसमान छूने लगीं.
घबराने की जरूरत नहीं, देश में पर्याप्त है स्टॉक
कीमतों में उछाल के बावजूद सरकार का साफ कहना है कि देश में प्याज की कोई किल्लत नहीं है. सरकार के पास राज्यों में करीब 1.21 लाख टन का बफर स्टॉक मौजूद है, जिसमें से यह प्याज बाजार में उतारी जा रही है. इसके अलावा, इस साल देश में करीब 307.37 लाख टन प्याज उत्पादन का अनुमान है, जो पिछले साल के लगभग बराबर है.
दिल्ली से शुरुआत, सप्ताहांत तक पूरे NCR में राहत
केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के मुताबिक, इस योजना की शुरुआत आज दिल्ली से हो रही है और इस वीकेंड तक इसे पूरे NCR (नोएडा, गाजियाबाद, गुड़गांव, फरीदाबाद) में लागू कर दिया जाएगा. इसके बाद चंडीगढ़, लुधियाना, वाराणसी और दक्षिण भारत के शहरों में भी सस्ती प्याज की बिक्री शुरू होगी.
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