भारत का वस्तु एवं सेवा कर संग्रह (Goods and Services Tax Collection) इस साल मार्च में पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 9.9 प्रतिशत बढ़कर 1.96 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया, जो आर्थिक गतिविधियों के उच्च स्तर और बेहतर अनुपालन को दर्शाता है. जीएसटी कलेक्शन (GST collections) इस साल फरवरी में दर्ज 1.84 लाख करोड़ रुपए के राजस्व से 6.8 प्रतिशत अधिक रहा.
मार्च में ग्रॉस जीएसटी रेवेन्यू (GST revenue) में केंद्रीय जीएसटी से 38,100 करोड़ रुपए, राज्य जीएसटी से 49,900 करोड़ रुपए, इंटीग्रेटेड जीएसटी से 95,900 करोड़ रुपए और कंपनसेशन सेस से 12,300 करोड़ रुपए शामिल थे.इसकी तुलना में फरवरी में केंद्रीय जीएसटी कलेक्शन 35,204 करोड़ रुपए, राज्य जीएसटी 43,704 करोड़ रुपए, इंटीग्रेटेड जीएसटी 90,870 करोड़ रुपए और कंपनसेशन सेस 13,868 करोड़ रुपए रहा.
-
पीएम मोदी के ग्लोबल विजन से लेकर RBI गवर्नर के बड़े बयान तक, अखबारों के फ्रंट पेज पर छाया NDTV समिट -
'भारतीय दयालु, ईमानदार और बुद्धिमान होते हैं', खामेनेई ने अपने प्रतिनिधि को भारत भेजते समय क्या कहा था? -
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
जीएसटी कलेक्शन में योगदान देने वाले टॉप राज्य
मार्च में जीएसटी कलेक्शन में योगदान देने वाले टॉप पांच राज्यों में महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश शामिल थे.महाराष्ट्र ने मार्च में 31,534 करोड़ रुपए का भुगतान किया, जो पिछले साल मार्च की तुलना में 14 प्रतिशत अधिक है, जबकि कर्नाटक ने 13,497 करोड़ रुपए का भुगतान किया, जो सालाना आधार पर 4 प्रतिशत की वृद्धि है.गुजरात ने 12,095 करोड़ रुपए का योगदान दिया, जो मार्च 2024 से 6 प्रतिशत अधिक है.तमिलनाडु ने 11,017 करोड़ रुपए का भुगतान किया, जो 7 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है, जबकि उत्तर प्रदेश ने 9,956 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया, जो सालाना आधार पर 10 प्रतिशत की वृद्धि है.
दिल्ली छठा सबसे बड़ा भुगतानकर्ता रहा, जिसने 6,139 करोड़ रुपए का योगदान दिया, जो मार्च 2024 से 5 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है.
बिहार ने सबसे कम जीएसटी भुगतान किया दर्ज
बिहार ने सबसे कम जीएसटी भुगतान दर्ज किया, जिसमें मार्च 2025 में बकाया राशि केवल 2.6 करोड़ रुपए थी. लक्षद्वीप और आंध्र प्रदेश ने क्रमशः 3 करोड़ और 4.033 करोड़ रुपए के साथ थोड़ा बेहतर प्रदर्शन किया.हालांकि, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह ने अपने जीएसटी भुगतान में 60 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जो 51 करोड़ रुपए थी.
पिछले साल की समान अवधि की तुलना में जनवरी में 12.5 प्रतिशत की दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज करने के बाद फरवरी के दौरान जीएसटी कलेक्शन 9.1 प्रतिशत बढ़कर 1,83,646 करोड़ रुपए हो गया.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं