अमेजॉन, नेटफ्लिक्स, जीरोधा, सुजुकी, महिंद्रा जैसी बड़ी-बड़ी कंपनियों को सर्विस देने वाली कंपनी ZOHO पिछले दिनों अपनी वैल्युएशन (1.04 लाख करोड़ रुपये) को लेकर चर्चा में थी. कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजमेंट (CRM) सॉल्युशन प्रोवाइड कराने वाली कंपनी भले ही शेयर मार्केट में लिस्ट नहीं है, लेकिन इसके क्लाइंट लिस्ट बड़ी-बड़ी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं. बहरहाल इन दिनों कंपनी के फाउंडर और CEO श्रीधर वेम्बू (Sridhar Vembu) अपनी पत्नी प्रमिला श्रीनिवासन (Pramila Srinivasan) के साथ चल रहे तलाक के मामले को लेकर चर्चा में हैं. चर्चा में इसलिए भी हैं कि तलाक के लिए उन्हें पत्नी को 15 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा देने होंगे. दरअसल, अमेरिका में कैलिफोर्निया की एक अदालत ने इस मामले में उन्हें 1.7 बिलियन डॉलर रुपये के बॉन्ड जमा करने का आदेश दिया है. भारतीय रुपये में इसकी वैल्यू करीब 15,345 करोड़ रुपये होगी और इस वजह से इस मामले भारत का सबसे महंगा तलाक बताया जा रहा है. आपको बता दें कि कोर्ट का ये ऑर्डर एक साल पुराना है लेकिन कोर्ट का ये ऑर्डर अब एक्सेस किया गया है.
पत्नी संग रिश्ते में खटास की कहानी कैसे शुरू हुई?
श्रीधर वेम्बू की पत्नी प्रमिला श्रीनिवासन अमेरिका में शिक्षाविद और बिजनेसवुमन हैं. वेम्बू ने IIT-मद्रास से पढ़ाई की. इसके बाद वो अमेरिका चले गए, जहां 1989 में प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से पीएचडी पूरी की. 1993 में उन्होंने प्रमिला श्रीनिवासन से शादी की. साल 1996 में उन्होंने एडवेंटनेट की शुरुआत की, जो बाद में ZOHO हो गया. वेम्बू और प्रमिला, दोनों करीब 30 साल कैलिफोर्निया में रहे. दोनों का 26 साल का एक बेटा है.
कहा जा रहा है कि वेम्बू के भारत लौटने के बाद दोनों के रिश्ते में खटास आनी शुरू हुई. साल 2019 में वेम्बु भारत लौट आए. उन्होंने तमिलनाडु के अपने पैतृक गांव मथलमपराई से कंपनी ऑपरेट करना शुरू किया. भारत लौटने के 2 साल बाद 2021 में उन्होंने तलाक की याचिका दायर की.

पत्नी प्रमिला ने वेम्बू पर क्या-क्या आरोप लगाए हैं?
प्रमिला ने कोर्ट में दावा किया है कि वेम्बु ने उन्हें और उनके बेटे को छोड़ दिया है. उनका ये भी आरोप है कि वेम्बु ने जोहो के शेयर और कंपनी प्रॉपर्टी को कॉम्प्लेक्स ट्रांजैक्शन के जरिये भारत ट्रांसफर कर दिया. प्रमिला का दावा है कि ये सब बिना उनकी जानकारी या सहमति के हुआ.
उन्होंने ये भी आरोप लगाया है कि श्रीधर ने कंपनी के ज्यादातर शेयर अपनी बहन राधा वेम्बु और भाई सेकर/शेखर के हिस्से दे दिए. बहन राधा के पास कंपनी के 47.8%, जबकि भाई के पास 35.2% शेयर हैं. वहीं वेम्बु के पास केवल 5% शेयर हैं. हालांकि इन 5% शेयरों की वैल्यू ही 225 मिलियन डॉलर बताई जाती है.
कोर्ट में अपील करेंगे वेम्बू
कोर्ट में वेम्बू की ओर से क्रिस्टोफर सी मेल्चर पक्ष रख रहे हैं. उन्होंने इस मामले में सफाई भी दी है. मेल्चर ने 1.7 बिलियन डॉलर के बॉन्ड ऑर्डर को 'अमान्य' बताया और कहा कि इसके खिलाफ अपील की गई है. एक X पोस्ट में उन्होंने लिखा कि प्रमिला के वकील ने कोर्ट को पूरी तरह गुमराह किया है. उनके मुताबिक, श्रीधर ने अपनी पत्नी को कंपनी के 50% शेयर ऑफर किए थे, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार करने से मना कर दिया.
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