विज्ञापन

अब UPI एकदम फ्री क्यों नहीं रहेगा, चार्ज वसूली की NPCI ने बताई वजह; कहां इस्तेमाल होगी यह रकम

UPI ऑपरेशन को बनाए रखने की सालाना लागत लगभग 20,000 करोड़ रुपये है. नए मॉडल का मकसद सरकारी सब्सिडी पर निर्भरता कम करना है.

NPCI ने बताया है कि पर्सन टू पर्सन ट्रांजैक्शन पर कोई चार्ज नहीं लगेगा.
NDTV

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने यूपीआई पेमेंट के लिए नया स्लैब लागू किया है. नए स्लैब के मुताबिक, अब 2000 से ज्यादा के मर्चेंट यूपीआई लेनेदेन पर चार्ज देना होगा. ये चार्ज ग्राहक को नहीं, बल्कि मर्चेंट की ही देना होगा. हालांकि 1 लाख महीने से कम आय वाले मर्चेंट को कोई चार्ज नहीं देना होगा. लेकिन सवाल ये है कि आखिर NPCI को ये फैसला क्यों लेना पड़ा और मर्चेंट लेनदेन से वसूला जाने वाला पैसा किस काम में लिया जाएगा? 

NPCI ने मंगलवार को FAQs का एक सेट जारी किया है. इसमें सभी सवालों के जवाब दिए गए हैं. इसमें कहा गया कि UPI हर महीने अरबों ट्रांज़ैक्शन प्रोसेस करता है और सिस्टम को अभी के लेवल पर चलाने के लिए सर्वर इंफ्रास्ट्रक्चर, बैंडविड्थ, फ्रॉड रोकने, साइबर सिक्योरिटी और टेक्निकल सपोर्ट पर काफी खर्च करना पड़ता है.

20 हजार करोड़ सरकार करती है खर्च

अथॉरिटी के बताए गए इंडस्ट्री के अनुमानों के मुताबिक, UPI ऑपरेशन को बनाए रखने की सालाना लागत लगभग 20,000 करोड़ रुपये है. नए मॉडल का मकसद सरकारी सब्सिडी पर निर्भरता कम करना है. NPCI ने इसे इंडस्ट्री की ऑपरेटिंग लागत को पूरा करने के लिए एक परमानेंट सिस्टम के बजाय डिजिटल-पेमेंट अपनाने के लिए शॉर्ट-टर्म सपोर्ट बताया है.  

UPI ट्रांजैक्शन पर MDR से होने वाले रेवेन्यू से इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी इन्वेस्टमेंट के लिए ज़्यादा अनुमानित फंडिंग स्ट्रीम मिलने की उम्मीद है. अकेले अगस्त 2026 में UPI ने 29.9 लाख करोड़ रुपये के 2,451 करोड़ ट्रांज़ैक्शन प्रोसेस किए. ये इस बात की तस्दीक करता है कि पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर अब किस लेवल पर काम कर रहा है.

नए स्लैब के तहत किस पर कितना चार्ज लगेगा?

NPCI के मुताबिक, 1 लाख से अधिक मासिक टर्नओवर वाले मर्चेट को 2,000 तक के पेमेंट पर कोई चार्ज नहीं लगेगा. 2,000 से अधिक के पेमेंट पर मर्चेंट को 0.4% का MDR देना होगा. उदाहरण के लिए 5000 रुपये के पेमेंट पर व्यापारी को 0.4% यानी 20 रुपये चार्ज देना होगा.

75,000 और उससे अधिक के पेमेंट पर MDR की अधिकतम सीमा 300 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन होगी. यानी 1 लाख रुपये के पेमेंट पर 0.4% के हिसाब से 400 रुपये नहीं, बल्कि केवल 300 रुपये ही चार्ज देना होगा.

यह भी पढ़ें: दो हजार तक फ्री, उसके बाद लगेगा चार्ज... UPI पेमेंट को लेकर नए स्लैब का ऐलान

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
NPCI, NPCI Rules, UPI Charge
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com