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मेटा, अमेजन के बाद अब माइक्रोसॉफ्ट ने चलाई नौकरियों पर कैंची, 4800 कर्मचारियों को निकाला बाहर

Microsoft Layoffs 2026: टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने अपने वर्कफोर्स में से करीब 2.1% यानी 4,800 कर्मचारियों की छंटनी करने का ऐलान किया है. कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा खर्च कर रही है, जिसके चलते ये फैसला लिया गया.

मेटा, अमेजन के बाद अब माइक्रोसॉफ्ट ने चलाई नौकरियों पर कैंची, 4800 कर्मचारियों को निकाला बाहर
माइक्रोसॉफ्ट ने 4800 कर्मचारियों को निकालने का फैसला लिया है. एआई की वजह से कंपनी की कॉस्ट लगातार बढ़ रही है.
NDTV
  • माइक्रोसॉफ्ट ने एफिशिएंसी बढ़ाने और एआई पर निवेश के लिए 4800 कर्मचारियों को निकालने का फैसला लिया है
  • ये छंटनी कंपनी के कुल वर्कफोर्स का लगभग 2.1% है और नया फाइनेंशियल ईयर शुरू होते ही की गई है
  • एआई पर बढ़ता खर्च और नए डेटा सेंटर बनाने के भारी निवेश ने माइक्रोसॉफ्ट के कैश फ्लो पर नेगेटिव असर डाला है

Microsoft Layoffs 2026: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की रेस ने टेक इंडस्ट्री में एक बार फिर नौकरियों पर कैंची चला दी है. दुनिया की बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनियों में शुमार माइक्रोसॉफ्ट ने बड़ा झटका देते हुए अपने करीब 4,800 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का फैसला लिया है. कंपनी ने अपनी एफिशिएंसी बढ़ाने और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश के लिए ये बड़ा फैसला लिया है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ये छंटनी माइक्रोसॉफ्ट के टोटल वर्कफोर्स का करीब 2.1% है. ये ले ऑफ ऐसे समय में किया गया है जब कंपनी का नया फाइनेंशियल ईयर शुरू हो रहा है और माइक्रोसॉफ्ट अक्सर जून-जुलाई के महीने में नए बजट के हिसाब से अपनी रीस्ट्रक्चरिंग करती है.

एआई का बढ़ता खर्च बना मुसीबत

आज के समय में बिग टेक कंपनियों के बीच एआई को इस्तेमाल करने की होड़ मची हुई है. रॉयटर्स के अनुसार, इस साल बड़ी टेक कंपनियों का एआई पर टोटल इन्वेस्टमेंट $700 बिलियन डॉलर के पार जाने वाला है. इस खर्च की वजह से कंपनियों पर रिटर्न दिखाने और अपनी कॉस्ट कम करने का प्रेशर बना हुआ है. माइक्रोसॉफ्ट के क्लाउड-कंप्यूटिंग बिजनेस एज्योर को ओपनएआई के मॉडल्स बेचने का एक्सक्लूसिव राइट मिला हुआ था, जिससे इसकी डिमांड तो बढ़ी, लेकिन नए डेटा सेंटर्स बनाने के जबरदस्त खर्च ने कंपनी के कैश फ्लो पर नेगेटिव असर डाला.

शेयर बाजार में कंपनी की स्थिति बिगड़ी

माइक्रोसॉफ्ट के लिए साल 2026 की शुरुआत अच्छी नहीं रही. साल के पहले छह महीनों में कंपनी के शेयरों में करीब 23% की बड़ी गिरावट देखी गई, जो कि 2022 के बाद इसका सबसे खराब प्रदर्शन है. इस दबाव से निकलने के लिए कंपनी ने इससे पहले साल की शुरुआत में ही अपने लगभग 7% अमेरिकी कर्मचारियों यानी करीब 9,000 लोगों को वॉलंटरी बायआउट का ऑफर भी दिया था.

ये फैसला जरूरी था- गेमिंग हेड, माइक्रोसॉफ्ट

माइक्रोसॉफ्ट की गेमिंग कारोबार की हेड आशा शर्मा ने बताया कि, "अब इस बिजनेस में बड़े बदलाव करने की जरूरत है. कंपनी का मुनाफा घटकर सिर्फ 3% रह गया, इसलिए कारोबार को संभालने के लिए ये फैसला लिया गया. एक्टिविजन ब्लिजार्ड किंग को छोड़कर कंपनी ने पिछले पांच सालों में गेम कंटेंट, प्लेटफॉर्म और हार्डवेयर पर सब्सिडी देने के साथ कई एरिया में 20 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश किया. बावजूद इसके कंपनी की सालाना कमाई में करीब 50 करोड़ डॉलर की गिरावट आई." 

सिर्फ माइक्रोसॉफ्ट नहीं, पूरी टेक इंडस्ट्री में छंटनी का दौर

रॉयटर्स के अनुसार माइक्रोसॉफ्ट के इस फैसले का सबसे ज्यादा असर सेल्स, कंसल्टिंग और एक्सबॉक्स गेमिंग डिवीजन के कर्मचारियों पर देखने मिलेगा. हालांकि, टेक इंडस्ट्री में अकेले माइक्रोसॉफ्ट ही ऐसा नहीं कर रही है. एआई की इस रेस में एमेजन और मेटा जैसी बड़ी कंपनियों ने भी इस साल अपने हजारों कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया.

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