आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस,जिस स्पीड से आगे जा रहा है, उससे टेक इंडस्ट्री हैरान है.भारतीय आईटी सेक्टर, जो सालों से दुनिया का बैक ऑफिस रहा, आज एक बड़े बदलाव पर खड़ा है. इसी बड़े मुद्दे पर एनडीटीवी इमर्जिंग बिजनेस कॉन्क्लेव में देश के जाने-माने टेक लीडर और एचसीएल टेक्नोलॉजीज के पूर्व सीईओ विनीत नायर ने एनडीटीवी से खास बातचीत की. जब उनसे पूछा गया कि अगर आज वो किसी भारतीय आईटी कंपनी को लीड कर रहे होते, तो एआई की इस दुनिया में कंपनी को नंबर वन बनाए रखने के लिए उनके क्या 3 प्लान होते? इसके लिए नायर ने वैल्यू क्रिएशन से लेकर नए बिजनेस मॉडल के बारे में बताया.
'वैल्यू क्रिएशन पर फोकस करें'
विनीत नायर ने कहा कि भारतीय आईटी कंपनियों को अब पुरानी सोच छोड़नी होगी. सालों से भारतीय कंपनियां कम लागत में काम करके वैश्विक बाजार में मुनाफा कमाती रही हैं. लेकिन एआई अब वो सारा बेसिक काम बहुत कम समय और बिना किसी खर्च के कर सकता है. इसलिए, पहला प्लान यही होना चाहिए कि कंपनियां अब सिर्फ कोड लिखने या मेंटेनेंस का काम ना करें, बल्कि क्लाइंट के बिजनेस में वैल्यू ऐड करें. ऐसे एआई बेस्ड सॉलूशन्स बनाने होंगे जो ग्राहकों की हर समस्याओं को हल कर सकें.
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— NDTV (@ndtv) June 29, 2026
If you were to lead an Indian IT company today, what would be your 3 strategies to keep that company relevant in this AI-disrupted world?
Hear out @vineetnayar's response to NDTV's @suchetanaray. pic.twitter.com/X9FIslmMuv
वर्कफोर्स की री-स्किलिंग
विनीत नायर ने दूसरे प्लान में बताया कि कर्मचारियों को एआई से बचना नहीं है. उन्हें उसके अनुसार बनना होगा. एआई लोगों की नौकरियां नहीं छीनेगा, बल्कि एआई का इस्तेमाल करने वाले लोग दूसरों की नौकरियां ले लेंगे. इसलिए आईटी कंपनियों को अपने डेवलपर्स और इंजीनियरों को अपस्किल करना होगा. उन्हें जेनेरेटिव एआई, डेटा एनालिटिक्स और प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग में बेहतर बनाना होगा, जिससे वो नॉर्मल कोडर से आगे एआई आर्किटेक्ट बन सकें.
इनोवेशन पार्टनर बनना
तीसरा और सबसे जरूरी प्लान है अपने बिजनेस मॉडल को पूरी तरह बदलना. अब तक आईटी कंपनियां हर घंटे या प्रति व्यक्ति के हिसाब से पैसे लेती थीं. एआई के आने के बाद ये मॉडल नहीं चलने वाला क्योंकि काम बहुत तेजी से हो रहा है. अब कंपनियों को आउटकम-बेस्ड मॉडल पर आना होगा. यानी काम के रिजल्ट के बेस पर कमाई. साथ ही कंपनियों को सर्विस प्रोवाइडर के रोल से निकलकर क्लाइंट्स का इनोवेशन पार्टनर बनना होगा, जिससे उनका बिजनेस एआई की मदद से आगे बढ़ सके.
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