विज्ञापन

ओडिशा बनेगा पूर्वी भारत का 'आर्थिक दिल', करण अदाणी बोले- ₹1.08 लाख करोड़ के निवेश लाएगा औद्योगिक क्रांति

अदाणी एंटरप्राइजेज, IHC और ओडिशा सरकार के बीच ₹1.08 लाख करोड़ का ऐतिहासिक MoU साइन हुआ. करण अदाणी ने कहा कि ओडिशा पूर्वी भारत का आर्थिक दिल है और इसके बिना विकसित भारत 2047 का सपना अधूरा है. जानें इस मेगा प्रोजेक्ट की पूरी डिटेल.

ओडिशा बनेगा पूर्वी भारत का 'आर्थिक दिल', करण अदाणी बोले- ₹1.08 लाख करोड़ के निवेश लाएगा औद्योगिक क्रांति
NDTV File Photo

भारत को साल 2047 तक विकसित भारत बनाने के मिशन में एक और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है. अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड, इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी और ओडिशा सरकार के उद्योग विभाग के बीच एक मेगा इन्वेस्टमेंट डील पर मुहर लग गई है. इस ऐतिहासिक समझौता के जरिए ओडिशा में 11.5 बिलियन डॉलर यानी करीब 1.08 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, जो वैश्विक स्तर पर एल्युमिनियम इकोसिस्टम में अब तक के सबसे बड़े निवेशों में से एक है. इस मौके पर अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड के एमडी करण अदाणी ने स्टेट की इंडस्ट्री और आर्थिक विकास को लेकर कंपनी के विजन को साझा किया.

"विकसित भारत के लिए जरूरी 'समृद्ध ओडिशा' 2036"

समारोह को संबोधित करते हुए करण अदाणी ने पीएम मोदी के विजन की बात करते हुए कहा, "पीएम मोदी की लीडरशिप में भारत ने साल 2047 तक विकसित भारत का एक महान राष्ट्रीय मिशन तय किया है. इस तरह के मेगा प्रोजेक्ट्स उसी विजन को पूरा करने की दिशा में मजबूत कदम हैं. एक विकसित भारत का सपना तभी सच होगा जब ओडिशा का विकास होगा और इसके लिए साल 2036 तक एक 'समृद्ध ओडिशा' को बनाना बहुत जरूरी है."

उन्होंने आगे कहा कि अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने हमेशा ओडिशा को पूर्वी भारत के आर्थिक विकास के दिल के रूप में देखा है. वो ओडिशा में सिर्फ प्राकृतिक संसाधन ही नहीं, बल्कि यहां के लोगों का जुझारूपन और उनकी अटूट ताकत भी देखते हैं.

दुनिया का सबसे बड़ा एल्युमिनियम इकोसिस्टम

ये प्रोजेक्ट सिर्फ एक बड़ा निवेश नहीं है, बल्कि भारत के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है. अदाणी ग्रुप के एमडी करण अदाणी ने बताया कि ये पूरा प्रोजेक्ट एल्युमिनियम उत्पादन से लेकर वैल्यू-एडेड मैन्युफैक्चरिंग तक की पूरी चेन को एक जगह विकसित करेगा. इस प्रोजेक्ट में करीब 40 लाख टन सालाना क्षमता की एलुमिना रिफाइनरी, 20 लाख टन सालाना क्षमता का एल्युमिनियम स्मेल्टर और 10 लाख टन सालाना क्षमता वाला डाउनस्ट्रीम एल्युमिनियम पार्क बनाया जाएगा. इसके अलावा, प्रोजेक्ट को ऊर्जा देने के लिए 4,000 मेगावाट का कैप्टिव पावर प्लांट और 400 मेगावाट की ग्रीन एनर्जी क्षमता भी विकसित की जाएगी.

करण अदाणी ने कहा कि ओडिशा इस प्रोजेक्ट के लिए सबसे सही जगह है, क्योंकि यहां देश का सबसे बड़ा बॉक्साइट भंडार मौजूद है. राज्य में भारत के 50% से ज्यादा आयरन ओर भंडार भी हैं. साथ ही कोयला, क्रोमाइट, मैंगनीज, चूना पत्थर और डोलोमाइट जैसे अहम खनिज भी यहां मौजूद हैं. ये प्रोजेक्ट ओडिशा को सिर्फ कच्चा माल सप्लाई करने वाले राज्य से आगे बढ़ाकर वैल्यू-एडेड मैन्युफैक्चरिंग हब में बदलने में मदद करेगा, जिससे रोजगार, निवेश को बड़ा बढ़ावा मिलेगा.

राज्य में होगी रोजगारों की बौछार

ये प्रोजेक्ट ओडिशा की अर्थव्यवस्था और लोगों के जीवन पर बड़ा सकारात्मक असर डालेगा. सबसे ज्यादा फायदा रोजगार और स्थानीय कारोबार को मिलने की उम्मीद है. प्रोजेक्ट के कंस्ट्रक्शन के दौरान करीब 35,000 लोगों को रोजगार मिलेगा. वहीं, प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद लगभग 18,500 लोगों के लिए सीधे और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे. करण अदाणी ने कहा कि ये सिर्फ एक औद्योगिक परियोजना नहीं है, बल्कि ओडिशा के लोगों के भविष्य से जुड़ा एक प्रयास है. उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट का मकसद स्थानीय युवाओं के लिए नए अवसर तैयार करना और छोटे-बड़े कारोबारियों को आगे बढ़ने का मौका देना है. उन्होंने ओडिशा के लोगों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि ये प्रोजेक्ट राज्य के लोगों का है. इससे लोकल उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, नए निवेश आएंगे.

(Disclaimer: New Delhi Television is a subsidiary of AMG Media Networks Limited, an Adani Group Company.)

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Karan Adani
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com